गर्भनिरोधक गोलियों के बुरे प्रभाव

अनचाहे गर्भ से निजात के लिए इमरजेंसी कांट्रासेप्टिव पिल्स का प्रयोग आजकल आम हो चुका है, लेकिन यह स्थाई गर्भ निरोधक का तरीका नहीं है। बार-बार प्रयोग के नतीजे घातक हो सकते हैं इसलिये जब तक डॉक्‍टर ना कहें तब तक इसे बिल्‍कुल नहीं खाना चाहिये। चलिये जानते हैं कि आखिर क्‍या-क्‍या बुरे प्रभाव ये गर्भनिरोधक गोलियां हम पर डाल सकती हैं।

 Emergency Contraceptive Pills

साइड इफेक्‍ट-

बाधित ओव्‍यूलेशन- गर्भनिरोधक गोलियों का कार्य ओव्‍यूलेशन और निषेचन होने से रोकना है। प्रेगनेंसी को दूर रखने के लिये यह काम तो आती है लेकिन यह एक या दो महीने तक के मासिक धर्म और ओव्‍यूलेशन साइकिल को बिगाड़ भी सकती है। अगर आप लगातार यह पिल लेंगी तो आपका मासिक धर्म एक हफ्ते आगे या पीछे हो सकता है।

उल्‍टी और चक्‍कर- गोली लेने का यह भी एक साइड इफेक्‍ट होता है, कि आपको उल्‍टी या चक्‍कर आने शुरु हो जाएं। यह कोई सीरियस बात नहीं है और ना ही इसे प्रेगनेंट होने का संकेत समझना चाहिये। कई महिलाओं को कमजोरी का भी एहसास होता है।

पीरियड- कई बार पिल लेने के बाद भी पीरियड शुरु हो जाते हैं, लेकिन इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है क्‍योंकि यह कोई साइड इफेक्‍ट नहीं है। वैसे तो मासिक धर्म का समय केवल 5 दिन होता है लेकिन कई महिलाओं को पिल लेने के बाद यह हफ्तेभर तक भी हो सकता है। ऐसा होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्‍टर की सलाह लेनी चाहिये।

मासिक दर्द- गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने के दूसरे महीने के बाद कई महिलाओं को हेवी ब्‍लीडिंग त‍था भारी दर्द का समाना भी करता पड़ता है। इसमें ओव्‍यूलेशन गड़बड़ हो जाता है और यह प्रजनन प्रणाली पर भी प्रभाव डालता है। तो अगर अगली बार आपको तेज दर्द हो तो परेशान होने की बजाए गरम पानी की बॉटल से सिकाई करें।

अन्‍य साइड इफेक्‍ट-
सिरदर्द, स्तन दर्द, चक्कर आना और पेट में ऐंठन होना काफी आम साइड इफेक्ट है। आपका डॉक्टर आपको बेहतर महसूस करवाने के लिये दवाइयां दे सकता है।

Story first published: Monday, October 1, 2012, 11:52 [IST]
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