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26 जनवरी की परेड में झांकियों के चयन होने के क्या हैं नियम, दिल्ली की झांकी शामिल ना होने पर क्यों मचा बवाल?
Tableaux Selection Process On Republic Day: 26 जनवरी 2024 को कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। केंद्र और राज्य सरकारें इसे भव्य बनाने में जुटी हैं। इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने 2025 गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली की झांकी न शामिल करने पर बीजेपी की कड़ी आलोचना की। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की झांकी लगातार बाहर होने पर बीजेपी पर निशाना साधा है, बता दें, दिल्ली की झांकी आखिरी बार 2021 गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई थी।
हालांकि, झांकी चयन की प्रक्रिया राजनीति से अलग होती है। गणतंत्र दिवस परेड के लिए झांकियों का चयन एक स्वतंत्र समिति द्वारा किया जाता है। समिति विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रस्तावों की समीक्षा कर अंतिम सूची तय करती है। आइए जानते हैं 26 जनवरी में परेड में झांकी शामिल होने की प्रक्रिया क्या है?

कई समय पहले शुरु हो जाती है चयन प्रक्रिया
गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियां काफी पहले शुरू हो जाती हैं। झांकियों की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय को दी जाती है, जो तय करता है कि किस राज्य या विभाग की झांकी शामिल होगी। इसके लिए एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई जाती है, जिसमें आर्ट, कल्चर, पेंटिंग, स्कल्पचर, म्यूजिक, आर्किटेक्चर, और कोरियोग्राफी के विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह कमिटी राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों से प्राप्त झांकियों के प्रस्तावों की समीक्षा करती है। विषय, डिजाइन, और विजुअल इंपैक्ट के आधार पर झांकियों का चयन कर सिफारिशें रक्षा मंत्रालय को भेजती है।
चयन प्रक्रिया में एक्सपर्ट कमिटी पहले चरण में झांकियों के स्केच और डिज़ाइन की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन के सुझाव देती है। स्वीकृति के बाद प्रतिभागियों से 3-डी मॉडल प्रस्तुत करने को कहा जाता है, लेकिन मॉडल प्रस्तुत करना चयन की गारंटी नहीं देता। फाइनल चयन के लिए 6-7 राउंड की बैठकों में कमिटी 3-डी मॉडल की जांच करती है। हर चरण में कुछ प्रस्ताव खारिज किए जाते हैं और कुछ शॉर्टलिस्ट होते हैं। चयन प्रक्रिया में डिज़ाइन, विषय, और विजुअल इंपैक्ट अहम होते हैं।
रक्षा मंत्रालय चयन करता है
गणतंत्र दिवस परेड में उत्कृष्ट झांकियों का चयन सुनिश्चित करने के लिए, चयन प्रक्रिया के बाद रक्षा मंत्रालय चयनित प्रतिभागियों को एक ट्रैक्टर और ट्रेलर प्रदान करता है। यदि कोई झांकी अतिरिक्त वाहन शामिल करना चाहती है, तो उसे स्वयं व्यवस्था करनी होती है और इसके लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ती है।
कैसे होता है झांकियों का चयन
मंत्रालय के अनुसार, हर तीन साल में 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को झांकी के लिए भाग लेने की अनुमति दी जाती है। दिल्ली 2025 के लिए चुना गया था, लेकिन झांकी चयन समिति ने इसे मंजूरी नहीं दी। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, रोस्टर के तहत 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का चयन हुआ। दो राज्य तैयार नहीं थे और दो अनुपस्थित रहे। समिति ने दिल्ली को मंजूरी नहीं दी, जबकि कुल पांच अन्य राज्यों का चयन किया गया।
ये राज्य की झांकियां होंगी शामिल
गणतंत्र दिवस परेड 2025 के लिए बिहार, झारखंड, चंडीगढ़, कर्नाटक, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, और पश्चिम बंगाल की झांकियों को चयन समिति ने शामिल किया है।



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