Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
शिशु को 6 महीने तब स्तनपान करवाने के फायदे
जब शिशु थोड़ा सा बड़ा हो जाता है, तो कई माएं शिशु को स्तनपान कराना बंद कर देती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि अब जब बच्चा थेाड़ा बहुत आहार खाने ही लग गया है, तो अब भला मेरे दूध पिलाने का क्या फायदा होगा। डॉक्टर के मुताबिक शिशु पैदा होने के 6 महीने बाद तक स्तनपान करवाने से शिशु की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उसमें आगे चल कर कई सारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ जाती है। आइये जानते हैं कि शिशु को 6 महीने तक स्तनपान करवाने से क्या स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
शिशु को 6 महीने तब स्तनपान करवाने के फायदे

1. अगर आप अपने बेबी को लंबे समय तब दूध पिलाएंगी तो उसे पैदा होने के कुछ समय तक सांस संबन्धित बीमारी नहीं होगी , जो कि आम तौर पर शिशुओ में देखी जाती है। स्तनपान के बाद आम ब्रेस्ट की समस्याएं
2. स्तनपान करवाने से शिशु को 50 प्रतिशत तक कान और गले का इंफेक्शन टलने का चांस रहेगा।
3. आंत में सूजन आ जाना शिशुओं में आम बात होती है, जो कि मां का दूध पीने से काफी हद तक सही हो सकती है। अगर आप चाहती हैं कि आपके शिशु को पेट की बीमारी ना हो तो, उसे अपना दूध कम से कम 6 महीने तक पिलाएं।
4. अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा आगे चल कर मोटा ना बन जाए तो, उसे अपना दूध लंबे समय तक पिलाएं।
5. वे शिशु जिन्हें फार्मूला वाला दूध, गाय का दूध या फिर सोया मिल्क पिलाया जाता है, उन्हें एलर्जी की संभावना बढ़ जाती है।



Click it and Unblock the Notifications
