Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
वैष्णो देवी में मूसलाधार बारिश के बाद लैंडस्लाइड में फंसे यात्री, यात्रा पर निकले तो बरतें ये 5 सावधानियां
Vaishno Devi Yatra in Rainy Season Safety Tips : माता वैष्णो देवी की यात्रा देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित यह पवित्र तीर्थस्थल सालभर हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र बना रहता है। लेकिन मानसून के मौसम में यहां यात्रा करना चुनौतियों से भरा हो सकता है।
हाल ही में कटरा से भवन तक के मार्ग पर हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की खबर ने एक बार फिर यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की अहमियत को उजागर कर दिया है।

वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से बाधित हुआ सफर
सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण वैष्णो देवी के नए रूट पर भूस्खलन हुआ, जिससे बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने लगा। इस कारण बैटरी कार सेवा को रोक दिया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कटरा से भवन तक जाने वाला नया मार्ग फिलहाल सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
त्रिकुटा की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश ने भूस्खलन की आशंका को और बढ़ा दिया है। ऐसे में जो श्रद्धालु यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें या तो अपनी यात्रा थोड़े समय के लिए स्थगित कर देनी चाहिए या फिर यात्रा के दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
बारिश के मौसम में क्यों जोखिम भरा होता है वैष्णो देवी जाना?
वैष्णो देवी का मंदिर समुद्र तल से लगभग 5300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कटरा से भवन तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 12 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है। मानसून के मौसम में यह चढ़ाई और भी कठिन हो जाती है क्योंकि रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं और कई जगहों पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
यद्यपि मानसून में हरियाली और प्राकृतिक झरने रास्ते को बेहद सुंदर बना देते हैं, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज करना खतरे को बुलावा देना होगा।
हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा भी प्रभावित
जो श्रद्धालु हेलिकॉप्टर से यात्रा करना पसंद करते हैं, उन्हें भी इस मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। तेज बारिश और खराब मौसम के कारण अक्सर हेलिकॉप्टर सेवाएं प्रभावित होती हैं या रद्द कर दी जाती हैं। वहीं बैटरी कार मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण फिलहाल यह सेवा स्थगित कर दी गई है।
आपदा प्रबंधन दलों को भी रास्तों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
इन जरूरी चीजों को साथ रखना न भूलें
अगर आप बारिश के मौसम में वैष्णो देवी की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो कुछ जरूरी सामानों को अपने साथ अवश्य रखें:
- रेनकोट और छाता: बारिश से बचने के लिए
- कैनवस शूज़ या मजबूत बूट्स: फिसलन वाले रास्तों के लिए
- छड़ी: चढ़ाई में संतुलन बनाए रखने के लिए
- प्लास्टिक कवर या रेन बैग: सामान और मोबाइल फोन को सूखा रखने के लिए
ध्यान रखें कि यदि आप ये सामान लाना भूल जाते हैं तो आप इन्हें कटरा या रास्ते में मौजूद दुकानों से किराए पर भी ले सकते हैं।
सुरक्षित यात्रा के लिए करें प्लानिंग
यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें और स्थानीय प्रशासन या वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करें। अनावश्यक जोखिम न लें और बच्चों या बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे हों तो खास ध्यान दें।



Click it and Unblock the Notifications











