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चट्टानों से गिरती पानी की बूंदें करती हैं शिवलिंग का जलाभिषेक, अश्वथामा से जुड़ा है इस मंदिर का इतिहास
Tapkeshwar Mahadev Temple : देशभर में भोलेनाथ के कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनसे कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक है टपकेश्वर महादेव का मंदिर। इस मंदिर का इतिहास महाभारतकाल से जुड़ा हुआ है।
भगवान शिव का प्रमुख धाम टपकेश्वर मंदिर देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित है। यहां स्थित गुफा में मौजूद शिवलिंग के ऊपर स्थित एक चट्टान से हमेशा जल की बूंदें टपकती रहती हैं। इसी कारण इस मंदिर का नाम टपकेश्वर महादेव पड़ा।
पौराणिक कथा के अनुसार, यह स्थल गुरु द्रोणाचार्य की साधना स्थली भी है। उन्हीं के द्वारा यहां शिवलिंग स्थापना किए जाने कि लोक कथाएं प्रचलित हैं।

गुरु द्रोण की तपस्थली थी ये मंदिर
यह मंदिर गुरु द्रोणाचार्य की तप स्थली है। जिनके नाम से देहरादून को द्रोणनगरी भी कहा जाता है। यह देवताओं की भ्रमण स्थली भी है। यह मंदिर गुफा के अंदर बना हुआ है जहां पौराणिक शिवलिंग स्थापित है। गुरु द्रोणाचार्य ने यहां पर भगवान शिव की साधना की थी।

उनकी तपस्या से प्रसन्न हो कर स्वयं भोलेनाथ द्रोणाचार्य को धनुर्विद्या सिखायी थी। गुरु द्रोण के अनुरोध पर ही भगवान शिव ने जगत कल्याण के लिए लिंग के रूप में स्थापित हो गए। इसके बाद द्रोणाचार्य ने शिव की पूजा की और अश्वत्थामा का जन्म हुआ।

अश्वत्थामा का जन्म इसी मंदिर में हुआ था
यहीं पर द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा का जन्म भी हुआ था। जब अश्वत्थामा को माता दूध पिलाने में असमर्थ हुई तो द्रोणाचार्य ने भगवान शिव ने गुफा में गाय के थन बना दिये। जिनसे दूध की धारा बहने लगी और अश्वत्थामा को दूध मिला। गुफा

में स्थित शिवलिंग पर भी दूध की धारा गिरती थी और इस जगह का नाम दूधेश्वर पड़ा। कलियुग में यह दूध की धारा बंद हो गयी। दूध की जगह यहां जल की बूंदे शिवलिंग पर टपकने लगी। जिसके बाद मंदिर का नाम टपकेश्वर महादेव पड़ा।
सावन में उमड़ती है भीड़
ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून शहर से लगभग 6 किलोमीटर दूर गढ़ी कैंट पर स्थित है। सावन के महीने में यहां मेला लगता है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर में सावन के महीने में जल चढ़ाने से भक्तों की मनोकामना पूरी हो जाती हैं। टपकेश्वर मंदिर में देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं। मंदिर जाने के लिए सबसे नजदीक देहरादून रेलवे स्टेशन और बस अड्डा है।



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