Latest Updates
-
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने
क्या तनाव से इनफर्टिलिटी होती है?
कभी सोचा है कि इतनी कोशिशों के बावजूद आप कंसीव क्यों नहीं कर पा रही हैं। इनफर्टिलिटी के लिये हमेशा चिकित्सा स्पष्टीकरण ही काफी नहीं होते। इसके लिये मनोवैज्ञानिक कारणों की ओर भी ध्यान देना जरूरी है। वे लोग जिनके ऑफिस का शेड्यूल बहुत हैक्टिक है, उन्हें इस समस्या का ज्यादा खतरा रहता है। चलिये जानते हैं कि जब बात कंसीव करने की आती है तो तनाव कंसीव करने की क्षमता पर कैसे कम करता है।

ओव्यूलेशन- ऐसी महिलाएं जो घर के काम के साथ-साथ जॉब भी संभाल रहीं हैं, उन्हें तनाव ज्यादा होता है। इन केसों में या तो वे ओव्यूलेट करना बंद कर देती हैं या फिर बहुत कम ओव्यूलेशन होता है। इसलिये वह कंसीव नहीं कर पाती। यह सब केवल तनाव से ही होता है, इसलिये खुद को किसी अच्छे थैरेपिस्ट को दिखवाएं, जिससे आपका तनाव कम हो सके।
तनाव भी दो प्रकार के होते हैं, जिसमें दिमाग हर समय तनाव से घिरा रहता है और दूसरा वह, जब आप बस कभी-कभी ही तनाव में रहती हैं। कंसीव ना कर पाने का कारण हर समय तनाव में रहना ही होता है।
मासिक चक्र- भाग-दौड भरी जिंदगी कहीं ना कहीं हमारे मासिक चक्र पर भी गहरा असर डालती है। अगर मासिक चक्र में किसी प्रकार की गडबडी आई तो तुरंत समझ लेना चाहिये कि कंसीव करने में परेशानी होगी। कुछ महिलाओं में तो मासिक की अवधि कम हो जाती है या फिर कुछ में तो मासिक धर्म होना ही बंद होता है।
लेकिन अगर आपके पीरियड्स किसी बीमारी या फिर मौसम में किसी बदलाव के आने की वजह से महीने भर के लिये टल गए हैं, तो इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर आप कुछ ही समय बाद अपने नार्मल पीरियड्स पर वापस आ जाएंगी।
शरीर और दिमाग का मिलन- अगर आपको प्रेगनेंट बनना है, तो दिमाग और शरीर दोंनो ही को स्वस्थ्य रूप में रखना होगा। रिसर्च से पता चला है कि ज्यादा तनाव लेने से हमारा ब्रेन सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। यह कॉर्टिसोल नामक हार्मोन का रिसाव तेज कर देता है, जिससे स्पर्म काउंट और बच्चा जनने का सीधा संबन्ध होता है। इसके अलावा मस्तिष्क अणुओं का उत्पादन करता है, जिसका नाम नीरोपेप्टाइड है, जो भावनात्मक तनाव से जुडा हुआ है। यह अणु प्रजनन क्रिया में हस्तक्षेप करते हैं। इसलिये हमेशा खुश रहें और अपने शरीर का ख्याल रखें।
स्ट्रैस दोंनो ही पुरुष और महिला में फर्टिलिटी की समस्या पैदा कर सकता है। इसलिये अपनी लाइफस्टाइल को बदलें और जब भी मौका मिले तो आराम करें।



Click it and Unblock the Notifications