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दस्त लगने पर बच्चे को दूध दे सकते हैं? जानें डायरिया होने पर क्या खिलाएं और क्या नहीं?
बारिश में बच्चों में डायरिया होना एक आम सी समस्या है। वैसे 6 महीने के बाद बच्चों में दस्त लगना एक कॉमन समस्या होती है। क्योंकि इस उम्र के बाद बच्चे मां के दूध के साथ ऊपरी चीजों को भी खाना लगते हैं। दस्त एक आम समस्या है जो बैक्टीरिया, वायरस या दूषित भोजन के सेवन या दवाओं के वजह से भी शुरू हो जाता है।
दस्त के दौरान शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए इस दौरान खानपान पर खूब ध्यान देना होता है। जब बच्चों को दस्त लगती हैं, तो इस समय सबसे मांओं का ये ही सवाल होता है कि डायरिया या दस्त लगने पर बच्चों को क्या खिलाना चाहिए और क्या नहीं? इसके अलावा बच्चे को दूध पिलाना चाहिए या नहीं? आइए जानते हैं कि दस्त लगने पर बच्चों को कैसी डाइट देनी चाहिए।

दूध पिलाना चाहिए या नहीं?
दस्त के दौरान बच्चों को दूध नहीं देना चाहिए। दूध में लैक्टोज नामक शुगर होता है, जिसे पचाने के लिए शरीर को लैक्टोज नामक एंजाइम की जरूरत होती है। डायरिया या दस्त कई लोगों में लैक्टेज का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे लैक्टोज ठीक से नहीं पच पाता और दस्त की समस्या बढ़ जाती है।
मसालेदार खाना खाने से परहेज करे
दस्त होने पर बच्चे को कभी भी ऑयली और मसालेदार नहीं देना चाहिए। यह हाजमा बिगाड़ने के साथ ही दस्त को बढ़ा सकता है।
कैफीन का सेवन न करें
चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स में खूब कैफीन होता है, जो डिहाड्रेशन को बढ़ा सकता है और इससे दस्त और गंभीर हो सकता है।
फल
दस्त लगने पर संतरा, अंगूर और अनानास जैसे खट्टे फलों का परहेज करना चाहिए। इनमें अम्लता अधिक होती है, जो दस्त को बिगाड़ सकती है। केवल केला एक ऐसा फल है, जिसे दस्त में खाया जा सकता है क्योंकि इसमें खूब पौटिशियम होता है।
सब्जियां
दस्त लगने पर गोभी, फूलगोभी और ब्रोकोली जैसी पत्तेदार सब्जियां से नहीं खानी चाहिए। इनमें फाइबर खूब होता है जो दस्त को बढ़ा सकता है।
क्या खिलाएं?
दस्त लगने पर बच्चों को हल्का खाना ही खिलाएं। यह पाचन क्रिया पर एक्स्ट्रा भार नहीं डालता है और दस्त भी जल्दी सही हो जाते हैं। अब चाहे तो बच्चों को चावल, दलिया और दही खिला सकते हैं।



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