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शिशुओं के लिए 7 खतरनाक फूड्स
एक केयरिंग, प्यारी और सफल मां बनने के लिए जरूरी होता है बच्चे की सही तरीके से देखभाल करना। अगर आप पहली बार मां बनी है और इससे पहले आपने कभी भी किसी बच्चे की देखभाल नहीं की है तो आपको बच्चे की परवरिश में दिक्कत आ सकती है। नई मां के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह आती है कि बच्चे के स्वास्थ्य के लिए क्या सही और हानिकारक है। ऐसे में मां को काफी सर्तक और अनुभव रखने वाली महिला की सहायता लेनी चाहिये ताकि उसके बच्चे को किसी प्रकार का कोई नुकसान न हों।
कई बार हमें लगता है कि बच्चे को ऐसी चीज खिलाना चाहिये, इससे उसके शरीर को लाभ पहुंचेगा, लेकिन होता इसके विपरीत है। आप चाहें तो डॉक्टरी सलाह पर भी ध्यान दे सकती है। डॉक्टर, हमेशा छोटे बच्चे यानि कम से कम 6 महीने तक उसे मां का दूध पीने के लिए कहते है। बोल्डस्काई के इस आर्टिकल में कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में बताया जा रहा है जो शिशुओं के लिए खतरनाक हो सकते है और उनके सेवन से आपका बीमार और कमजोर हो सकता है। आपने बच्चे को जरुर खिलाएं ये डेयरी उत्पाद

1) गाय का दूध :
कई लोग कहते है गाय का दूध हल्का होता है, इसलिए आप छोटे बच्चे को आसानी से पिला सकते है लेकिन आपको याद रखना होगा कि अगर बच्चा एक साल से कम उम्र का है तो उसे भूल से भी गाय के दूध का सेवन न करवाएं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि गाय के दूध में विटामिन सी, ई और जिंक भरपूर मात्रा में होते है लेकिन ये सभी पचा पाने की क्षमता छोटे बच्चे के शरीर में नहीं होती है। कई बार उसे दस्त और उल्टी आदि की समस्या भी होने लगती है। इसे पिलाने से बच्चे की किडनी पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

2) नट्स :
बच्चों को हर प्रकार के नट्स के सेवन से दूर रखें। चार साल से छोटे बच्चे को नट्स नहीं खिलाने चाहिये। इसे न खिलाने के पीछे मुख्य कारण गले में अचानक फंसने की समस्या हो जाने का भय होता है। छोटे बच्चे किसी भी चीज को सही से चबाकर खाना नहीं जानते है जिसके चलते उनके गले में मेवा या नट्स फंसने का ड़र हमेशा बना रहता है। जब बच्चे को चबाकर खाने का ज्ञान हो जाएं, तो उसे ये सब खिलाएं।

3) मछली :
कई पैरेंटस अपने बच्चों को मछली खिलाने से ड़रते है क्योंकि उनमें कांटा होता है। और वास्तव में माता-पिता या अभिभावकों को ड़रना भी चाहिये। मछली से शरीर का विकास अच्छा होता है क्योंकि इसमें मर्करी की मात्रा होती है। लेकिन इसके कांटे गले में फंसने का डर रहता है।

4) अंडा :
आपको जानकर ताज्जु़ब होगा कि अंडा, छोटे बच्चों को हानि पहुंचा सकता है। कई छोटे बच्चों को अंडे से एलर्जी होती है। 5 साल से कम के बच्चे को अंडा न दें तो बेहतर होगा। अगर दें तो उसकी एलर्जी के बारे में जान लें जैसे - सांस न आना, खुजली होना, दिल की धड़कन बढ़ना आदि। अगर कभी अंडा खिलाने के बाद बच्चे के साथ ऐसा हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

5) गला बंद करने वाले भोजन :
बच्चा जब तक भोजन को चबाकर खाना नहीं सीख लेता है तब तक कभी भी उसे भोजन न दें जिससे उसका गला बंद हो जाएं। सब्जियों या फल का सूप और जूस बनाकर दें। कच्ची सब्जियां बच्चे को खाने को नहीं दें। बच्चे को जो भी खिलाएं, वह महीन और छोटे पीस में होना चाहिये।

6) शहद :
शहद में बड़े-2 गुण होते है लेकिन छोटे बच्चे या शिशु को शहद नहीं देना चाहिये। शुरूआत में एक साल तक बच्चे को शहद नहीं चटाना चाहिये वरना उसके गले में बाटुलिज्म बनने लगता है क्योंकि शहद में स्पेशल बैक्टीरिया होता है। इसे चटाने से बच्चा बीमार भी पड़ सकता है।

7) कैफीन वाले पेय पदार्थ :
कैफीन एक उम्र के बाद ही लेना सही होता है। अगर आप शिशु को कैफीन वाला पेय पदार्थ पिलाएं तो उसके शरीर पर इसके नकारात्मक असर दिखेगें। इससे बच्चे में अनिद्रा की बीमारी हो सकती है। बच्चे के डॉक्टर से मिलकर ही तय करें कि कब और कैसे बच्चे की डायट में बदलाव करना है।



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