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कंसीव करने में आ रही है दिक्कत, आज से शुरु कर दें ये 5 फर्टिलिटी योगासन
गलत लाइफस्टाइल और देरी से फैमिली प्लानिंग के चलते महिला और पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जब कपल्स बेबी प्लानिंग करते हैं, तो उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर्स की सलाह लेने पर वे सही डायट और एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं, ताकि प्रजनन क्षमता को बढ़ाया जा सके। प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए योग भी काफी सहायक होता है। कई बार दवाएं और डॉक्टरी सलाह लिए कुछ योगासन के जरिए भी महिलाएं अपनी फर्टिलिटी को बढ़ा सकती है।

1. हस्तपादासन
नियमित रूप से हस्तपादासन का अभ्यास किया जाए तो जननांग स्वस्थ रहते है और इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
हस्तपादासन की विधि
किसी समतल स्थान पर कंबल या आसान बिछा कर सीधे खड़े हो जाएं। अब दोनों पैरों की एड़ियों व पंजों को आपस में मिला लें। दोनों हाथों को ढ़ीला छोड़ दें। अब सांस अंदर खींचे। इसके बाद सांस को बाहर छोड़ते हुए कमर के ऊपरी भाग को धीरे-धीरे सामने की ओर झुकाएं। घुटनों को बिल्कुल सीधा रखें व बाकी शरीर को तब तक झुकाएं जब तक हाथों से एडिय़ों को पकड़ न लें। अब मुंह को धीरे-धीरे घुटनों की तरफ झुकाएं। मुंह को घुटनों के बीच की खाली जगह में रखें या घुटनों से सटाएं। इस स्थिति में पैर व घुटने को बिल्कुल सीधा रखें। अभ्यास के शुरुआत में इस स्थिति में 10 सैकंड तक रहें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। 5 सैकंड आराम करें और इस आसन को कम से कम 5-6 बार करें।

2. भुजंगासन
भुजंगासन को कोबरा पोज़ भी कहा जाता है। ये एक बेहतरीन वर्कआउट माना जाता है जो बेली फैट कम करने में मदद कर सकता है और एब्डोमेन को टोन करता है।
भुजंगासन की विधि:
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों हाथों को माथे के नीचे टिकाएं। दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। फिर अपने माथे को ऊपर ऊठाएं और दोनों बाजुओं को कंधों के समान लाएं। ऐसा करने पर शरीर का सारा भार बाजुओं पर पड़ेगा। अब शरीर के अगले भाग को बाजुओं के सहारे ऊपर उठाएं। शरीर को स्ट्रेच करके लंबी सांस लें। कुछ समय तक इस आसन को करें।
फिर दोबारा सामान्य स्थिति में आ जाएं

3. बद्ध कोणासन
ये आसान जांघों और हिप्स की फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती है। घुटनों, भीतरी जांघों में खिंचाव देता है। इसके अलावा ये फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक होता है।
बद्ध कोणासन की विधि:
इसे करने के लिए सबसे पहले मैट पर बैठ जाएं और अपने पैरों को सामने की तरफ फैलाएं।
आपके पैरों की एड़ियां एक-दूसरे के सामने होनी चाहिए।
अब पैरों को मोड़ते हुए एड़ियों को एक-दूसरे के पास रखें।
अब पीछे की तरफ मुड़ें और अपनी कोहनियों को जमीन पर रखें।
कोहनियों को आराम देने के लिए आप कम्बल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
अब अपनी पीठ को धीरे-धीरे नीचे ले जाएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें।
इस मुद्रा से बाहर निकलने के लिए, अपने शरीर को दाहिनी तरफ मोड़ें और धीरे-धीरे बैठने की कोशिश करें।
उठने के लिए हाथों का सहारा भी ले सकते

4. पश्चिमोत्तानासन :
यह एक ऐसा आसन है जिसका अभ्यास करने से पूरे शरीर की मांसपेशियों (Muscle) में खिंचाव होता है।
पश्चिमोत्तानासन की विधि
सबसे पहले जमीन पर चटाई या दरी बिछाकर बैठ जाएं।
अब आप दोनों पैरों को सामने फैलाएं।
पीठ की पेशियों को ढीला छोड़ दें।
सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं।
फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।
इसके बाद अपने हाथ से उंगलियों को पकड़ने और नाक को घुटने से सटाने की कोशिश करें।
धीरे-धीरे सांस लें, फिर धीरे-धीरे सांस छोड़े।
इसके बाद अपनी स्थिति में वापस आ जाएं। इसे करीब 10 बार करने का अभ्यास डालें।

5. भ्रामरी योगासन
भ्रामरी योगासन को हमिंग बी ब्रीदिंग तकनीक के नाम से भी जाना जाता है। यह तनाव और अवसाद को दूर कर आपकी प्रेगनेंसी की सम्भावना को बढ़ाता है।
भ्रामरी योगासन की विधि
सुखासन में बैठ जाएं और अपनी आंखें बंद कर लें।
दोनों होथों की उंगलियों में से अनामिका उंगली से नाक के दोनों छिद्रों को हल्का सा दबाकर रखें।
अब दोनों हाथ की तर्जनियों को कान पर रखें। इन्हें गाल और कान के बीच के कार्टिलेज पर रखें।
मध्यमा को आंखों पर, सबसे छोटी उंगली को होंठ पर और अंगूठे से दोनों कानों के छिद्रों का बंद कर दें।
अब एक गहरी सांस अंदर लें और धीमें से गुनगुनाहट की आवाज करें। जितनी देर तक आप ये आवाज निकाल पाएं, उतनी देर तक आवाज निकालें।
फिर सांस छोड़ दें और अपनी सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं। ऐसा 6-7 बार करें।



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