Latest Updates
-
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो
वैष्णो देवी में मूसलाधार बारिश के बाद लैंडस्लाइड में फंसे यात्री, यात्रा पर निकले तो बरतें ये 5 सावधानियां
Vaishno Devi Yatra in Rainy Season Safety Tips : माता वैष्णो देवी की यात्रा देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित यह पवित्र तीर्थस्थल सालभर हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र बना रहता है। लेकिन मानसून के मौसम में यहां यात्रा करना चुनौतियों से भरा हो सकता है।
हाल ही में कटरा से भवन तक के मार्ग पर हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की खबर ने एक बार फिर यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की अहमियत को उजागर कर दिया है।

वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से बाधित हुआ सफर
सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण वैष्णो देवी के नए रूट पर भूस्खलन हुआ, जिससे बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा। इस कारण बैटरी कार सेवा को रोक दिया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कटरा से भवन तक जाने वाला नया मार्ग फिलहाल सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
त्रिकुटा की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन की आशंका को और बढ़ा दिया है। ऐसे में जो श्रद्धालु यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें या तो अपनी यात्रा थोड़े समय के लिए स्थगित कर देनी चाहिए या फिर यात्रा के दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
बारिश के मौसम में क्यों जोखिम भरा होता है वैष्णो देवी जाना?
वैष्णो देवी का मंदिर समुद्र तल से लगभग 5300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कटरा से भवन तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 12 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है। मानसून के मौसम में यह चढ़ाई और भी कठिन हो जाती है क्योंकि रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और कई जगहों पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
यद्यपि मानसून में हरियाली और प्राकृतिक झरने रास्ते को बेहद सुंदर बना देते हैं, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज करना खतरे को बुलावा देना होगा।
हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा भी प्रभावित
जो श्रद्धालु हेलिकॉप्टर से यात्रा करना पसंद करते हैं, उन्हें भी इस मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। तेज बारिश और खराब मौसम के कारण अक्सर हेलिकॉप्टर सेवाएं प्रभावित होती हैं या रद्द कर दी जाती हैं। वहीं बैटरी कार मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण फिलहाल यह सेवा स्थगित कर दी गई है।
आपदा प्रबंधन दलों को भी रास्तों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
इन जरूरी चीजों को साथ रखना न भूलें
अगर आप बारिश के मौसम में वैष्णो देवी की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो कुछ जरूरी सामानों को अपने साथ अवश्य रखें:
- रेनकोट और छाता: बारिश से बचने के लिए
- कैनवस शूज़ या मजबूत बूट्स: फिसलन वाले रास्तों के लिए
- छड़ी: चढ़ाई में संतुलन बनाए रखने के लिए
- प्लास्टिक कवर या रेन बैग: सामान और मोबाइल फोन को सूखा रखने के लिए
ध्यान रखें कि यदि आप ये सामान लाना भूल जाते हैं तो आप इन्हें कटरा या रास्ते में मौजूद दुकानों से किराए पर भी ले सकते हैं।
सुरक्षित यात्रा के लिए करें प्लानिंग
यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें और स्थानीय प्रशासन या वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करें। अनावश्यक जोखिम न लें और बच्चों या बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हों तो खास ध्यान दें।



Click it and Unblock the Notifications











