Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है

Who Is Nida Khan: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक धर्मांतरण के मामले में एक नया मोड़ आया है। इस प्रकरण के आरोपियों में शामिल निदा खान फिलहाल फरार है, लेकिन उसके परिवार की ओर से दावा किया गया है कि वह मुंबई में है। साथ ही, परिवार वालों ने यह भी दावा किया है कि निदा खान गर्भवती है और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है।

Nida Khan TCS Nashik

निदा खान ने दी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी

निदा खान ने नाशिक की एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है। माना जा रहा है कि वह अपनी मेडिकल स्थिति को आधार बनाकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) निदा की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे आधिकारिक मेडिकल चैनलों के माध्यम से निदा के इन दावों की पुष्टि करेंगे। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने निदा खान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

कौन हैं निदा खान?

25 साल की निदा खान एक युवा कर्मचारी हैं, जो टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक ऑफिस से जुड़ी बताई जा रही हैं। कुछ खबरों के अनुसार, वह एचआर विभाग में काम करती थीं, जबकि कुछ में उन्हें जूनियर कर्मचारी बताया गया है। उनकी सही भूमिका पूरी तरह साफ नहीं है। फिलहाल, उनका नाम एक एफआईआर में दर्ज है और मामले की जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला?

निदा खान ने साल 2021 में नाशिक की टीसीएस बीपीओ यूनिट में काम शुरू किया था। नासिक पुलिस इस समय ऑफिस में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी नौ शिकायतों की जांच कर रही है। पुलिस ने अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर हेड शामिल हैं।

क्या निदा को जमानत मिल सकती है?

भारतीय कानून के तहत, गर्भवती महिलाओं को विशेष परिस्थितियों में जमानत दी जा सकती है। जेल नियमों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को अलग बैरक और चिकित्सा सहायता दी जाती है। हालांकि गर्भावस्था एक विशेष परिस्थिति है, लेकिन अपराध की प्रकृति और उसकी गंभीरता को भी ध्यान में रखा जाता है।

जेल में बंद गर्भवती के लिए क्या हैं नियम?

जेल में बंद गर्भवती महिलाओं के लिए संविधान में अलग से नियम तय हैं। अगर कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसे अन्य प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया जाता है। उसे गर्भवती कैदी को मिलने वाली सभी सुविधाएं जैसे कि नियमित जांच, खाना और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दिया जाता है। ऐसी महिलाओं से कोई शारीरिक काम नहीं करवाए जाते हैं। समय-समय पर जेल अस्पताल के डॉक्टर प्रेग्नेंट लेडीज की जांच करते रहते हैं।

Story first published: Saturday, April 18, 2026, 14:00 [IST]
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