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The Origin of Red Chilli: पुर्तगालियों के साथ भारत पहुंची थी लाल मिर्ची , 7 हजार साल से पुराना है इतिहास
The Origin of Red Chilli: मिर्ची के बिना हर भारतीय रसोई अधूरी है। आज मिर्च आपके खाने का अहम हिस्सा है, लेकिन क्या आप जानते हैं इसका मूल भारत से नहीं है। क्या आपको पता है कि भारतीय रसोई में मिर्चीं कब और कहां से पहुंची। नहीं पता, आइए बताते हैं आपको।
साथ ही आपको बताते है कि भारत में लाल मिर्च से पहले खाने को तीखा बनाने के लिए क्या इस्तेमाल में लिया जाता था?

क़रीब 7 हजार ईसा पूर्व पुराना है मिर्च का इतिहास
मिर्च का उपयोग पहली बार क़रीब 7 हजार ईसा पूर्व मैक्सिको में हुआ था। मैक्सिकोवासी इसका उपयोग रोजमर्रा के भोजन में करते थे। मिर्च का परिचय बाकी दुनिया से तब हुआ जब इटैलियन समुद्री नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस भारत का समुद्री मार्ग खोजते हुए अमेरिका पहुंच गए। उनके साथ मिर्च यूरोप पहुंची।
तीखे स्वाद और तासीर के कारण इसे काली मिर्च के पौधे 'पाइपर निग्रम' के नाम पर 'पैपर' कहा गया। यूरोपीय भोजन में मिर्च ने अपना रुतबा बढ़ाया और हर व्यंजन मिर्च के बिना अधूरा माना जाने लगा। मिर्च के जुदा रंग अमेरिका से मिर्च के बीज आयात हुए और नई किस्में उगाने का सिलसिला चल पड़ा।
भारत कैसे पहुंचा
भारत में मिर्च 1498 में पुर्तगाली नाविक वाक्सो डी गामा अमेरिका से लाया था। ये तो आप जान गए कि सबसे पहले मिर्च का इस्तेमाल अमेरिका में होने लगा था। सबसे पहले वाक्सो डी गामा ने मिर्च का स्वाद गोवा को चखाया। इसके बाद पूरा देश मिर्च को जानने लगा। अब मिर्च के उत्पादन के मामले में भारत पहले स्थान पर है। अब भारत में मिर्च की खपत काफी ज्यादा है, लेकिन उत्पादन उससे भी ज्यादा है।
पूरी दुनिया में 400 तरह की उगाई जाती है मिर्च
एपिक चैनल की एक डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए तथ्यों के अनुसार कई इतिहासकारों का मानना है कि सेंट्रल और साउथ अमेरिका के लोग 7000 बीसी से मिर्च का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा 6000 साल पहले मैक्सिको (Mexico) में मिर्च की खेती करना शुरू कर दिया गया था। यानी 6000 पहले ही लोग मिर्च खा रहे हैं और इसकी खेती कर रहे हैं। दुनियाभर में कई तरह की मिर्च उगाई जा रही है और माना जाता है कि करीब चार सौ तरह की मिर्च दुनियाभर में पाई जाती हैए जो बताता है कि इसकी वैरायटी भी काफी ज्यादा है।
लाल मिर्च से भारत में किसका होता था इस्तेमाल
अब आप सोच रहे होंगे कि फिर इससे पहले भारत में क्या मिर्च नहीं खाई जाती थी। इसका जवाब ये है कि पहले भारत में काली मिर्च का इस्तेमाल होता था। इसके बाद जब लाल मिर्च भारत आई तो यह उगाने में भी आसान थी और इसका टेस्ट भी लोगों को पसंद आने लगा, जिससे इसे काफी पसंद किया गया। इसके बाद लाल मिर्च ने काली मिर्च को रास्ते से हटा दिया और यह फेमस हो गई।
भारत में कैसा है मिर्च का उत्पादन
आपको यह जानकर हैरानी होगी की भले ही भारत में अमेरिका से मिर्च आई, लेकिन भारत ने इस मिर्च पर काम किया। अब भारत मिर्च पैदावार के मामले में काफी आगे और काफी बड़ा निर्यातक है। भारत के बाद चीन , पेरू, थाईलैंड, पाकिस्तान मिर्च का उत्पादन करते हैं। अब भारत की ओर से अमेरिका, नेपाल , यूके, श्रीलंका और बांग्लादेश में मिर्च भेजी जा रही है। भारत में हर साल 13 लाख मैट्रिक टन का उत्पादन होता है।
कैसे पता चलता है मिर्च की तीखापन
साल 1912 में अमेरिका के डब्ल्यू एल स्कॉविल ने एक तरीका निकाला, जिससे यह मापा जा सकता है कि आखिर मिर्च कितनी तीखी है। उन्होंने शुगर के जरिए मिर्ची के तीखेपन को मापने का तरीका निकाला था और एक यूनिक तैयार की थी। इसे बाद में और डवलप किया गया और इसे एसएचओ यूनिट कहा जाता है। यह सबसे तीखी मिर्च का पता करने के लिए बनाया गया था। इससे ही पता चलता है मिर्च कितनी तीखी हैं।



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