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क्या कार या बस में सफर करने से कतराता है बच्चा, तो मोशन सिकनेस हो सकती है वजह
क्या आपका बच्चा भी यात्रा के नाम पर असहज हो जाता है, क्यूंकि उसे यात्रा के दौरान घबराहट-सी महसूस होने लगती है। तो बतादें कि बच्चे की इस परेशानी का नाम मोशन सिकनेस है। जिस बच्चे को ये परेशानी होती है उनके लिए यात्रा किसी एडवेंचर्स एक्टिविटीज से कम नहीं है। देखा जाए तो बच्चों में ये प्रॉब्लम बहुत कॉमन होती है जिसे डील करना काफी मुश्किल होता है।
यहां हम बच्चों में मोशन सिकनेस की समस्या के बारे में बताने के साथ ही इसके संकेतों और इसे प्रभावी ढंग से डील करने के तरीकों के बारे में बताने जा रहे है।

मोशन सिकनेस के लक्षण
मोशन सिकनेस एक ऐसी परेशानी है जो बस या कार से यात्रा करने के दौरान होती है। बच्चों और बड़ों में इसके लक्षण काफी हद तक सामान्य है। बस बड़े अपने परेशानी एक्सप्रेस कर पाते है, जबकि बच्चे ये समझ ही नहीं पाता कि आखिर उन्हें अंदर से इतना असामान्य से क्यूं महसूस हो रहा है। ज्यादातर मामलों में, मोशन सिकनेस की समस्या को कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसा इसलिए क्यूंकि, दिमाग तक अलग-अलग संकेत पहुंचते हैं जिससे दिमाग कंफ्यूज हो जाता है और संकेतों को सुलझाने में असमर्थ होता है। इससे शरीर असहज हो जाता है, और जी मिचलाना, उल्टी, बेचैनी, सिरदर्द, सिर चकराना, नींद आने जैसी फीलिंग आने लगती है।
देखा जाए तो बच्चों में कार सिकनेस बहुत कॉमन प्रॉब्लम है, जिसे कंट्रोल करने के कई प्रभावी तरीके है। बच्चों के लिए इस सिकनेस की मेडिसिन भी उपलब्ध है, और ये मेडिसिन आपके बच्चे को यात्रा के दौरान उल्टी को रोकने में मदद करेंगी। लेकिन इसके अलावा, कुछ अन्य तरीके हैं जिनके द्वारा आप अपने बच्चे को कार में होने वाले मोशन सिकनेस से बचा सकती हैं। यहां हम आपको बच्चों को मोशन सिकनेस से बचाने के प्रभावी उपाय बताने जा रहे है।
* आमतौर पर, बच्चे में मोशन स्किनेस होने की संभावना तब ज्यादा बढ़ जाती है जब बच्चे का पेट या तो बहुत ज्यादा भरा होता है या पूरी तरह से खाली होता है। ऐसे में ये जरूरी है कि जब भी बच्चा कार या बस में बैठे तो उसे कुछ खाने के लिए दें। इस बात का खास ध्यान रखें कि उसे ऐसी चीज दें जो आसानी से पच जाए। स्नैक्स आइटम्स इसके लिए बेस्ट है, ताकि रास्ते में उसका पेट कम्फर्टेबल महसूस करे।
* कई मामलों में, बच्चों को यात्रा के दौरान मतली- सी महसूस होने लगती हैं क्यूंकि यात्रा के दौरान उन्हें घुटन महसूस हो रही होती है। अपने बच्चे को इस परेशानी से बचाने के लिए, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस गाड़ी में बच्चा सफर कर रहा है, उसमें वेंटिलेशन बराबर हो, ताकि ठीक से सांस ले पाने के कारण वो फ्रेश महसूस कर सकें। और ऐसे बच्चों को विंडो सीट पर ही बिठाना चाहिए, ताकि वो फ्रेश एयर ले सकें।
* मोशन सिकनेस होने का एक बड़ा कारण स्ट्रांग स्मेल भी हो सकती है। इसलिए जिस गाड़ी से बच्चा सफर कर रहा है उसमें से हर वो चीज हटा दें जिसकी स्मेल स्ट्रांग हो। इसमें परफ्यूम, स्ट्रांग स्मेल वाले फूड आइटम्स और कुछ प्रकार के कार फ्रेशनर भी शामिल हैं।
* कुछ मामलों में, कार की सीटों से आने वाली चमड़े की गंध से भी बच्चे को मोशन सिकनेस हो सकती है। इसलिए बच्चों की इस परेशानी को समझते हुए, उनको सूट करने वाली कार सीट कवर्स लगवाए।
* मोशन सिकनेस का एक कारण ये भी है कि दिमाग मूवमेंट को समझने में असमर्थ होता है। ऐसे में जब भी यात्रा करें तो बच्चे को आगे बढ़ने वाले किसी भी चीज पर फोकस करने के बजाय जितना संभव हो सके हॉरिजोंटल साइड की ओर देखने के लिए कहें।
* यात्रा के दौरान अपने बच्चे को कोई भी गेम, खिलौने, किताबें या फिल्म ना देखने दें। ऐसा करने से उसे असहस महसूस हो सकता है।
* यात्रा के दौरान कई ब्रेक लें ताकि बच्चे को घुटन महसूस न हो, और उसे अपने पैरों और हाथों को फैलाने का मौका मिल सकें।
* बच्चे को यात्रा के दौरान सुला दें, क्यूंकि इससे उसे मोशन सिकनेस होने की संभावना कम होगी। इस तरह जब वह अपनी डेस्टिनेशन पहुँचेगा तो फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस करेगा।



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