Latest Updates
-
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी
Veer Savarkar Punyatithi: वीर सावरकर की पुण्यतिथि आज, जरूर जानें उनके क्रांतिकारी विचार
Veer Savarkar Death Anniversary: वीर सावरकर एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी और सामाजिक नेता थे। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और उनकी विचारधारा ने भारतीय राष्ट्रीयता के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के भगुर में हुआ था। उनके माता-पिता ने उन्हें राष्ट्रवादी और सामाजिक विचारधारा से प्रेरित किया था। सावरकर ने बाल्यकाल से ही राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने का निर्णय लिया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपना समर्थन जाहिर किया।

सावरकर का संघर्ष उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के माध्यम से किया। उन्होंने अनेक आंदोलनों में भाग लिया, जैसे कि आसाम, नासिक, और कॉलकटा में आंदोलन। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ उपद्रवियों का विरोध किया और समाज को स्वतंत्रता के लिए जागरूक किया।
सावरकर की विचारधारा में राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, और स्वाधीनता की ऊँचाई पर ध्यान केंद्रित था। उनके द्वारा लिखित और प्रकाशित ग्रंथ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान को संदर्भित करते हैं।
हालांकि, सावरकर की विचारधारा ने अनेक विवादों का आधार प्रदान किया है, और कुछ लोग उन्हें विभाजनकारी और असमाजिक बताते हैं। उनके विचारों पर विभाजन रहा है, लेकिन उनका समर्थन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके महत्वपूर्ण योगदान को अनदेखा नहीं कर सकता।
सावरकर जी का निधन 26 फरवरी 1966 को हुआ था, लेकिन उनका योगदान और उनकी विचारधारा हमें आज भी एक सकारात्मक दिशा में सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करती है। आज वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर इन संदेशों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि जरूर दें।
वीर सावरकार के अनमोल विचार
1.
देश की खातिर जीना और देश की खातिर मरना जिस व्यक्ति में नहीं है वह व्यक्ति मृत के समान है।
- वीर सावरकर

2.
वीर सावरकर के अनमोल विचार हम संघर्ष की तपती धरा से बचने के लिए शीतल युक्त मार्ग चुनते हैं, यही हमें पतन के मार्ग तक पहुंचाती है।
- वीर सावरकर

3.
अपने देश की, राष्ट्र की, समाज की स्वतंत्रता हेतु प्रभु से की गई मूक प्रार्थना भी सबसे बड़ी अहिंसा का द्योतक है।
- वीर सावरकर
Veer Savarkar Ke Anmol Vichar

4.
महान लक्ष्य के लिए गया कोई भी बलिदान व्यर्थ नहीं जाता है।
- वीर सावरकर

5.
देश हित के लिए अन्य त्यागों के साथ जन-प्रियता का त्याग करना सबसे बड़ा और ऊंचा आदर्श है।
- वीर सावरकर

Veer Savarkar Death Anniversary: Quotes and Thoughts in Hindi
6.
देश हित में सर्वस्व त्याग की भावना सच्ची देशभक्ति है, जिस व्यक्ति में लालच की भावना होती है वह देश हित में निर्णय नहीं ले सकता।
- वीर सावरकर

7.
संघर्ष ही पुरुषार्थ की पहचान है। अपने पुरुषार्थ को कभी कम मत होने दो। अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष और पुरुषार्थ का वरण करो।
- वीर सावरकर

8.
अगर तुम वास्तव में स्वतंत्र रहना चाहते हो तो कोई तुम्हें गुलाम नहीं बना सकता अपनी पहचान को कभी धूमिल मत करो।
- वीर सावरकर
9.
कर्तव्य के मार्ग पर सदैव अडिग रहो चाहे कितनी ही यातना सहनी पड़े।
- वीर सावरकर
10.
हिंदू जिस दिन एकजुट हो जाएंगे उस दिन भारत राष्ट्र अखंड भारत की ओर अग्रसर होगा।
- वीर सावरकर
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications