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पैरेंट्स की इन चार बुरी आदतें अनजाने में अपना लेते हैं बच्चे
किसी भी बच्चे के सबसे पहले शिक्षक उसके माता-पिता ही होते हैं। अक्सर पैरेंट्स बच्चों को अच्छी आदतें अपनाने के लिए कहते हैं। लेकिन बच्चे अपने पैरेंट्स की बातों से ज्यादा उनके एक्शन को फॉलो करते हैं। इसलिए, पैरेंट्स उनके सामने क्या करते हैं, इसका गहरा प्रभाव बच्चे पर पड़ता है। बच्चे अपने पैरेंट्स से सिर्फ अच्छी आदतें ही नहीं सीखते हैं, बल्कि वे उनकी कुछ बुरी आदतों को भी अनजाने में अपना लेते हैं।
ऐसे में पैरेंट्स यह सोचते हैं कि ना जाने उनका बच्चा बैड हैबिट्स कहां से सीख रहा है। जबकि वास्तव में इसके पीछे वह खुद ही जिम्मेदार होते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही बैड हैबिट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें बच्चे अपने पैरेंट्स से सीख सकते हैं-

हाइजीन की अनदेखी
अमूमन बच्चा अपने पैरेंट्स को देखकर काफी कुछ सीखता है। हो सकता है कि आपकी देखा-देखी हाइजीन की अनदेखी करना शुरू कर दें। दरअसल, जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है और अपने आसपास की दुनिया की खोज करना शुरू करता है, वह चीजों को उठाता है। इस प्रक्रिया में, वह अपने अंगों और शरीर को गंदा कर लेता है। लेकिन इस स्थिति में अगर पैरेंट्स हाइजीन का पूरा ध्यान नहीं देते हैं तो ऐसे में बच्चा भी हाइजीन को लेकर लापरवाह हो जाता है। याद रखें कि एक बच्चा स्वच्छता का अपना पहला पाठ घर से ही सीखता है।
समय को लेकर पाबंद ना होना
जब जीवन के अच्छे गुणों की बात होती है तो ऐसे में समय को लेकर पाबंद होना बेह जरूरी है। लेकिन कई बार बच्चे समय का महत्व नहीं समझते हैं और उनमें यह आदत अपने पैरेंट्स को देखकर ही विकसित होती है। मसलन, अगर पैरेंट्स हर जगह लेट पहुंचते हैं या फिर अपने काम को समय पर खत्म नहीं करते हैं तो इससे बच्चा भी ऐसे ही करने लग जाता है। इसलिए, जितना जल्दी हो सके, अपनी इस बुरी आदत को सुधारें। जिससे बच्चा भी समय का महत्व समझ सके।
अनहेल्दी फूड च्वॉइसेस
बच्चे की ईटिंग हैबिट्स के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनके पैरेंट्स का होता है। ऐसा देखने में आता है कि कुछ बच्चे केवल होम कुक्ड फूड ही खाते हैं, जबकि अधिकतर बच्चों को बाजार का अनहेल्दी जंक फूड ही अच्छा लगता है। यह सभी आदतें बच्चे में अपने पैरेंट्स से ही आती हैं। अगर पैरेंट्स अक्सर बाहर खाना खाते हैं या फिर बच्चे के लिए बार-बार जंक लाते हैं तो फिर बच्चा उन्हें खाने की ही जिद करने लगते हैं। इसलिए बच्चे को ऐसी किसी भी हैबिट से बचाने के लिए आप सभी घर का बना खाना समय पर खाएं।
पैसे को बर्बाद करना
कुछ बच्चे पैसे का महत्व बिल्कुल भी नहीं समझते हैं और उनमें यह आदत अपने पैरेंट्स से आती है। सबसे पहले तो बच्चा अपने पैरेंट्स को बेवजह पैसा खर्च करते हुए देखते हैं। वे अपने पैरेंट्स से जो भी डिमांड करते हैं, पैरेंट्स उन्हें ला देते हैं। जिससे बच्चा पैसों के महत्व को नहीं समझ पाता। ऐसे में जब बच्चे को पॉकेट मनी मिलती है, तो वे जिम्मेदारी से पैसे खर्च नहीं करते हैं। फिजूलखर्ची करना अच्छी आदत नहीं है, इसलिए पैरेंट्स को भी जिम्मेदारी से पैसे खर्च करने चाहिए। साथ ही, उन्हें बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि कहां खर्च करना है और कितना खर्च करना है।



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