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प्रेगनेंसी में योनि से पानी जैसा स्त्राव होना सामान्य है? जानें कब जाएं डॉक्टर के पास
प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को वजाइनल डिस्चार्ज होने लगता है जिसे देखकर अक्सर वो घबरा जाती हैं। अगर आप भी प्रेगनेंट हैं और आपको भी वजाइनल डिस्चार्ज की समस्या हो रही है, तो इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।
कई महिलाओं को प्रेगनेंसी के थर्ड स्टेज में डिस्चार्ज ज्यादा और गाढ़ा होने की शिकायत रहती है, मगर परेशान ना हों यह सामान्य होता है। आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान डिस्चार्ज कब सामान्य होता है और कब परेशानी की वजह बन सकता है।

हॉर्मोन्स स्तर बढ़ने से होता है डिस्चार्ज
प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को योनि स्त्राव यानी वजाइनल डिस्चार्ज होता है, जिसे ल्यूकोरिया कहते हैं। इस तरह का डिस्चार्ज प्रेगनेंसी में बिलकुल नॉर्मल होता है। प्रेगनेंसी के दौरान पेल्विक एरिया वाले हिस्से में एस्ट्रोजेन हॉर्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिससे म्यूकस मेम्ब्रेन उत्तेजित हो जाते हैं और वजाइना से डिस्चार्ज होने लगता है। अगर साफ भाषा में कहें तो शिशु के वजन का भार यूट्रस पर पड़ता है और डिस्चार्ज की समस्या बढ़ जाती है। पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान डिस्चार्ज देखने को मिलता है। इसलिए इससे घबराइए नहीं।
इस रंग के डिस्चार्ज को हल्के में न लें
अगर आपके डिस्चार्ज का रंग सफेद न होकर पीला या हरे रंग का है, तो ये अच्छे संकेत नहीं है, अगर साथ में योनि में खुजली और रेडनेस भी है, तो ये सारे लक्षण वजाइनल इंफेक्शन के है। और अगर खुजली और डिस्चार्ज की शिकायत बढ़ जाएं, तो ये सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का भी एक संकेत हो सकता है।
ब्राउन डिस्चार्ज
रेड डिस्चार्ज यानी खतरे की घंटी
गर्भावस्था के दौरान लाल और ब्राउन डिस्चार्ज भी
खतरे की ओर इशारा करता है। दर्दनाक ऐंठन के साथ लाल रंग का स्राव देखने को मिल जाएं, तो इसे हल्के में न लें। ये खतरनाक लक्षण है और इसके लिए डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता होती है। क्योंकि ज्यादा रेड डिस्चार्ज यानी ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है, जो मिसकैरेज की वजह भी बन सकता है।

प्रेगनेंसी में इन बातों का भी ध्यान रखें
असामान्य डिस्चार्ज इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान यीस्ट इंफेक्शन आम हैं। यदि आप गर्भावस्था के दौरान यीस्ट इंफेक्शन की समस्या होती है, तो डॉक्टर आपको इससे निपटने के लिए दवाईयां दे सकता है।
यीस्ट इन्फेक्शन से बचने के लिए:
* ढीले, सांस लेने वाले कपड़े पहनें
* सूती अंडरवियर पहनें
* नहाने, तैरने, या के बाद अपने जननांगों को सुखाएं
* व्यायाम
अपने आहार में दही और अन्य फर्मेंटेड फूड को शामिल करें
* स्वस्थ बैक्टीरिया को बढ़ावा देना।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



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