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एक स्टडी के अनुसार जो लोग पिता बनना चाह रहे हैं उन्हें स्वस्थ शुक्राणुओं के लिए आधी रात से पहले सोना ज़रूरी है। जो लोग 8 से 10 बजे के बीच सो जाते हैं उनके शुक्राणुओं की गतिशीलता ज़्यादा होती हैं।
एक स्टडी के अनुसार जो लोग पिता बनना चाह रहे हैं उन्हें स्वस्थ शुक्राणुओं के लिए आधी रात से पहले सोना ज़रूरी है। जो लोग 8 से 10 बजे के बीच सो जाते हैं उनके शुक्राणुओं की गतिशीलता ज़्यादा होती हैं, ये बेहतर स्विम करते हैं और अंडे को निषेचित करने का अवसर बढ़ जाता है।
दूसरी तरफ, जो पुरुष आधी रात के बाद सोते हैं उनमें शुक्राणुओं की संख्या कम होती है और उनके शुक्राणु जल्दी मर जाते हैं। 6 घंटे या इससे कम सोने पर यह स्थिति और भी बेकार होती है, इसके बजाय 9 घंटे सोने वालों के शुक्राणु ज़्यादा स्वस्थ रहते हैं।

चीन में हार्बिन मेडिकल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने डेली मेल को बताया कि ज़्यादा देर से सोने और सही तरह आराम नहीं करने से शरीर में एंटीस्पर्म एंटीबॉडी का लेवल बढ़ता है- यह एक प्रोटीन है जो इम्यून सिस्टम में बनता है और स्वस्थ शूकाणुओं को खत्म करता है।
पहले की स्टडी में भी यह बात सामने आई है कि जो लोग 6 घंटे सोते हैं उनमें शुक्राणुओं की संख्या 8 घंटे सोने वालों से 25% कम होती हैं।

मेडिकल साइंस मॉनिटर जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के लिए टीम ने 981 स्वस्थ लोगों के स्लीपिंग पैटर्न पर शोध किया, जिन्हें 8 से 10 बजे, 10 से आधी रात या इसके बाद सोने के लिए कहा गया।

उन्हें अपने अलार्म भरने के लिए भी कहा गया जिससे कि वे अध्यययन के अनुसार 6 घंटे या कम, 7 से 8 घंटे या 9 व इससे ज़्यादा घंटे सो सकें।
वैज्ञानिकों ने नियमित रूप से वीर्य के सैंपल लिए ताकि शुक्राणुओं की संख्या, आकार और गतिशीलता की जांच की जा सके – आईएएनएस के अनुसार



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