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बच्चो में कैसे दूर करें खून की कमी (एनीमिया)
छोटे बच्चों को जिस तहर से पीलिया होता है उसी तरह से उन्हें एनीमिया यानी की खून की कमी भी जल्द पकड़ लेती है। खून की कमी लौह तत्वों की कमी की वजह से होती है। जब बच्चे के शरीर का रंग पीला पड़ जाए या फिर बच्चा तेज तेज सांस ले रहा हो, तो समझ जाएं कि उसमें खून की कमी होना शुरु हो गई है। ऐसे में चिकित्सक की सलाह से बच्चों को रक्ताल्पता से बचाने की खास जरूरत होती है। आइये जानते हैं कुछ खास सुझाव जिससे आप अपने शिशु में होने वाली एनीमिया को पहचान सकते हैं और उसका उपचार कर सकते हैं।
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बच्चो में कैसे दूर करें खून की कमी (एनीमिया)
1. रोजाना अपने बच्चे को शहद खिलाएं। रोजाना हल्के गरम पानी में शहद खाले कर बच्चे को पिलाने से ब्लड सेल बढ़ती है। लेकिन अगर बच्चा एक साल से कम है तो उसे यह ना पिलाएं।
2. डॉक्टर को दिखाएं। जो बच्चा एक से पांच साल का हो और उसके अंदर खून की कमी हो गई है तो, उसे आयरन और फोलेट की दवाई लिखी जाती है।
3. अपने छोटे शिशु को पांच साल तक के नीचे तक गाय का दूध न दें तो अच्छा है। शिशुओं में गाय के दूध के सेवन से उन्हें एनीमिया हो जाता है।
टिप्स-
एनीमिया होने के आम से लक्षण होते हैं, नीली और सिकुड़ी हुई आंखें, मल में रक्त, कमजोर नाखून, भूख में कमी, थकान, सिरदर्द, झुंझलाहट, पीली त्वचा और सांस लेने में दिक्कत आदि।
चेतावनी-
अपने बच्चे को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर ले लेनी चाहिये। साथ ही अगर दवाई बदलनी भी तो, भी डाक्टर से पूछ लें।



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