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शिशुओं में मधुमेह के लक्षणों को कैसे पहचानें

शिशुओं में मधुमेह के लक्षणों को ऐसे पहचाने:
1. अधिक प्यास लगना- शिशु यह बताने में असमर्थ होता है कि उसको प्यास लगी है या नहीं इसलिए इस मामले में आपको पूरी तरह से अलर्ट रहना होगा। आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि दिनं भर में आपका शिशु पानी की कितनी बोतलें खत्म करता है। अपने बाल चिकित्सक से यह जरुर पूछे कि हर उम्र के शिशुओं के लिए कितना पानी पीना पर्याप्त होता है। अगर थोड़ा-बहुत अंतर हो तो इसमें कोई भी परेशानी की बात नहीं है पर अगर यही अंतर बहुत है तो आपको थोडा सचेत हो जाने की आवश्यक्ता है।
2. अक्सर पेशाब होना- यह बताना थोडा मुश्किल है कि शिशुओं में पेशाब होने की कितनी सीमा होनी चाहिए। अगर आप यह जानना चाहतीं हैं तो इस बात पर गौर करें कि आप अपने शिशु की डाइपर दिनं भर में कितनी बार बदलती हैं।
3. वजन में अचानक कमी- अक्सर बच्चे जब चलना सीखते हैं तो उनके वजन में कमी आती है। पर जब बच्चा सक्रिय ना लगे और भली प्रकार से खाने के बाद भी अगर अचानक ही उसके वजन में कमी दिखने लगे तो समझ जाएं कि उसमें मधुमेह के लक्षण हैं।
4. थकान और कमज़ोरी- वैसे तो शिशु अक्सर ही थोडी थोडी देर पर सोया करते हैं पर अगर यह छोटी सी नींद एक बडी सी नींद के रुप में बदल जाए तो यह उसके लिए खतरे की घंटी के समान है। बच्चा अगर खेलने से मना करे और एक घंटे से भी ज्यादा सोए तो उसमें प्रतिरोध क्षमता की कमी है।
5. घाव ना भरना- अगर बच्चे को छोटी मोटी चोट लग गई है और वह घाव जल्द से जल्द नहीं भर रहा है तो यह एक चिंता का विषय है।



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