Latest Updates
-
Ganga Saptami 2026 Date: 22 या 23 अप्रैल, गंगा सप्तमी कब है? जानें सही तारीख, महत्व और पूजा विधि -
Aaj Ka Rashifal 22 April 2026: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इन 5 राशियों के लिए शुभ, जानें आज का भाग्यफल -
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत -
Heatwave Alert: अगले 5 दिनों तक इन शहरों में चलेगी भीषण लू, 44°C तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी की एडवाइजरी -
Budh Gochar: रेवती नक्षत्र में आकर बुध बनेंगे शक्तिमान, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Bank Holiday May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 1 तारीख को ही लगा मिलेगा ताला, चेक करें लिस्ट -
पेट में गर्मी बढ़ने पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, दूर करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान -
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती
शिशु को 6 महीने तब स्तनपान करवाने के फायदे
जब शिशु थोड़ा सा बड़ा हो जाता है, तो कई माएं शिशु को स्तनपान कराना बंद कर देती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि अब जब बच्चा थेाड़ा बहुत आहार खाने ही लग गया है, तो अब भला मेरे दूध पिलाने का क्या फायदा होगा। डॉक्टर के मुताबिक शिशु पैदा होने के 6 महीने बाद तक स्तनपान करवाने से शिशु की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उसमें आगे चल कर कई सारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ जाती है। आइये जानते हैं कि शिशु को 6 महीने तक स्तनपान करवाने से क्या स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
शिशु को 6 महीने तब स्तनपान करवाने के फायदे

1. अगर आप अपने बेबी को लंबे समय तब दूध पिलाएंगी तो उसे पैदा होने के कुछ समय तक सांस संबन्धित बीमारी नहीं होगी , जो कि आम तौर पर शिशुओ में देखी जाती है। स्तनपान के बाद आम ब्रेस्ट की समस्याएं
2. स्तनपान करवाने से शिशु को 50 प्रतिशत तक कान और गले का इंफेक्शन टलने का चांस रहेगा।
3. आंत में सूजन आ जाना शिशुओं में आम बात होती है, जो कि मां का दूध पीने से काफी हद तक सही हो सकती है। अगर आप चाहती हैं कि आपके शिशु को पेट की बीमारी ना हो तो, उसे अपना दूध कम से कम 6 महीने तक पिलाएं।
4. अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा आगे चल कर मोटा ना बन जाए तो, उसे अपना दूध लंबे समय तक पिलाएं।
5. वे शिशु जिन्हें फार्मूला वाला दूध, गाय का दूध या फिर सोया मिल्क पिलाया जाता है, उन्हें एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है।



Click it and Unblock the Notifications











