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साबुन और शैम्पू से बच्चे को नहलाना कब शुरू करें?
हर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में कैमिकल पड़े ही होते हैं फिर चाहें वो बच्चे के लिए तैयार किए गए हों या बड़ों के लिए। अगर आपने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है तो आपको इस बात का खास ख्याल रखना पड़ेगा कि उसकी त्वचा के लिए क्या सही है और क्या नहीं।
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बच्चे की त्वचा बहुत नाजुक होती है ऐसे में आपको उसके शैम्पू से लेकर मालिश वाले तेल तक का ध्यान रखना पड़ेगा। आर्टिकल को लिखते समय बच्चों के डॉक्टरों से पूछा गया कि बच्चों को शैम्पू और साबुन से नहलाने की सही आयु और समय क्या होता है ताकि उनकी त्वचा को किसी प्रकार का नुकसान न हों।

वैसे तो बच्चे को आप थोड़े ही दिनों बाद, बच्चों के लिए आने वाले साबुन या शैम्पू से नहला सकते हैं लेकिन आपको उसके शरीर को देखते हुए ये करना होगा। अगर वह समय से पहले पैदा हो गया है तो ऐसा कतई न करें।
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नहलाने से पहले ही सारी तैयारी कर लें और पानी हल्का गुनगुना रखें ताकि उसे सर्दी न लग पाएं। सप्ताह में हर दिन साबुन-शैम्पू लगाने की जरूरत नहीं है, दो से तीन बार ही लगाएं। प्रोडक्ट का चयन करने से पहले उसकी मैनुफैक्चरिंग डेट आदि अच्छे से देख लें और उसमें पड़े तत्व भी देख लें। सभी निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ने के बाद ही इस्तेमाल करें।

कई तत्व बच्चे की त्वचा में खुलजी या रैशेज पैदा कर सकते हैं ऐसे में आपको इन बातों का भी ध्यान रखना होगा। नहाने से पहले बच्चे की मालिश करें और नहाने के बाद उसकी त्वचा पर मॉश्चराइजर लगाना न भूलें। इससे उसे खुजली और जलन नहीं होगी।
बेबी सोप और शैम्पू का इस्तेमाल करने के लिए टिप्स:
1. अगर आप पहली बार बच्चे को शैम्पू या साबुन से नहलाने वाली हैं और आपको डर है कि कहीं उसे नुकसान न पहुंचा दें। तो इस्तेमाल करने से पहले उसकी त्वचा पर पहले लगाकर देख लें, अगर वहां सब ठीक रहता है तभी इस्तेमाल करें। लाल पड़ने पर या खुजली होने पर उस उत्पाद का इस्तेमाल न करें।
2. 6 महीने से छोटे बच्चे को साबुन की बट्टी से रगड़कर नहीं नहलवाना चाहिए। साबुन को हाथ में लगाकर तब नहलाएं। इससे उसकी त्वचा पर रगड़ नहीं होगी।

3. सुगंध मुक्त साबुन का प्रयोग करें। जिन साबुनों में महक आती है उनमें कैमिकल ज्यादा पड़े होते हैं। ऐसे में हल्की महक या बिना महक वाले साबुन ही इस्तेमाल करें।
4. बच्चे की त्वचा को बहुत ज्यादा रगड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती है क्योंकि उनकी त्वचा पर धूल जमा नहीं होती है। आप सिर्फ मालिश करें और नहला दें।
5. 3 वर्ष की आयु तक बच्चे को बबल्स बाथ न दें, इससे उसे मूत्र मार्ग में संक्रमण होने का खतरा हो सकता है।



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