घोड़ी चढ़ने से पहले मां का दूध पीने लगा दूल्हा, वायरल वीडियो देख जाने पीछे का पूरा कारण

By Kushmita Rana


Breastfeeding The Groom

Breastfeeding The Groom Tradition: भारतीय शादियों में एक से बढ़कर एक अलग रस्में, रीति रिवाज और परंपराएं निभाई जाती हैं। जाति और राज्य के अनुसार हर जगह कुछ ना कुछ अलग परंपरा देखने को मिलती है। आज हम आपको एक अनोखी परंपरा के बारे में बताने जा रहा है हैं जहां दुल्हन लेने जा रहे दूल्हे को पहले मां ब्रेस्ट फीड कराती है।

देश भर में मारवाड़ी और राजस्थानी शादियां अपनी रीति रिवाजों को लेकर काफी मशहूर हैं। इन्हीं में एक रस्म है घोड़ी पर चढ़ने से पहले दूल्हे बने बेटे को मां द्वारा स्तनपान कराना। सोशल मीडिया पर इस रस्म के काफी सारे वीडियो वायरल होते रहते हैं। कई बार लोग कमेंट सेक्शन में इस रस्म पर बहस भी करते दिखाई देते हैं।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह परंपरा राजे-रजवाड़ों के काल से चली आ रही है और मुख्य रूप से शीतला माता मंदिर से जुड़ी हुई है। आधुनिक युग में यह प्रथा प्रतीकात्मक रूप ले चुकी है, जहां वास्तविक स्तनपान के बजाय मां दूल्हे को पताशा या दूध का प्रतीक खिलाकर आशीर्वाद देती है। यह रस्म न केवल पारिवारिक भावनाओं को उजागर करती है, बल्कि सामाजिक और धार्मिक मूल्यों को भी प्रतिबिंबित करती है।

इस रिवाज की जड़ें बिजोलिया के शीतला माता मंदिर में हैं, जहां विवाह से पूर्व पूजा-अर्चना के दौरान यह रस्म निभाई जाती है। मान्यता के अनुसार, मां शीतला माता से प्रार्थना करती है कि उसने अपने बेटे को दूध पिलाकर और खून से सींचकर बड़ा किया है, अब वह शादी के योग्य हो गया है, इसलिए देवी मां और भावी बहू की रक्षा करें।

यह परंपरा राजस्थान के राजसी परिवारों से प्रारंभ हुई, जहां दूल्हे को विवाह से पहले मां के आशीर्वाद से नव जीवन की शुरुआत करने का अवसर मिलता था। ऐतिहासिक दृष्टि से, यह रस्म मातृभक्ति और संतान के प्रति मां के बलिदान को याद दिलाती है। पुराने समय में यह वास्तविक रूप से की जाती थी, लेकिन समय के साथ यह सांकेतिक हो गई, ताकि आधुनिक समाज में स्वीकार्य बनी रहे।

इसके पीछे काफी स्ट्रॉन्ग मैसेज है। साथ ही कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य भी इस रस्मे के बारे में अपनी कथा में बताते दिखाई दे चुके हैं।

Credit: Filmibeat

Story first published: Tuesday, December 2, 2025, 11:17 [IST]
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