Latest Updates
-
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट -
World Earth Day 2026 Quotes: धरती हमारी, जिम्मेदारी हमारी...पृथ्वी दिवस पर ये संदेश भेजकर फैलाएं जागरूकता -
वादियों में अब सन्नाटा है...Pahalgam हमले की पहली बरसी इन शायरियों और संदेशों से दें शहीदों को श्रद्धांजलि -
Ganga Saptami 2026 Date: 22 या 23 अप्रैल, गंगा सप्तमी कब है? जानें सही तारीख, महत्व और पूजा विधि -
Aaj Ka Rashifal 22 April 2026: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इन 5 राशियों के लिए शुभ, जानें आज का भाग्यफल -
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत -
Heatwave Alert: अगले 5 दिनों तक इन शहरों में चलेगी भीषण लू, 44°C तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी की एडवाइजरी
क्या तनाव से इनफर्टिलिटी होती है?
कभी सोचा है कि इतनी कोशिशों के बावजूद आप कंसीव क्यों नहीं कर पा रही हैं। इनफर्टिलिटी के लिये हमेशा चिकित्सा स्पष्टीकरण ही काफी नहीं होते। इसके लिये मनोवैज्ञानिक कारणों की ओर भी ध्यान देना जरूरी है। वे लोग जिनके ऑफिस का शेड्यूल बहुत हैक्टिक है, उन्हें इस समस्या का ज्यादा खतरा रहता है। चलिये जानते हैं कि जब बात कंसीव करने की आती है तो तनाव कंसीव करने की क्षमता पर कैसे कम करता है।

ओव्यूलेशन- ऐसी महिलाएं जो घर के काम के साथ-साथ जॉब भी संभाल रहीं हैं, उन्हें तनाव ज्यादा होता है। इन केसों में या तो वे ओव्यूलेट करना बंद कर देती हैं या फिर बहुत कम ओव्यूलेशन होता है। इसलिये वह कंसीव नहीं कर पाती। यह सब केवल तनाव से ही होता है, इसलिये खुद को किसी अच्छे थैरेपिस्ट को दिखवाएं, जिससे आपका तनाव कम हो सके।
तनाव भी दो प्रकार के होते हैं, जिसमें दिमाग हर समय तनाव से घिरा रहता है और दूसरा वह, जब आप बस कभी-कभी ही तनाव में रहती हैं। कंसीव ना कर पाने का कारण हर समय तनाव में रहना ही होता है।
मासिक चक्र- भाग-दौड भरी जिंदगी कहीं ना कहीं हमारे मासिक चक्र पर भी गहरा असर डालती है। अगर मासिक चक्र में किसी प्रकार की गडबडी आई तो तुरंत समझ लेना चाहिये कि कंसीव करने में परेशानी होगी। कुछ महिलाओं में तो मासिक की अवधि कम हो जाती है या फिर कुछ में तो मासिक धर्म होना ही बंद होता है।
लेकिन अगर आपके पीरियड्स किसी बीमारी या फिर मौसम में किसी बदलाव के आने की वजह से महीने भर के लिये टल गए हैं, तो इसमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर आप कुछ ही समय बाद अपने नार्मल पीरियड्स पर वापस आ जाएंगी।
शरीर और दिमाग का मिलन- अगर आपको प्रेगनेंट बनना है, तो दिमाग और शरीर दोंनो ही को स्वस्थ्य रूप में रखना होगा। रिसर्च से पता चला है कि ज्यादा तनाव लेने से हमारा ब्रेन सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। यह कॉर्टिसोल नामक हार्मोन का रिसाव तेज कर देता है, जिससे स्पर्म काउंट और बच्चा जनने का सीधा संबन्ध होता है। इसके अलावा मस्तिष्क अणुओं का उत्पादन करता है, जिसका नाम नीरोपेप्टाइड है, जो भावनात्मक तनाव से जुडा हुआ है। यह अणु प्रजनन क्रिया में हस्तक्षेप करते हैं। इसलिये हमेशा खुश रहें और अपने शरीर का ख्याल रखें।
स्ट्रैस दोंनो ही पुरुष और महिला में फर्टिलिटी की समस्या पैदा कर सकता है। इसलिये अपनी लाइफस्टाइल को बदलें और जब भी मौका मिले तो आराम करें।



Click it and Unblock the Notifications











