Gen Z कौन है? नेपाल में सत्ता पलटने वाली इस डिजिटल पीढ़ी की पूरी A-B-C-D जानें

Who is Gen-Z : नेपाल में सरकार के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह विरोध प्रदर्शन किसी एक नेता या राजनीतिक संगठन के नेतृत्व में नहीं हो रहा है, बल्कि इसमें सबसे आगे Gen-Z पीढ़ी के युवा नजर आ रहे हैं। Gen-Z कोई राजनीतिक या सामाजिक संगठन नहीं है, बल्कि यह एक जनरेशन समूह है, जो नेपाल में सोशल मीडिया बैन और अन्य सरकारी नीतियों के खिलाफ सक्रिय रूप से खड़ा हुआ है।

8 सितंबर, 2025 को युवाओं और सुरक्षाबलों के बीच हुई भिड़ंत इतनी गंभीर हो गई कि कई लोग मारे गए और कई घायल हुए। इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया कि आखिर यह Gen-Z कौन है और यह पीढ़ी क्यों इतनी प्रभावशाली है।

Who is Gen-Z

1997-2012 के बीच पैदा हुए बच्‍चे है कहलाते हैं Gen-Z

Gen-Z या Generation Z वे लोग हैं, जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है। यानी 15 साल की इस अवधि में जन्म लेने वाले बच्चे Gen-Z कहलाते हैं। वर्ष 2025 तक, यह पीढ़ी दुनिया की लगभग 30% वर्कफोर्स बन चुकी है और अपनी अलग सोच, आदतों और दृष्टिकोण के कारण समाज और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रही है। Gen-Z को डिजिटल नेटिव भी कहा जाता है क्योंकि इनके लिए इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया हमेशा से ही जीवन का हिस्सा रहे हैं। इस वजह से ये टेक्नोलॉजी के साथ सहज और कुशल हैं।

समझदार हैं ये जेनरेशन

Gen-Z की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये पीढ़ी सूचना के प्रति बेहद सतर्क और आलोचनात्मक होती है। ये ऑनलाइन सामग्री को अक्सर जांचती है और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी लेती है। हाल ही में हुए शोध के अनुसार, Gen-Z अब TikTok या अन्य मनोरंजन प्लेटफॉर्म्स के बजाय विशेषज्ञ द्वारा संचालित और गहन जानकारी वाले स्रोतों पर अधिक ध्यान दे रही है। यह पीढ़ी वित्तीय समृद्धि, करियर की योजना और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर है और अपने फैसलों में सावधानी बरतती है।

स्‍मार्ट जेनरेशन है Gen-Z

Gen-Z की आर्थिक सोच भी बहुत स्मार्ट है। सर्वे के अनुसार, लगभग दो-तिहाई Gen-Z ने औसत 19 साल की उम्र से ही बचत करना शुरू कर दिया था। वर्ष 2025 में, 18 से 35 साल की उम्र के लगभग 61% युवा पैसों और वित्तीय स्थिरता को लेकर चिंतित हैं। नौकरी की अनिश्चितता, घर खरीदने की बढ़ती कीमत और आर्थिक दबाव के कारण इस पीढ़ी में साइड हसल यानी अतिरिक्त काम करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

यह पीढ़ी "हाइपरकॉग्निटिव" है, यानी यह कई स्रोतों से जानकारी इकट्ठा करके समझदारी से निर्णय लेती है। Gen-Z वर्चुअल दुनिया और वास्तविक दुनिया दोनों में संतुलन बनाए रखती है। हालांकि, यह पीढ़ी चिंतित भी है - क्लाइमेट चेंज, आर्थिक अस्थिरता और मानसिक स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को लेकर।

वर्चुअल लाइफ है ज्‍यादा एक्टिव

टेक्नोलॉजी का Gen-Z के जीवन में अत्यधिक महत्व है। एक रिसर्च के अनुसार, 98% Gen-Z युवाओं के पास स्मार्टफोन है और 95% सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। इनके ऑनलाइन व्यवहार और खरीदारी के तरीके भी इससे प्रभावित हैं। ये डेस्कटॉप के बजाय मोबाइल पर ज्यादा काम करते हैं और 81% लोग सोशल मीडिया पर ही प्रोडक्ट खोजते हैं। इसके अलावा, 85% नए प्रोडक्ट्स की जानकारी भी इन्हीं प्लेटफॉर्म से प्राप्त करते हैं और ऑनलाइन रिव्यूज पर उतना ही भरोसा करते हैं जितना किसी मित्र की सलाह पर।

Gen-Z को इस नाम से इसलिए जाना जाता है क्योंकि यह पहली पीढ़ी है, जिसने जन्म के समय से ही इंटरनेट और तकनीकी उपकरणों का अनुभव किया। अन्य पीढ़ियों को इंटरनेट और स्मार्टफोन के पहले और बाद के जीवन का अनुभव रहा, लेकिन Gen-Z ने अपना जीवन तकनीकी और आधुनिक उपकरणों के इर्द-गिर्द ही बिताया। यही कारण है कि इसे टेक्नोलॉजी की पहली "किंग" पीढ़ी भी कहा जाता है।

क्या ये विरोधाभासों से भरी पीढ़ी भी है?

नेपाल में जो विरोध प्रदर्शन हो रहा है, उसमें Gen-Z का नेतृत्व इस पीढ़ी की जागरूकता, डिजिटल कुशलता और सामूहिक सोच का परिचायक है। यह दिखाता है कि कैसे युवा केवल मनोरंजन के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रभावशाली भूमिका निभा सकते हैं। इस तरह, Gen-Z ना केवल डिजिटल दुनिया की विशेषज्ञ है, बल्कि वास्तविक जीवन में भी बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

इस प्रकार, Gen-Z एक ऐसी पीढ़ी है जो अपनी सोच, टेक्नोलॉजी के प्रयोग और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज और विश्व में बदलाव ला रही है। नेपाल में चल रहे विरोध प्रदर्शन में इसकी भागीदारी इसका सजीव उदाहरण है।

Story first published: Tuesday, September 9, 2025, 19:49 [IST]
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