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Kalinga Literary Festival 2023: मैथिली उपन्यास ‘कन्यादान’ के अंग्रेजी अनुवाद पर लेखक सम्मानित
भुवनेश्वर में आयोजित कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल (KLF) के दौरान लेखक ललित कुमार को लोकप्रिय मैथिली उपन्यास 'कन्यादान' के अंग्रेजी अनुवाद 'द ब्राइड' के लिए उड़ीसा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर गणेशी लाल ने सम्मानित किया। मूल रूप से हरिमोहन झा द्वारा 1933 में रचित कन्यादान काफी लोकप्रिय उपन्यास है। औपनिवेशिक काल के माहौल में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण विषय पर केन्द्रित यह उपन्यास बेमेल वैवाहिक संबंधों के कटु अनुभवों के सशक्त एवं सफल चित्रांकन के लिए लोकप्रिय है। उपन्यास स्थानीय परम्पराओं और आधुनिकता के बीच तनाव को मनोरंजक नाटकीकरण द्वारा प्रस्तुत करने में भी सफल रहा है।

कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल (KLF) में एक सेशन के दौरान वन इंडिया के समन्वय संपादक पत्रकार केशव कर्ण ने लेखक ललित कुमार के साथ भारतीय साहित्य में कन्यादान के स्थान और योगदान पर चर्चा की। दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के अध्यापक ललित कुमार ने कहा कि जैसे उड़िया साहित्य में फकीरमोहन सेनापति का और हिंदी साहित्य में प्रेमचंद का स्थान है, वैसे ही मैथिली साहित्य में हरिमोहन झा का है। कुमार ने आगे बताया की फनी मजुमदार द्वारा निर्देशित पहली मैथिली फिल्म कन्यादान (1965) इसी उपन्यास पर आधारित थी। इस फिल्म के डायलॉग्स फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखे गए थे। ऐसा पहली बार हुआ है कि औपनिवेशिक काल की इस मैथिली रचना का The Bride नाम से अंग्रेजी में रूपांतरण हुआ है।

फेस्टिवल के फाउंडर और निदेशक रश्मि रंजन परिदा ने फेस्टिवल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि KLF पिछले एक दशक से भारतीय भाषाओं, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने में निरंतर लगा हुआ है। इस बार भुवनेश्वर में हुए आयोजन में पच्चीस देशों से करीब पांच सौ से ज्यादा डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया।



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