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गर्भावस्था के संदर्भ में 12 महत्वपूर्ण जानकारियाँ
गर्भावस्था वह स्थिति जब एक स्त्री के शरीर में बच्चा बढ़ रहा होता है और वह उसे पैदा करती है। इन नौ महीनों के समय में बच्चे का विकास होता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में गर्भवती स्त्री अपनी देखभाल अच्छे से करे। यह वह समय होता है जब गर्भपात की संभावना बहुत अधिक होती है। गर्भवती स्त्री को पहले तीन महीने अधिक से अधिक आराम करने की सलाह दी जाती है। यह उसकी गर्भावस्था का सबसे कठिन समय होता है जब उसके शरीर में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं।
गर्भवती स्त्री को प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने के कई लाभ हैं। सर्वप्रथम तो पहले तीन महीनों में गर्भपात की जो संभावना होती है, नियमित व्यायाम करने से वह कम हो जाती है। दूसरा गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वज़न बहुत बढ़ता है। नियमित व्यायाम करने से वजन भी नियंत्रित रहता है। गर्भवती स्त्री को सिगरेट और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। ये दोनों बच्चे के लिए बहुत घातक हैं।
गर्भवती महिला द्वारा पी गई शराब बच्चे के पेट में जाती है। इससे बच्चे को गंभीर ख़तरा हो सकता है। शराब के कारण बच्चे में जन्म के समय दोष आ सकते हैं। अत: गर्भवती महिला को इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि वह किन चीज़ों का सेवन कर रही है और इसका बच्चे पर क्या असर होगा।

खान पान संबंधी आदतें
गर्भवती स्त्री को खान पान संबंधी स्वस्थ आदतों को अपनाना चाहिए। उसे सही पोषक तत्व उचित मात्रा में लेना चाहिए। माँ जो कुछ भी खाती है अंतत: वह बच्चे को ही मिलता है।

व्यायाम
गर्भवती स्त्री को प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने के कई लाभ हैं। सर्वप्रथम तो पहले तीन महीनों में गर्भपात की जो संभावना होती है, नियमित व्यायाम करने से वह कम हो जाती है। दूसरा गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वज़न बहुत बढ़ता है। नियमित व्यायाम करने से वजन भी नियंत्रित रहता है।

धूम्रपान न करें और शराब न पीएं
गर्भवती स्त्री को सिगरेट और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। ये दोनों बच्चे के लिए बहुत घातक हैं। गर्भवती महिला द्वारा पी गई शराब बच्चे के पेट में जाती है। इससे बच्चे को गंभीर ख़तरा हो सकता है। शराब के कारण बच्चे में जन्म के समय दोष आ सकते हैं। अत: गर्भवती महिला को इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि वह किन चीज़ों का सेवन कर रही है और इसका बच्चे पर क्या असर होगा।

अभिभावकता के बारे में लोगो से बात करें
यदि आपके मित्र या रिश्तेदार जो हमउम्र हैं और जो अभिभावक भी हैं उनसे बात करें। उनसे ज्ञान प्राप्त करें और उनके अनुभव के बारे में जानें। जब आप ऐसे लोगों से बात करेंगे जो पहले से ही माता पिता हैं तो आप अच्छा महसूस करेंगे और आपको अधिक जानकारी भी मिलेगी। आपको कुछ ऐसी बातें पता चलेंगी जो शायद आपको कभी पता नहीं चलती।

दवाइयां न लें
यदि आपका मतली या उल्टी होती है और चक्कर आते हैं तो दवाईयां न लें। गर्भावस्था के दौरान जहाँ तक संभव हो प्राकृतिक उपचार लें।

पानी अधिक पीएं
अधिक से अधिक पानी पीएं। प्रतिदिन छः से आठ गिलास पानी पीएं। पानी की उचित मात्रा पीना बहुत आवश्यक है।

तैराकी (स्विमिंग) करें
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में तैराकी करना बहुत अच्छा होता है। जैसे ही आप अपनी गर्भावस्था के अंतिम दिनों में आते हैं आपको बहुत अधिक दर्द और तकलीफ़ महसूस होती है। स्विमिंग से आप अच्छा महसूस करेंगे और और आपको कुछ राहत मिलेगी। इससे आप हल्का महसूस करेंगे।

तीखा और तला हुआ खाना न खाएं
यदि गर्भावस्था के दौरान आपको सीने में जलन या इस तरह की अन्य समस्याएं हों तो आपको तला हुआ और तीखा कम खाना चाहिए।

ऊंचे तकिये पर सर रखकर सोएं
गर्भवती महिला को कुछ ऊंचे तकिये पर सर रखकर सोने चाहिए। यदि गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रकार से बने गद्दे खरीद सकती है, तो अच्छा है परंतु अगर वह इसे नहीं खरीदना चाहती तो वह कुछ ऊंचा तकिया लेकर सो सकती है। इससे वह अधिक आरामदायक महसूस करेगी।

फ़ोटो खींचें
अपनी गर्भावस्था के फ़ोटो को एकत्र करना न भूलें क्योंकि यह आपके जीवन का बहुत महत्वपूर्ण और विशेष चरण होता है।

अच्छी किताबें पढ़ें
गर्भवती महिला को अच्छी और सकारात्मक पुस्तकें पढनी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान दुखी और तनावपूर्ण पुस्तकें पढने से बचें।

अपने अभिभावकों से बात करें
अपने अभिभावकों का अनुभव बांटें। वे आपको ऐसी चीज़ें बताएंगे जो शायद आप कभी जान भी नहीं पाते। वे आपको बताएंगे कि जब आप बच्चे थे तो कैसे थे। जब आपका बच्चा पैदा होगा तो आप देखेंगे कि आपके अभिभावकों द्वारा बताई गई कहानियों में और उस बच्चे में किस प्रकार की समानताएं हैं। उनसे सीखें।

संक्रमण का ख़तरा
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को संक्रमण का ख़तरा अधिक रहता है। इससे वे कमजोरी महसूस करती हैं। सुनिश्चित करें कि आपके आसपास का वातावरण साफ़ और स्वच्छ हो। अपने चारों ओर का वातावरण स्वच्छ रखें। अपनी गर्भावस्था का आनंद उठाएं। अपनी अच्छी तरह से देखभाल करें।



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