Latest Updates
-
शरीर में दिखने वाले ये 7 लक्षण हो सकते हैं डायबिटीज की शुरुआत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
बारिश के कारण बंद हुए त्र्यंबकेश्वर के कपाट, जानें मंदिर के वो 5 रहस्य जो सभी को चौंकाते हैं -
World Chocolate Day: इन 7 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए चॉकलेट, लिस्ट में आपका नाम तो नहीं -
Global Forgiveness Day Quotes in Hindi: क्षमा दिवस पर कड़वाहट भूलाकर अपनों को लगाएं गले, भेजें ये विचार -
रोज सुबह खाली पेट पिएं मेथी का पानी, सेहत को मिलेंगे ये 5 जबरदस्त फायदे -
मानसून में इन 3 तरीकों से चेहरे पर लगाएं कच्चा दूध, फूल की तरह खिल उठेगी त्वचा -
मुंबई में बारिश का कहर: इस मौसम में क्यों बढ़ जाता है डेंगू-मलेरिया का खतरा? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
कौन थे जसवंत सिंह खालरा, जिन पर बनी है दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘Satluj'; रिलीज के 2 दिन बाद क्यों हटाई गई? -
Harela 2026: 7 या 8 जुलाई, कब बोया जाएगा हरेला? जानें सही तिथि-विधि और इस दिन को मनाने का महत्व -
शरीर में दिखने वाले ये 6 लक्षण हो सकते हैं कैंसर का शुरुआती संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
आप भी बच्चों को मोबाइल दिखाकर खिलाती हैं खाना? आगे चलकर ये आदत हो सकती है खतरनाक
Disadvantages Of using Mobile while Eating for Kids : आजकल ज्यादातर घरों में पैरेंट्स बच्चों को खाना खिलाने के लिए मोबाइल का सहारा लेते हैं। असल बात तो ये है कि अगर बच्चा मोबाइल देखते हुए खाना खाता है, तो उसकी मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। छोटी उम्र के बच्चों के फोन के इस्तेमाल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। मात्र डेढ़ साल का बच्चा 5 घंटे तक मोबाइल में खोया रहता है।
बच्चे के रोने या किसी तरह की ज़िद करने पर बहलाने के लिए फोन देना उसे मोबाइल की लत लगाने की तरफ पहला क़दम है। जयपुर स्थित पेंग्विन क्लिनिक के शिशु विशेषज्ञ डॉक्टर विवेक शर्मा से जानते हैं सावधानी बरतना क्यों है जरूरी...

मोबाइल की लत
अगर बच्चे को खाना खिलाते समय मोबाइल दिखाया गया है और रोजाना इसी प्रक्रिया को जारी रखा गया है, तो इससे बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है। वो मोबाइल का आदी हो जाता है और बिना मोबाइल के खाना नहीं खाएगा और फिर वो जिद करेगा।
व्यक्तित्व पर पड़ता है असर
कम उम्र में स्मार्टफोन की लत की वजह बच्चे सामाजिक तौर पर विकसित नहीं हो पाते हैं। बाहर खेलने न जाने की वजह से उनके व्यक्तित्व का विकास नहीं हो पाता। बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल अधिकतर गेम्स खेलने के लिए करते हैं। वे भावनात्मक रूप से कमज़ोर होते जाते हैं।
कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की हो सकती है समस्या
स्मार्टफोन चलाने के दौरान पलकें कम झपकाते हैं। इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहते हैं। माता-पिता ध्यान दें कि स्क्रीन का सामना आधा घंटे से अधिक न हो।
परिवार से कटने लगते हैं
मोबाइल का इफेक्ट बच्चों के फैमिली बॉन्डिंग पर पड़ता है। जहां पहले परिवार के सभी लोग एक साथ मिलकर खाना खाते थे। डिनर का टाइम एक तरह से फैमिली टाइम होता था। लेकिन बच्चे मोबाइल में समय बिताने लगे हैं, खाना भी मोबाइल में देखकर खाते हैं, जिससे फैमिली बॉन्ड पर असर दिखता है। वो फैमिली से कटने लगते हैं।
आंखों की स्क्रीन से बनाएं दूरी
इंटरनेट पर कुछ अच्छा और नॉलेजबल देखने को मिले, तो उसे दिखाने के लिए समय तय निर्धारित करें और साथ बैठकर देखें। स्मार्ट टीवी का इस्तेमाल कर सकते हैं इससे आंखों और स्क्रीन के बीच दूरी भी बनी रहेगी।



Click it and Unblock the Notifications