Latest Updates
-
इस दिन झाड़ू खरीदने से घर आती हैं लक्ष्मी, जानें झाड़ू से जुड़े जरूरी वास्तु नियम -
बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में रामबाण हैं ये 5 हरे पत्ते, रोजाना सेवन से हार्ट भी रहेगा हेल्दी -
Navratri Day 9: नवरात्रि के नौवें दिन करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Navratri Day 9 Wishes: मां सिद्धिदात्री का आशीष मिले...इन संदेशों से अपनों को दें महानवमी की शुभकामनाएं -
Ram Navami 2026 Wishes Quotes: भए प्रगट कृपाला...इन चौपाइयों के साथ अपनों को दें राम नवमी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 27 March 2026: जानें आज किन राशियों की चमकेगी किस्मत, किन्हें रहना होगा सावधान -
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन कैसे डालती है दिमाग पर असर, 60 साल बाद रिसर्च में हुआ खुलासा -
चेहरे से झाइयां हटाने के लिए शहद का इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल, फेस पर आएगा इंस्टेंट निखार -
चेहरे के अनचाहे बालों और मूंछों से हैं परेशान? आजमाएं ये जादुई उबटन, पार्लर जाना भूल जाएंगे -
Kamada Ekadashi 2026: 28 या 29 मार्च, कब है कामदा एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
कॉम्बैट लुक में कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने दी दूसरी ब्रीफिंग, क्या है इस यूनिफॉर्म का मतलब?
What Is a Combat Dress : भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया गया। इस ऑपरेशन के ज़रिए भारत ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है।
पाकिस्तान अब भारत को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश में है, लेकिन भारतीय सेनाओं ने हर मोर्चे पर मोर्चा संभाल रखा है। इस पूरे संघर्ष की जानकारी देने के लिए सेनाओं ने दो महिला अफसरों, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को ज़िम्मेदारी सौंपी है।

हाल ही में दोनों अधिकारियों ने एक और प्रेस ब्रीफिंग की, लेकिन इस बार उनका लुक पहले से अलग था। इस बार वे कॉम्बैट ड्रेस में नजर आईं, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ये कॉम्बैट ड्रेस होती क्या है, और इसे कब पहना जाता है?
क्या होती है कॉम्बैट ड्रेस?
कॉम्बैट का मतलब होता है युद्ध या लड़ाई की स्थिति। ऐसे हालात में जब जवान किसी ऑपरेशन में तैनात होते हैं या बॉर्डर पर मुस्तैदी से डटे होते हैं, तब वे जो खास ड्रेस पहनते हैं, उसे ही कॉम्बैट यूनिफॉर्म कहा जाता है। यह ड्रेस खासतौर पर इस तरह डिज़ाइन की जाती है कि जवान दुश्मन की नजरों से बच सकें। इसमें कैमोफ्लाज प्रिंट होता है जो जंगल, पहाड़ या सीमाई इलाकों में आसानी से घुल-मिल जाता है। इससे सैनिक खुद को बेहतर ढंग से छिपा सकते हैं और ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं।
कॉम्बैट ड्रेस केवल जरूरत और परिस्थिति के अनुसार पहनी जाती है, जैसे युद्ध, मॉक ड्रिल, ऑपरेशन या बॉर्डर तैनाती के समय।

सर्विस यूनिफॉर्म से कैसे अलग है?
जब कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी थी, तब दोनों सर्विस यूनिफॉर्म में थीं। यह यूनिफॉर्म सेना का दैनिक या औपचारिक पोशाक होती है, जिसे दफ्तरों, शांति क्षेत्रों या सामान्य कर्तव्यों के दौरान पहना जाता है। सेना, वायुसेना और नौसेना] तीनों की सर्विस यूनिफॉर्म का रंग और डिज़ाइन अलग होता है। आम जनता ने अक्सर टीवी या परेड में इन्हीं यूनिफॉर्म्स को देखा है।
कितनी होती हैं भारतीय सेना की यूनिफॉर्म्स?
बहुत से लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि भारतीय सेना के पास सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि कुल 14 प्रकार की यूनिफॉर्म्स होती हैं। ये गर्मी, सर्दी, परेड, ऑपरेशन और अलग-अलग रेजिमेंट्स की ज़रूरतों के अनुसार तय की जाती हैं। हर यूनिफॉर्म का अपना महत्व और उपयोग होता है।
कॉम्बैट ड्रेस सिर्फ कपड़ों का एक सेट नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों की प्रतिबद्धता और तत्परता का प्रतीक है। जब कोई अधिकारी इस ड्रेस में सामने आता है, तो वह यह संकेत देता है कि देश हर हालात के लिए तैयार है, युद्ध हो या शांति।



Click it and Unblock the Notifications











