जानिए न्यूबॉर्न की स्किन से जुड़े अमेजिंग फैक्ट्स

छोटे बच्चों को देखकर हर किसी के चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है। अमूमन नवजात शिशु की स्किन काफी कोमल होती है और उसे बार-बार छूने का मन करता है। हालांकि, नवजात की स्किन उतनी ही सेंसेटिव भी होती है, इसलिए उसे बार-बार छूना उनके लिए हानिकारक भी हो सकता है। अमूमन यह कहा जाता है कि छोटे बच्चों और उनकी स्किन को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है और इसलिए बच्चे की स्किन की देख-रेख सही तरह से की जानी चाहिए। हालांकि, उनकी स्किन से जुड़े ऐसे कई फैक्ट्स होते हैं, जिनके बारे में आम लोगों को पता नहीं होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बेबी की स्किन से जुड़े कुछ अमेजिंग फैक्ट्स के बारे में बता रहे हैं-

दिखता है एक खास तरह का कलर

दिखता है एक खास तरह का कलर

आमतौर पर यह कहा जाता है कि बच्चे का रंग अपने माता-पिता से प्रभावित होता है। लेकिन इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका रंग कैसा है, आपके बेबी के पहले कुछ दिनों के लिए उसका कलर कुछ हद तक लाल-बैंगनी नजर आ सकता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बढ़ने लगता है, उसका सर्कुलेटरी सिस्टम डेवलप होता है और स्किन पतली होती है व स्किन में रेडनेस नजर आ सकती है। करीबन 6 माह बाद बच्चे की एक स्थायी स्किन टोन डेवलप हो सकता है।

होती है मेलेनिन की कमी

होती है मेलेनिन की कमी

अमूमन पैरेंट्स बच्चों को ठंड के मौसम में धूप में लिटाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपको इस बात की जानकारी है कि आपको अपने बेबी को कम से कम छह माह तक सीधी धूप में लिटाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि बेबी की स्किन में मेलेनिन का विकास नहीं होता है। यह एक ब्राउन पिगमेंट होता है, जो स्किन को यूवी किरणों से बचाता है। बेबी की स्किन में इसकी कमी होती है तो इससे उन्हें सन डैमेज या सनबर्न होने का खतरा अधिक हो जाता है।

बेबी की स्किन को रोज नहलाने की आवश्यकता नहीं होती

बेबी की स्किन को रोज नहलाने की आवश्यकता नहीं होती

कुछ महिलाएं अपने बेबी को हर रोज नहलाती हैं। लेकिन वास्तव में आपको पता है कि आपके बच्चे की स्किन ऐसी होती है कि उसे नहलाने की आवश्यकता नहीं होती है। दरसअल, आपका शिशु उतनी बार गंदा नहीं होता जितना कि वयस्क करते हैं। आप चाहे तो अपने बेबी को दो दिन में एक बार नहला सकती हैं। हर दिन अगर उन्हें नहलाया जाए तो इससे उनकी स्किन में नमी की कमी हो जाती है। साथ ही स्किन में रूखापन व रैशेज की समस्या भी हो जाती है। इसलिए बच्चे को हर दिन नहलाने से परहेज करें। साथ ही, उनके लिए बेबी स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।

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अल्ट्रा सेंसेटिव होती है बेबी स्किन

अल्ट्रा सेंसेटिव होती है बेबी स्किन

यह तो हम सभी जानते हैं कि बेबी की स्किन अधिक सेंसेटिव होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि बेबी की स्किन वयस्क स्किन की तुलना में 3 गुना अधिक संवेदनशील होती है। चूंकि, उनकी स्किन अभी भी विकसित हो रही है और उनकी स्किन के प्रोटेक्टिव बैरियर को विकसित होने में कुछ समय लगेगा। हालांकि, यहां आपको यह भी पता होना चाहिए कि उनकी स्किन सेंसेटिव है, इसलिए आप बेबी की स्किन पर हार्श केमिकल्स का उपयोग करने से बचें।

रैशेज होने का खतरा होता है अधिक

रैशेज होने का खतरा होता है अधिक

क्या आपको इस बात की जानकारी है कि बेबी की स्किन में रैशेज होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसा इसलिएए होता है, क्योंकि बेबी की स्किन नमी को तेजी से अवशोषित करती है, लेकिन उससे भी अधिक तेजी से वह इसे लॉस करते हैं। जिसके कारण उनकी स्किन का रूखापन रैशेज की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए उनकी त्वचा को हाइड्रेटेड रखना आवश्यक है। बेबी की स्किन को ठीक से मॉइश्चराइज न करने पर यह समस्या और भी बढ़ सकती है। आप बेबी के लिए उचित एक मॉइश्चराइजिंग लोशन का प्रयोग करें।

Story first published: Wednesday, November 2, 2022, 12:00 [IST]
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