जन्‍म के 24 घंटों के अंदर क्‍यों न्‍यू बोर्न बेबी को रोना चाह‍िए, जानिए वजह

जब बच्‍चा जन्‍म लेता है तो इस दुन‍िया में आते ही वो जोर-जोर से रोने लग जाता हैं। उसका रोना ही उसके जन्‍म का संकेत होता है। लेक‍िन कई बार कुछ बच्चे जन्म लने के बाद रोना शुरु नहीं करते हैं, जो कि सामान्‍य सी बात हैं। क्या जन्म के बाद बच्चे का रोना जरूरी होता है? इस सवाल का जवाब लगभग हर माता-पिता को पता होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्म लेने के 24 घंटों के भीतर बच्चे का पहली बार रोना क्यों जरूरी होता है? आइए जानते हैं क‍ि जन्‍म लेने के दौरान नवजात शिशु का रोना कितना जरूरी है इसी पर बात कर रहे हैं। नवजात शिशु की देखभाल के लिए उसके रोने पर विशेष ध्यान रखना होता है।

 जन्म के समय पर बच्चे का रोना क्यों जरूरी

जन्म के समय पर बच्चे का रोना क्यों जरूरी

जब बच्चा जन्म लेता है तो वह मां की कोख से अलग होता है। जन्म के समय पर बच्चे का रोना उसके जीवन का संकेत है। जब जन्म के बाद बेबी फर्स्ट क्राई ( First Cry) करता है तब पता चलता है कि उसके फेफड़े और हार्ट काम कर रहे हैं। रोने से बच्चे के स्वास्थ्य का पता चलता है। अगर बच्चा तेजी से रोता है तो इसका मतलब है वो स्वस्थ्य है। अगर बच्चा बहुत धीमे आवाज में रोता है तो कुछ स्वास्थ्य परेशानियां हो सकती हैं।

इसल‍िए रोता है शिशु

इसल‍िए रोता है शिशु

नवजात शिशु जन्म लेने से पहले तक गर्भनाल के माध्यम से सांस ले रहा होता है। जन्म के कुछ सेकेंड बाद बच्चा खुद से सांस लेता है। जब नवजात शिशु सांस लेता है तो नाक और मुंह में जमें तरल पदार्थ को बाहर करता है। इस प्रक्रिया में बच्चा रोने लगता है। जब बच्चा खुद से सांस नहीं ले पाता और फ्लूइड को बाहर नहीं कर पाता तो डॉक्टर सक्शन ट्यूब की मदद से ऐसा करते हैं।

 बच्चें का कितना रोना सामान्य होता है

बच्चें का कितना रोना सामान्य होता है

बच्चें के लालन-पालन में यह बात जानना जरूरी होता है। बच्चें को एक दिन में कितना रोना चाहिए या कितना रोना सामान्य है, इसकी जानकारी मां को होनी ही चाहिए। इस मसले में कई शोध बताते हैं कि एक स्वस्थ्य बच्चे को एक दिन या 24 घंटे में कम से कम 2-3 घंटे रोना ही चाहिए।

अगर नवजात शिशु 3 घंटे से अधिक रोता है तो

अगर नवजात शिशु 3 घंटे से अधिक रोता है तो

विशेष देखभाल की जरूरत हो सकती है। अगर बच्चा 4 घंटे से ज्यादा रो रहा है तो फिर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है उसके रोने का समय कम होने लगता है।

शिशु के रोने का कारण और समय

शिशु के रोने का कारण और समय

अब सबसे महत्वपूर्ण बात जो हर मां को पता होनी चाहिए। बच्चा कब-कब रोता है और क्यों रोता है? शिशु को जब भूख लगती है तब रोता है यह बात हर मां जानती है। कुछ अन्य कारण भी होते हैं जब नवजात शिशु रोता है।

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