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पाकिस्तान की इस खास चीज के बिना अधूरा है सावन, उपवास व्रत में होता है इसका इस्तेमाल
सावन शुरू हो चुका है। इस माह कई भक्तजन अपने प्रिय भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना करने के साथ ही कई भक्त व्रत रखेंगे और सात्विक भोजन ही ग्रहण करेंगे। इस दौरान व्रत रखने वाले सिर्फ सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करेंगे। आपने कभी सोचा है कि व्रत में आखिर सेंधा नमक का ही इस्तेमाल क्यूं किया जाता है और यह सेंधा नमक कहां से आता है?
सेंधा नमक का इस्तेमाल व्रत के सात्विक भोजन बनाने में किया जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सेंधा नमक दुनिया के एक ही देश में होता है और वो पाकिस्तान है। जी हां आपके व्रत के फलाहार में पड़ने वाला सेंधा नमक पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से आता है। एक समझौते के तहत आजादी के बाद से ये नमक लगातार पाकिस्तान से भारत आ रहा है।

50 के दशक में पाकिस्तान से हुआ था करार
व्रत में हिंदू समुदाय के लोग सात्विक भोजन ग्रहण करने के लिए सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करते हैं। ये नमक हमेशा से पाकिस्तान से आता है। दरअसल, 50 के दशक में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते में सेंधा नमक की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति को लेकर करार हुआ था।
इस नमक को लेकर भारत में धार्मिक मान्यताएं रही हैं। बिना इस नमक के व्रत का भोजन अधूरा है। सेंधा नमक को रॉक साल्ट, हिमालयन पिंक साल्ट या लाहौरी नमक भी कहा जाता है। पाकिस्तान से संबंध बिगड़ने के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ा है। इसके बाद भी इस पति का व्यापार नहीं रूका।
कहां मिलता है सेंधा नमक
सेंधा नमक सिंध प्रांत में होता है। इसी वजह से इसे सैन्धव नमक भी कहा जाता है। पाकिस्तान के लाहौर से आने के कारण इसे लाहौरी नमक के नाम से जाना जाता है। अभी पाकिस्तान के पश्चिमी पंजाब के सिंधु नदी से सटे इलाकों के अलावा सेंधा नमक कोह नाम की पहाड़ी से मिलता है। पहाड़ियों की इसी श्रृंखला में 'खेवड़ा नमक खान' भी है, जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नमक की खान है। खेवड़ा नमक की खदान से अगले 500 साल तक नमक की आपूर्ति की जा सकती है। खेवड़ा नमक खदान में 40 किमी लंबी सुरंग है, जिससे निकले नमक की पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में आपूर्ति की जाती है।
भारत में भी यहां मिलता हैं सेंधा नमक
भारत में सेंधा नमक राजस्थान की सांभर झील और हिमाचल प्रदेश से बहुत कम मात्रा में मिलता है। वहीं, इस नमक की गुणवत्ता पाकिस्तान की तुलना में हल्की होती है। सेंधा नमक का इस्तेमाल भारत के खाने और चिकित्सा में हाजमे के लिए इस्तेमाल होता है। आयुर्वेद में सेंधा नमक का बहुत महत्व है यह हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए अमृत है।



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