Latest Updates
-
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व
कॉम्बैट लुक में कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने दी दूसरी ब्रीफिंग, क्या है इस यूनिफॉर्म का मतलब?
What Is a Combat Dress : भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया गया। इस ऑपरेशन के ज़रिए भारत ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है।
पाकिस्तान अब भारत को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश में है, लेकिन भारतीय सेनाओं ने हर मोर्चे पर मोर्चा संभाल रखा है। इस पूरे संघर्ष की जानकारी देने के लिए सेनाओं ने दो महिला अफसरों, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को ज़िम्मेदारी सौंपी है।

हाल ही में दोनों अधिकारियों ने एक और प्रेस ब्रीफिंग की, लेकिन इस बार उनका लुक पहले से अलग था। इस बार वे कॉम्बैट ड्रेस में नजर आईं, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ये कॉम्बैट ड्रेस होती क्या है, और इसे कब पहना जाता है?
क्या होती है कॉम्बैट ड्रेस?
कॉम्बैट का मतलब होता है युद्ध या लड़ाई की स्थिति। ऐसे हालात में जब जवान किसी ऑपरेशन में तैनात होते हैं या बॉर्डर पर मुस्तैदी से डटे होते हैं, तब वे जो खास ड्रेस पहनते हैं, उसे ही कॉम्बैट यूनिफॉर्म कहा जाता है। यह ड्रेस खासतौर पर इस तरह डिज़ाइन की जाती है कि जवान दुश्मन की नजरों से बच सकें। इसमें कैमोफ्लाज प्रिंट होता है जो जंगल, पहाड़ या सीमाई इलाकों में आसानी से घुल-मिल जाता है। इससे सैनिक खुद को बेहतर ढंग से छिपा सकते हैं और ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं।
कॉम्बैट ड्रेस केवल जरूरत और परिस्थिति के अनुसार पहनी जाती है, जैसे युद्ध, मॉक ड्रिल, ऑपरेशन या बॉर्डर तैनाती के समय।

सर्विस यूनिफॉर्म से कैसे अलग है?
जब कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी थी, तब दोनों सर्विस यूनिफॉर्म में थीं। यह यूनिफॉर्म सेना का दैनिक या औपचारिक पोशाक होती है, जिसे दफ्तरों, शांति क्षेत्रों या सामान्य कर्तव्यों के दौरान पहना जाता है। सेना, वायुसेना और नौसेना] तीनों की सर्विस यूनिफॉर्म का रंग और डिज़ाइन अलग होता है। आम जनता ने अक्सर टीवी या परेड में इन्हीं यूनिफॉर्म्स को देखा है।
कितनी होती हैं भारतीय सेना की यूनिफॉर्म्स?
बहुत से लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि भारतीय सेना के पास सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि कुल 14 प्रकार की यूनिफॉर्म्स होती हैं। ये गर्मी, सर्दी, परेड, ऑपरेशन और अलग-अलग रेजिमेंट्स की ज़रूरतों के अनुसार तय की जाती हैं। हर यूनिफॉर्म का अपना महत्व और उपयोग होता है।
कॉम्बैट ड्रेस सिर्फ कपड़ों का एक सेट नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों की प्रतिबद्धता और तत्परता का प्रतीक है। जब कोई अधिकारी इस ड्रेस में सामने आता है, तो वह यह संकेत देता है कि देश हर हालात के लिए तैयार है, युद्ध हो या शांति।



Click it and Unblock the Notifications
