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आपका आठ महीने का बच्चा ठीक से नहीं सो पाता, तो जानिए इसका कारण और उपचार
नए पैरेंट्स के लिए सबसे जरूरी है एक अच्छी नींद लेना। पैरेंट्स बनने के बाद उनके लिए अच्छी नींद लेना, लंबे टाइम के लिए नैप लेना और बेडटाइम रूटीन को मेंटेन रख पाना बेहद मुश्किल होता है। ऐसा माना जाता है कि जब तक आपका बच्चा 8 महीने का होता है, तब तक वह अपने स्लीप साइकल में सेटल हो जाता है। लेकिन अगर अब भी आपका बच्चा रात में एक-दो या उससे अधिक बार उठता है तो हो सकता है कि आपको इसके पीछे का कारण समझ में ना आ रहा हो। लगभग 8 महीने की उम्र में शिशुओं को नींद की कमी का अनुभव होना आम है। स्लीप रिग्रेशन कठिन हो सकता है और घर में सभी की नींद को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह स्लीप रिग्रेशन हमेशा के लिए नहीं होता। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको आठ माह के बच्चों में स्लीप रिग्रेशन के कारण व प्रभावी उपचार तरीकों के बारे में बता रहे हैं-

जानिए क्या है आठ माह के बच्चे में स्लीप रिग्रेशन
एक स्लीप रिग्रेशन वह स्थिति है, जब एक बेबी अच्छी नींद ले रहा होता है और उसे अचानक खराब नींद की समस्या होती है। स्लीप रिग्रेशन में बच्चों में अपेक्षाकृत छोटे नैप्स लेना, झपकी लेते या सोते समय अत्यधिक परेशानी होना, ठीक से नींद ना आना और रात में बार-बार जागना शामिल हो सकता है। 4 महीने, 8 महीने और 18 महीने सहित कई उम्र में नींद की शिकायतें आम हैं। हालांकि यह समस्या हर बेबी में नहीं देखी जाती, लेकिन अगर आपके बच्चे के साथ ऐसा है तो आपको इसके कारण, अवधि व उपचार के तरीकों के बारे में जानना चाहिए।

कितने समय के लिए होती है यह समस्या
यह समस्या अधिकतर बच्चों में तीन से छह सप्ताह तक रहती है। अगर बच्चे की नींद संबंधी समस्या इससे कम अवधि में ठीक हो जाती है, तो यह वास्तव में स्लीप रिग्रेशन नहीं होता, बल्कि यह कुछ टेंपरेरी कारणों जैसे बच्चे के शेड्यूल में बदलाव, बीमारी, दांत निकलना आदि के कारण नींद में खलल पैदा होता है।

इसका क्या कारण होता है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि नींद का आना आमतौर पर दो कारणों से होता हैः एक डेवलपमेंटल लीप या नैप शेड्यूल में बदलाव और नींद की जरूरतों में बदलाव। जब बच्चे के डेवलपमेंट की बात आती है, तो 8 महीने के बच्चे बहुत कुछ कर रहे होते हैं। इस उम्र में, कई बच्चे स्कूटर चलाना, क्रॉल करना आदि सीख रहे होते हैं। इतना ही नहीं, उनके भाषा कौशल का भी तेजी से विस्तार हो रहा है क्योंकि वे हर दिन कुछ नया सीख व समझ रहे होते हैं। यह मेंटल लीप उनकी नींद में गड़बड़ी पैदा कर सकती है क्योंकि बच्चा नए कौशल को सीखने की कोशिश करता है और दिमाग

काफी व्यस्त रहता है।
दूसरा, नैप शेड्यूल में बदलाव और नींद की ज़रूरतों में बदलाव भी 8 महीने की नींद की रिग्रेशन का एक कारक हो सकता है। आठ महीने के बच्चे दिन के दौरान लंबे समय तक जागना शुरू कर देते हैं। वे दिन में कुछ वक्त के लिए नैप लेते हैं, जिससे उनकी रात की नींद में परेशानी पैदा होती है।

आप इसके बारे में क्या कर सकते हैं?
जब आपको यह पता होता है कि स्लीप रिग्रेशन का कारण व इसकी अवधि के बारे में पता होता है तो यकीनन आप कुछ वक्त के लिए रिलैक्स महसूस कर सकते हैं। बच्चे इसे 3 से 6 सप्ताह तक के लिए इसे महसूस कर सकते हैं। यहां आपको यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि 8 महीने की उम्र में बच्चे में स्लीप रिग्रेशन अस्थायी है और यह कुछ वक्त में खुद ब खुद ठीक होने वाला है। ऐसे में आपको उस बच्चे को समायोजित करने के लिए अपनी पूरी दिनचर्या को बदलने की ज़रूरत नहीं है। 8 महीने की अवस्था में बच्चों में स्लीप रिग्रेशन का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप जो भी स्लीप ट्रेनिंग तरीके और दिनचर्या का पालन करते हैं, उसका पालन ही करते रहें। इसके अलावा बच्चों को सुलाने के लिए उन्हें पालने में हिलाने व झुलाने से उन्हें नींद आने में मदद मिलती है। हालांकि इसमें पहले से अधिक वक्त लग सकता है, लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, आप उनका कमरा ऐसा होना चाहिए, जिसमें किससी तरह का खलल या शोर ना हो, ताकि उनकी नींद में डिस्टर्बेंस ना हो। हो सकता है कि इन तरीकों से प्रभावी रिजल्ट ना मिलें, लेकिन फिर भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ वक्त बाद यह खुद ब खुद ठीक हो जाने वाला है।



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