Sarla Maheshwari: 'गोल्डन एरा का अंत', नहीं रहीं टीवी की संस्कारी एंकर सरला माहेश्वरी, 71 साल की उम्र में निधन

By Ankur Sharma

Sarla Maheshwari: डीडी नेशनल की सबसे लोकप्रिय न्यूज रीडर्स में एक रहीं सरला माहेश्वरी अब हमारे बीच नहीं रहीं, उन्होंने आज 71 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया। सरला माहेश्वरी के परिवार ने एक पोस्ट के जरिए अंतिम संस्कार की जानकारी दी है। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे निगम बोध घाट, दिल्ली में होगा। सरला माहेश्वरी के निधन की खबर से दर्शकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

सरला माहेश्वरी का शालीनता भरा अंदाज उन्हें न्यूज एंकरों की लिस्ट में हमेशा अग्रणी रखा, लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा है कि आज 'एक गोल्डन एरा' का अंत हो गया। मालूम हो कि सरला के परिवार में उनके पति पवन माहेश्वरी और उनके बच्चे हैं।


Sarla Maheshwari

80 और 90 के दशक में सरला ने उस दौर में समाचार पढ़ने को एक संस्कारी और सम्मानित पहचान दी ये वो वक्त था जब एंकर ही खबर की विश्वसनीयता हुआ करते थे। गौरतलब है कि सरला माहेश्वरी को उनकी शालीनता, माथे पर गोल बिंदी और सलीके से पहनी गई साड़ियों के लिए भी जाना जाता था।

सादगी-सरलता का पर्याय थीं Sarla Maheshwari

उन्होंने 1980 के दशक में दूरदर्शन के साथ अपना सफर शुरू किया। उनका शुद्ध हिंदी उच्चारण और खबरों को बिना किसी नाटकीयता के पेश करने का अंदाज उन्हें अन्य एंकर्स से अलग बनाता था। अपने नाम के अनुरूप वो बेहद ही सरल और सौम्य न्यूज एंकर के रूप में याद की जाती हैं।

Sarla Maheshwari दूरदर्शन की एक 'आइकॉनिक' एंकर

सलमा सुल्तान, मीनू तलवार और गीतांजलि अय्यर जैसे दिग्गजों के साथ सरला माहेश्वरी भी दूरदर्शन की एक 'आइकॉनिक' एंकर बनीं। उस दौर में उन्हें देखने और सुनने के लिए लोग अपना काम छोड़कर टीवी के सामने बैठ जाते थे।

पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

अपनी सौम्य मुस्कान और सधी हुई आवाज़ से करोड़ों भारतीयों के ड्राइंग रूम तक खबरें पहुंचाने वाली मशहूर न्यूज़ एंकर सरला माहेश्वरी उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत और उनके दौर के दर्शकों में शोक की लहर है।

Sarla Maheshwari: 'गोल्डन एरा का अंत'

ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने ट्वीट करके सरला माहेश्वरी के निधन पर शोक जताया है, उसने लिखा है कि 'सरला की विश्वसनीयता और शालीनता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगी, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।' तो वहीं एक दर्शक ने लिखा कि - 'सरला माहेश्वरी जी का जाना भारतीय टीवी पत्रकारिता के एक गरिमामय अध्याय का अंत है। उनकी आवाज़ में जो शांति और स्पष्टता थी, वह आज के दौर में दुर्लभ है।'

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Credit: Oneindia

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