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अचानक किसी के छूते ही क्यों लगता है करंट का झटका? इसके पीछे है ये रहस्य, जानें वजह
आपने कभी महसूस किया होगा कि आप जैसे ही किसी को टच करते हैं तो आपको एकदम से करंट का झटका सा लगता हैं।
लेकिन आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं इसके पीछे की असल वजह।
न्यूरोलोजिस्ट बताते हैं कि हमारी बॉडी में इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी होती रहती है। जिस तरह घर में बिजली पहुंचाने के लिए तार का इस्तेमाल किया जाता है और उसमें कॉपर के तार के ऊपर प्लास्टिक की कोटिंग की जाती है। ठीक उसी तरह हमारी बॉडी की नसों के ऊपर भी कोटिंग रहती है। इसे मेडिकल भाषा में म्येलिन शीथ कहा जाता है। म्येलिन शीथ कभी-कभी डिस्बैलेंस हो जाती हैं और ऐसा तब होता है जब आपका बहुत देर से एक जैसी स्थिति में रहते हैं। इस वजह से बॉडी में इलेक्ट्रॉन्स डिस्टर्ब हो जाते हैं. इस वक्त कोई अचानक से छू देता है तो नसों में म्येलिन शीथ एक्टिव हो जाता है. जिससे हमें ऐसा महसूस होता है कि शॉक लगा हो.

प्लास्टिक की कुर्सी से भी लगता है करंट
हमारे शरीर के अंदर इलेक्ट्रॉन मौजूद होते हैं। विज्ञान का यह नियम तो आपको पता ही होगा कि इलेक्ट्रॉन की संख्या जितनी ज्यादा होगी वह उतनी ही ज्यादा नेगेटिव चार्ज बनाएगा।
इलेक्ट्रॉन के इसी प्रवाह के कारण हमें करंट लगता है। दरअसल, जब हमारे शरीर में मौजूद इलेक्ट्रॉन डिसबैलेंस होते हैं और हम किसी और चीज को छूते हैं तो हमारे शरीर से इलेक्ट्रॉन बाहर निकलने लगते हैं, हमारे शरीर से जो इलेक्ट्रॉन निकलता है वह नेगेटिव चार्ज का होता है और बाहर जिस चीज को हम छूते हैं उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉन पॉजिटिव चार्ज होता है। यह दोनों जब आपस में टकराते हैं तो हमें बिजली का झटका लगता है।
यहीं वजह है कि जब हम प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठे रहते हैं और पैर जमीन से नहीं छूते हैं तो, उस वक्त प्लास्टिक की कुर्सी हमारे कपड़ों से इलेक्ट्रॉन को जमा कर लेती है और इसमें पॉजिटिव चार्ज जमा होता है और जैसे ही आप कुर्सी से उठते हैं तभी ये चार्ज कुर्सी की तरफ चला जाता है और कुर्सी को छूने से करंट महसूस होने लगता है।
कोहनी में क्यों लगता है करंट
शरीर में इस तरह के करंट के झटके अक्सर कोहनी के पास सबसे ज्यादा लगते हैं। कभी भी कोहनी किसी मेज से टकरा जाए तो एक दम से करंट का झटका लगता है, क्योंकि कोहनी के पास अल्नर नर्व (ULNAR Nerve) होती है। ये नर्व हमारी रीढ़ यानी स्पाइन से निकलती है और कंधों से होती हुई सीधे उंगलियों तक पहुंचती है। इस वजह से कोहनी में लगता है करंट।
कुछ लोगों को बिलकुल नहीं लगता करंट?
डॉक्टर बताते हैं कि करंट का झटका हर किसी को महसूस हो, वो भी जरुरी नहीं हैं, जैसे जिन लोगों के दांतों में झनझनाहट ज्यादा होती है। उन्हें ठंडी और गर्म चीजें ज्यादा महसूस होती है। वहीं कुछ लोगों को इससे फर्क नहीं पड़ता है। ये उनकी सेंसेटिविटी पर निर्भर करता है।



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