Latest Updates
-
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर
क्या बच्चे के कमरे में लैपटॉप, टैबलेट या वाईफाई राउटर रखना सुरक्षित है?
कई पैरेंट्स का अक्सर ये सवाल होता है कि जिस रुम में वाई-फाई राउटर लगा होता है वहां बच्चे को सुलाना चाहिए या नहीं? इसके अलावा कई पैरेंट्स को ये भी चिंता सताती है कि लैपटॉप पर काम करते हुए बच्चे के पास बैठना चाहिए या नहीं क्योंकि इसमें से निकलने वाली रेडियोएक्टिव तरंगे बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
हालांकि वर्तमान में इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि लैपटॉप, टैबलेट, फोन या वाईफाई से निकलने वाली रेडियोएक्टिव तरंगे शिशुओं या छोटे बच्चों के लिए हानिकारक है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां और अधिक शोध की जरूरत है।

नींद पर पड़ती है खलल
वाईफाई से लगातार निकलने वाली नॉन थर्मल रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडिएशन न सिर्फ बच्चों बल्कि भ्रूण विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। बच्चों और बड़ों की बात करें तो ये रेडिएशन टिशू विकास को प्रभावित करती हैं।
इससे सिर्फ एक नहीं कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। इनमें अनिद्रा सबसे बड़ी है। अगर लगातार आपकी नींद में खलल पैदा हो रही है, तो इसके पीछे का कारण वाई-फाई हो सकता है। इलेक्ट्रोमैगनेटिक रेडिएशन के कारण नींद प्रभावित और सोने में कठिनाई होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप ये सोचकर चिंतित रहते हैं कि वाईफाई या लैपटॉप से निकलने वाली रेडियो तरंगों के संपर्क में आने का हानिकारक प्रभाव आपके बच्चें पर पड़ सकता है, तो इन बातों का ध्यान रखें।
- अपने शिशु के पालने को इंटरनेट राउटर से दूर रखें।
- सोने से पहले मोबाइल, टेबलेट और लैपटॉप को बंद कर दें, वरना इनसे रेडियो तरंगे निकलती रहेगी।
- जैसे ही काम खत्म हो जाएं वैसे तुरंत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बंद कर दें वरना इनसे इलेक्ट्रॉनिक तरंगे उत्सर्जित होती रहेगी और रुम का टेम्परेचर भी बढ़ेगा।
- अलार्म घड़ी के रूप में मोबाइल या टैबलेट का उपयोग करना बंद करें। इसके बजाय नियमित बेड साइड घड़ी का उपयोग करें।
- लैपटॉप या अन्य डिवाइस का उपयोग करते समय अपने और बच्चे के बीच कुछ दूरी रखें।
- अपने बच्चे के रेडियो तरंगों के संपर्क को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप बेडरूम में लैपटॉप या टैबलेट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इससे आपको फायदा भी हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications