Hardik Pandya Natasa Divorce: तलाक के बाद क‍िसे म‍िलेगी अगस्‍त्‍य की कस्‍टडी? जानें क्‍या है कहता है कानून

Hardik Pandya Divorce : पिछले कुछ समय से इंडियन क्र‍िकेटर हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नताशा स्टानकोविच की तलाक को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म था, अब हार्दिक पंड्या ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ऐलान कर दिया है क‍ि वो और उनकी पत्नी नताशा स्टानकोविच से अलग हो चुके हैं। दोनों ने 4 साल के बाद इस रिश्‍ते को खत्‍म करने का फैसला ल‍िया है। तलाक की खबर सामने आने से पहले नताशा स्टानकोविच को एयरपोर्ट पर देखा गया था, जहां वो अपने बेटे अगस्‍त्‍य के साथ जाती हुई दिखी।

ऐसे में सवाल उठता है क‍ि क्‍या अगस्‍त्‍य अपनी मां के साथ रहेगा या पिता के साथ? तलाक के बाद बच्‍चे की कस्‍टडी क‍िसे और कैसे म‍िलती है? यहां जानें-

Who will get the custody of son Agastya Law on Child Custody in India

किसे म‍िलती है बच्‍चे की कस्‍टडी?

हिंदू माइनोरिटी एंड गार्डियनशिप एक्ट, 1956 के तहत अगर बच्‍चा 5 साल से कम है तो ज्‍यादात्तर मामलों में कस्टडी मां को दी जाती है।

- 9 साल से बड़े बच्‍चे की मर्जी जान कोर्ट बच्चे की कस्टडी मां-पिता को देती है।
- बेटी के मामले में कस्टडी अक्सर मां को मिलती है‌‌। लेक‍िन पिता भी बेटी की कस्‍टडी मांगने का हकदार होता है।
- वहीं मुस्लिम लॉ में शरीयत कानून लगता है जिसके मुताबिक बेटे और बेटी के ल‍िए पिता को ही नेचुरल गार्डियन माना जाता है।
- बेटे की 7 साल तक की उम्र पूरे होने तक और बेटी के मासिकधर्म न आए तब तक ही मां कस्‍टडी की हकदार होती है।

क‍िस सिचुएशन में पिता को म‍िलती है कस्‍टडी?

- मां का क‍िसी अन्‍य पार्टनर के साथ फिजिकल रिलेशन हो।
- मां बच्‍चे को घर छोड़कर चली गई है।
- पत्नी मंदबुद्धि हो या मानसिक समस्‍या से गुजर रही हो।
- मां बच्चे को फिजिकल या मैंटल तौर पर टॉर्चर करती हो। देखभाल न करती हो।
- अगा बच्चा पिता के साथ रहने में ज्‍यादा इच्‍छुक हो।

म्यूचुअल डिवोर्स में क‍िसे म‍िलती है कस्‍टडी?

म्यूचुअल डिवोर्स में कोर्ट देखता है क‍ि बच्चे की परवरिश कौन ज्यादा अच्छे से कर सकता है। कई पहलूओं की जांच करने के बाद ही पेरेंट को कस्‍टडी दी जाती है।

Law on Child Custody in India

5 तरह की होती है कस्‍टडी?

राजस्‍थान हाईकोर्ट के एडवोकेट देवकीनंदन व्‍यास बताते हैं क‍ि पति-पत्नी का तलाक की स्थिति में अक्‍सर कोर्ट ये तय करता है क‍ि बच्‍चे की देखभाल बेहतर तरीके से कौन कर सकता है, उसे ही आधार पर कस्‍टडी म‍िलती है। कोर्ट से कस्‍टडी 5 तरह की म‍िलती है।

फ‍िज‍िकल कस्‍टडी : माता-पिता में से कोई एक प्राइमरी गार्जियन बनता है और बच्‍चा साथ रहता है और दूसरे पैरेंट के ल‍िए बच्‍चे से म‍िलने की तारीख तय की जाती है।

जॉइंट कस्‍टडी : इसमें रोटेशन के आधार पर बच्‍चे की कस्‍टडी म‍िलती है जिसमें बच्‍चा बारी-बारी से दोनों के पास रहता है।

लीगल कस्‍टडी : इसमें कोर्ट बच्‍चे के 18 साल तक की एजुकेशन, फइनेंस, मेडिकल से जुड़े फैसले लेने का हक क‍िसी एक पैरेंट को सौंपता है।

सोल चाइल्‍ड कस्‍टडी: बच्‍चे के दोनों पैरेंट्स में से कोई एक अनफ‍िट है या बच्‍चे को दोनों में से क‍िसी एक से रिस्‍क है तब कोर्ट दोनों में से एक पेरेंट को सोल कस्‍टडी सौंप देता है।

थर्ड पार्टी कस्‍टडी : दोनों पेरेंट्स की मौत होने पर या दिमागी हालत ठीक न होने जैसी स्थिति में बच्‍चे की कस्‍टडी थर्ड पार्टी जैसे नाना-नानी या दादा-दादी को म‍िलती है। या क‍िसी शेल्‍टर होम या क‍िसी अन्‍य इच्‍छुक रिश्‍तेदार को भी म‍िल सकती है।

हार्दिक और नताशा क‍िसे म‍िलेगी अगस्‍त्‍य की कस्‍टडी?

हार्दिक और नताशा ने तलाक का ऐलान करते हुए पोस्‍ट में बताया है क‍ि दोनों ही पैरेंट्स के तौर पर अगस्‍त्‍य की परवरिश करेंगे, तो ऐसे में संभव है क‍ि दोनों ही जॉइंट कस्‍टडी लेकर अगस्‍त्‍य की आगे की परवारिश करें।

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