नरक बन गई है युवराज सिंह के पापा की लाइफ, योगराज सिंह बोले- मरने वाला हूं बेटा बीवी छोड़ गए, खाना तक नही मिलता

By Kushmita Rana


Yuvraj Singh Father Yograj Singh

Yuvraj Singh Father Yograj Singh: युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अपने बेबाक बयानों के लिए काफी मशहूर हैं। योगराज सिंह क्रिकेट से लेकर अपने पारिवारिक मुद्दों पर हटपूर्वक बात करते दिखाई देते हैं। अब योगराज सिंह ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में ऐसे ऐसे खुलासे कर दिए हैं हर कोई चौंक गया है। पूर्व अभिनेता-क्रिकेटर ने 67 साल की उम्र में अपनी लाइफ के सबसे बड़े झटके को लेकर बात की है।

योगराज ने बताया कि उनके जीवन का सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उनकी पत्नी और बेटे ने उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अब हर दिन अजनबियों से खाना मिलता है और अब वह जिंदगी से ऊब चुके हैं। उन्‍होंने कहा, "मैं परिवार के सभी लोगों से प्यार करता हूं, लेकिन मैं कुछ नहीं मांगता। मैं मरने जा रहा हूं। मेरा जीवन पूरा हो गया है, भगवान जब चाहें, मुझे अपने साथ ले जा सकते हैं।"

योगराज सिंह ने द विंटेज स्टूडियो से बातचीत में बताया कि जब उनकी पहली पत्नी शबनम और बेटे युवराज सिंह घर छोड़कर चले गए तो उन्होंने दूसरी शादी कर ली। ये सब भगवान की लीला थी। युवी को क्रिकेट खेलने दिया, वो खेला और चला गया। फिर मेरी दोबारा शादी हुई, दो बच्चे हुए, वो भी अमेरिका चले गए।

कुछ फिल्में भी रिलीज हुईं, समय बीतता गया और वापस वहीं आ गया, जहां से ये सब शुरू हुआ था। मैं खुद से पूछ रहा था कि मैंने ये सब किसलिए किया? क्या अब तुम्हारे साथ कोई है? ये मेरे साथ होना ही चाहिए था।

उन्‍होंने अपनी ज़िंदगी के सबसे बड़े सदमे को याद करते हुए कहा कि जब हालात ऐसे मोड़ पर पहुंचे कि युवी और उसकी मां मुझे छोड़कर चले गए तो मुझे सबसे बड़ा झटका लगा। जिस औरत के लिए मैंने अपनी पूरी जिंदगी, अपनी पूरी जवानी लगा दी, वो भी मुझे छोड़कर जा सकती हैं? बहुत कुछ ऐसे ही बर्बाद हो गया।

मैंने भगवान से पूछा कि ये सब क्यों हो रहा है, जबकि मैंने सबके साथ सब कुछ सही किया। हो सकता है मुझसे कुछ गलतियां हुई हों, लेकिन मैं एक मासूम इंसान हूं, मैंने किसी का कुछ बुरा नहीं किया। मैं भगवान के सामने रोया तो उन्होंने मुझे इससे बाहर निकाला।

आजकल अपने परिवार के साथ कैसे रहते हैं? इस पर उन्‍होंने कहा कि मैं शाम को अकेला बैठता हूं, घर पर कोई नहीं होता। मैं खाने के लिए अजनबियों पर निर्भर रहता हूं, कभी एक, कभी दूसरा। हालांकि मैं किसी को परेशान नहीं करता। अगर मुझे भूख लगती है तो कोई न कोई मेरे लिए खाना ले आता है।

योगराज सिंह ने अंत में कहा कि मैं अपनी मां, बच्चों, बहू, नाती-पोतों और परिवार के सभी लोगों से प्यार करता हूं, लेकिन मैं कुछ नहीं मांगता। मैं मरने जा रहा हूं। मेरा जीवन पूरा हो गया है, भगवान जब चाहें, मुझे अपने साथ ले जा सकते हैं। मैं भगवान का बहुत आभारी हूं, मैं प्रार्थना करता हूं और वह देते रहते हैं।

बता दें कि योगराज सिंह एक क्रिकेट कोच हैं। उन्‍होंने 1970 के दशक से 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। वह भाग मिल्खा भाग और सिंह इज ब्लिंग जैसी बॉलीवुड फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं।

Credit: Filmibeat

Story first published: Monday, November 17, 2025, 8:31 [IST]
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