UNICEF Day 2025: क्यों मनाया जाता है यूनिसेफ दिवस? जानिए इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

UNICEF Day 2025: हर साल 11 दिसंबर को यूनिसेफ दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर के बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर ध्यान देना है। 11 दिसंबर 1946 यानी कि 78 साल पहले, द्वितीय विश्व युद्ध की तबाही के बीच संयुक्त राष्ट्र ने संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष यानी यूनिसेफ का गठन किया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य दुनिया भर के बच्चों को मानवीय सहायता प्रदान करना है।

Unicef Day

यूनिसेफ दिवस का इतिहास

यूनिसेफ का पूरा नाम यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रन इमरजेंसी फंड है। जब 1946 में इसकी स्थापना हुई थी, तब इसका लक्ष्य सिर्फ युद्ध प्रभावित यूरोप और चीन के बच्चों को आपातकालीन मदद देना था। बाद में, 1950 में यूनिसेफ को दुनिया के सभी विकासशील देशों में बच्चों और महिलाओं की जरूरतों पर काम करने का जिम्मा दिया गया। 1953 में यूनिसेफ को आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का हिस्सा बना दिया गया।

यूनिसेफ दिवस का महत्व

यूनिसेफ 192 देशों और क्षेत्रों में काम करता है। यह बच्चों के टीकाकरण के लिए दुनिया की सबसे बड़ी एजेंसियों में शामिल है। यूनिसेफ का काम सिर्फ स्वास्थ्य या शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को शोषण, हिंसा, बाल विवाह और बाल मजदूरी से बचाने, आपातकाल और प्राकृतिक आपदाओं में सहायता देने, माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करता है। इसके अलावा, यह कानून बनवाने में सरकारों की सहायता करता है। साथ ही, जलवायु परिवर्तन से बच्चों को बचाने के लिए भी यूनिसेफ नई-नई योजनाएं चला रहा हैं।

भारत में भी यूनिसेफ ने कई बड़े अभियानों में अहम भूमिका निभाई है, जैसे पोलियो उन्मूलन, मिड-डे मील सुधार, आंगनवाड़ी सेवाओं को मजबूत करना और कोविड टीकाकरण अभियान में सहायता करना। यूनिसेफ अपने काम के लिए सरकारों और निजी संस्थाओं से मिलने वाले फंड पर चलता है।

यूनिसेफ दिवस 2025 की थीम

यूनिसेफ दिवस 2025 की थीम विषय विश्व बाल दिवस जैसे प्रमुख कार्यों में उजागर किए गए सिद्धांतों के अनुरूप है, जो बच्चों की भागीदारी और अधिकारों पर बल देता है। इस साल के प्रमुख विषयों में से एक है "मेरा दिन, मेरे अधिकार" और "हर बच्चे के लिए, हर अधिकार"। ये विषय बच्चों को जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और डिजिटल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो उनके जीवन को प्रभावित करते हैं। यह दर्शाता है कि संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन (सीआरसी) कितना महत्वपूर्ण है और हमें याद दिलाता है कि प्रत्येक बच्चे के ऐसे अधिकार हैं जिन्हें छीना नहीं जा सकता।

Story first published: Thursday, December 11, 2025, 12:33 [IST]
Desktop Bottom Promotion