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शिशु को 6 महीने तब स्तनपान करवाने के फायदे
जब शिशु थोड़ा सा बड़ा हो जाता है, तो कई माएं शिशु को स्तनपान कराना बंद कर देती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि अब जब बच्चा थेाड़ा बहुत आहार खाने ही लग गया है, तो अब भला मेरे दूध पिलाने का क्या फायदा होगा। डॉक्टर के मुताबिक शिशु पैदा होने के 6 महीने बाद तक स्तनपान करवाने से शिशु की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उसमें आगे चल कर कई सारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ जाती है। आइये जानते हैं कि शिशु को 6 महीने तक स्तनपान करवाने से क्या स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
शिशु को 6 महीने तब स्तनपान करवाने के फायदे

1. अगर आप अपने बेबी को लंबे समय तब दूध पिलाएंगी तो उसे पैदा होने के कुछ समय तक सांस संबन्धित बीमारी नहीं होगी , जो कि आम तौर पर शिशुओ में देखी जाती है। स्तनपान के बाद आम ब्रेस्ट की समस्याएं
2. स्तनपान करवाने से शिशु को 50 प्रतिशत तक कान और गले का इंफेक्शन टलने का चांस रहेगा।
3. आंत में सूजन आ जाना शिशुओं में आम बात होती है, जो कि मां का दूध पीने से काफी हद तक सही हो सकती है। अगर आप चाहती हैं कि आपके शिशु को पेट की बीमारी ना हो तो, उसे अपना दूध कम से कम 6 महीने तक पिलाएं।
4. अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा आगे चल कर मोटा ना बन जाए तो, उसे अपना दूध लंबे समय तक पिलाएं।
5. वे शिशु जिन्हें फार्मूला वाला दूध, गाय का दूध या फिर सोया मिल्क पिलाया जाता है, उन्हें एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है।



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