Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
Republic Day 2026 Vichar: गणतंत्र दिवस पर पढ़ें इन महापुरुषों के वो विचार जिन्होंने देश की तकदीर बदल दी
Freedom Fighters Inspiring Thoughts On Republic Day: 26 जनवरी 1950 को जब भारत का संविधान लागू हुआ, तो वह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, बलिदान और सपनों का प्रतिबिंब था। महात्मा गांधी की अहिंसा, भगत सिंह का इंकलाब, सुभाष चंद्र बोस का साहस और बाबा साहेब अंबेडकर की दूरदर्शिता इन सबने मिलकर एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहाँ हर नागरिक आज़ाद और समान हो।
77वें गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर, आइए उन महापुरुषों के ओजस्वी विचारों को फिर से जीवित करें, जिन्होंने गुलाम भारत की तकदीर बदली और हमें लोकतंत्र का उपहार दिया। ये विचार आज भी हर भारतीय को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।

महापुरुषों के अनमोल विचार क्रांतिकारियों की हुंकार
भगत सिंह: "व्यक्तियों को कुचलकर वे विचारों को नहीं मार सकते।"
सुभाष चंद्र बोस: "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा!"
चंद्रशेखर आजाद: "दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।"
रामप्रसाद बिस्मिल: "सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है।"
बाल गंगाधर तिलक: "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।"
संविधान निर्माताओं के विचार
डॉ. बी.आर. अंबेडकर: "संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन का एक माध्यम है।"
डॉ. राजेंद्र प्रसाद: "हमें अपनी स्वतंत्रता का उपभोग इस तरह करना चाहिए कि वह दूसरों की स्वतंत्रता में बाधक न बने।"
जवाहरलाल नेहरू: "लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सतर्कता ही एकमात्र कीमत है।"
सरदार वल्लभभाई पटेल: "शक्ति के अभाव में विश्वास किसी काम का नहीं। विश्वास और शक्ति, दोनों शांतिपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक हैं।"
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन: "लोकतंत्र केवल सरकार का एक रूप नहीं है, बल्कि यह एक साथ रहने और अनुभव साझा करने का एक तरीका है।"
शांति और सत्य का मार्ग
महात्मा गांधी: "अहिंसा कायरता की आड़ नहीं है, अहिंसा वीर का सर्वोच्च गुण है।"
लाल बहादुर शास्त्री: "जय जवान, जय किसान।"
रवींद्रनाथ टैगोर: "चित्त जहाँ भयशून्य हो और मस्तक जहाँ ऊँचा हो, वही मेरा देश हो।"
स्वामी विवेकानंद: "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।"
अटल बिहारी वाजपेयी: "सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, मगर ये देश रहना चाहिए।"
सरोजिनी नायडू: "किसी देश की महानता उसके प्रेम और बलिदान के अमर आदर्शों में निहित है जो जाति की माताओं को प्रेरित करते हैं।"

राष्ट्र निर्माण और एकता के सूत्र
मौलाना अबुल कलाम आजाद: "हमारा राष्ट्र विविधता में एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है।"
विनायक दामोदर सावरकर: "देशभक्ति का अर्थ केवल भूमि की पूजा नहीं, बल्कि उसके लोगों की सेवा है।"
रानी लक्ष्मीबाई: "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी!"
अशफाक उल्ला खान: "मेरा हृदय हमेशा अपने देश की स्वतंत्रता के लिए धड़कता रहेगा।"
लाला लाजपत राय: "मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की कील बनेगी।"
मदन मोहन मालवीय: "सत्यमेव जयते - सत्य की ही विजय होती है।"
सरोजिनी नायडू: "हमें अपने मतभेदों को भुलाकर राष्ट्र की वेदी पर एक होना होगा।"
सुब्रमण्यम भारती: "सभी लोग समान हैं, हम सब भारत के राजा हैं।"
एपीजे अब्दुल कलाम: "राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा उपहार एक शिक्षित और चरित्रवान युवा पीढ़ी है।"
भीष्म साहनी: "राष्ट्र की आज़ादी केवल सीमाओं की सुरक्षा नहीं, बल्कि नागरिक के सम्मान की सुरक्षा है।"



Click it and Unblock the Notifications