मैंने अपने पति के दोस्‍त के साथ ही सेक्‍स किया और मुझे इसका बिल्‍कुल पछतावा नहीं हैं...

मेरी जिंदगी का सबसे अच्‍छा समय स्‍कूल और कॉलेज का था। मुझे सुनील नाम के एक लड़के से प्‍यार था। हम दोनों एक-दूसरे से बहुत प्‍यार करते थे लेकिन उसके साउथ इंडियन होने की वजह से हम शादी नहीं कर सकते थे क्‍योंकि उसके पैरेंट्स एक ब्राह्मण लड़की नहीं चाहते थे।

जब सुनील के साथ बात आगे नहीं बढ़ी तो मैंने इस रिश्‍ते से बाहर निकलकर अपनी कास्‍ट के लड़के से शादी करने का फैसला किया जोकि शिक्षित था और अच्‍छा कमाता था। उसके विचार काफी ऊंचे थे। हम शादी के बाद 7 साल तक यूएस में रहे और उसके बाद हम इंडिया वापिस आ गए।

 बदल गया सब कुछ

बदल गया सब कुछ

इंडिया आने के बाद चीज़ें बदलने लगी थीं। हमारे प्‍यार का रंग उड़ने लगा था और सेक्‍स भी कम हो गया था। सब कुछ जैसे नीचे की ओर जा रहा था। कई बार मैंने सुसाइड के बारे में भी सोचा लेकिन अपनी दोनों बेटियों के ख्‍याल से रूक गई।

फिर वो दिन कभी नहीं आया

फिर वो दिन कभी नहीं आया

मैंने उसके लिए पार्टी, दोस्‍त, तैयार होना सब कुछ छोड़ दिया और अब तो वो मेरे साथ सोने तक को तैयार नहीं था। मैंने उससे कई बार बात की पर उसने हर बार यही कह कर टाल दिया कि फिर किसी दिन...लेकिन वो दिन कभी नहीं आया।

वो मेरी बेइज्‍जती करता

वो मेरी बेइज्‍जती करता

एक टाइम के बाद मुझे लगने लगा कि ऐसे इंसान के साथ ईमानदार रहने का क्‍या फायदा। वो मेरी बेइज्‍जती करता है वो भी मेरे बच्‍चों और परिवार के सामने तो मैं उसका आदर क्‍यों करूं ? इसलिए मैंने एक कॉल सेंटर में काम करना शुरु कर दिया जहां पर मेरा अपनी से कम उम्र के लड़के के साथ अफेयर हुआ।

गलती का अहसास हुआ

गलती का अहसास हुआ

हम दोनों ने साथ में बहुत अच्‍छा वक्‍त बिताया लेकिन जल्‍द ही मुझे अपनी गलती का अहसास हो गया और मैं वापिस अपने पति के पास आ गई। 2 साल तक मैंने अपने पति के बदलने का इंतज़ार किया लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

 पति के दोस्‍त के साथ

पति के दोस्‍त के साथ

मुझे सेक्‍स पसंद था। मैं जवान थी और मुझे रोज़ सेक्‍स करना पसंद था। पता नहीं मुझे क्‍या हो गया था पर मैं अपनी इस हालत के लिए बस अपने पति को सज़ा देना चाहती थी। तो मैंने उसी के बैस्‍ट फ्रेंड के साथ तीन महीने तक अफेयर चलाया। उसके साथ सेक्‍स किया।

 अब फर्क नहीं पड़ता

अब फर्क नहीं पड़ता

शायद उसे इसका पता भी चल गया था पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। अब मेरा वजन बढ़ गया है और मुझमें आत्‍मविश्‍वास भी कम हो गया है। मैं चाहती हूं कि मेरी बेटियां मजबूत, आत्‍मनिर्भर बनें जिसे किसी मर्द की जरूरत ना हो।

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