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क्या बच्चे के कमरे में लैपटॉप, टैबलेट या वाईफाई राउटर रखना सुरक्षित है?
कई पैरेंट्स का अक्सर ये सवाल होता है कि जिस रुम में वाई-फाई राउटर लगा होता है वहां बच्चे को सुलाना चाहिए या नहीं? इसके अलावा कई पैरेंट्स को ये भी चिंता सताती है कि लैपटॉप पर काम करते हुए बच्चे के पास बैठना चाहिए या नहीं क्योंकि इसमें से निकलने वाली रेडियोएक्टिव तरंगे बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
हालांकि वर्तमान में इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि लैपटॉप, टैबलेट, फोन या वाईफाई से निकलने वाली रेडियोएक्टिव तरंगे शिशुओं या छोटे बच्चों के लिए हानिकारक है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां और अधिक शोध की जरूरत है।

नींद पर पड़ती है खलल
वाईफाई से लगातार निकलने वाली नॉन थर्मल रेडियो फ्रीक्वेंसी रेडिएशन न सिर्फ बच्चों बल्कि भ्रूण विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। बच्चों और बड़ों की बात करें तो ये रेडिएशन टिशू विकास को प्रभावित करती हैं।
इससे सिर्फ एक नहीं कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। इनमें अनिद्रा सबसे बड़ी है। अगर लगातार आपकी नींद में खलल पैदा हो रही है, तो इसके पीछे का कारण वाई-फाई हो सकता है। इलेक्ट्रोमैगनेटिक रेडिएशन के कारण नींद प्रभावित और सोने में कठिनाई होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप ये सोचकर चिंतित रहते हैं कि वाईफाई या लैपटॉप से निकलने वाली रेडियो तरंगों के संपर्क में आने का हानिकारक प्रभाव आपके बच्चें पर पड़ सकता है, तो इन बातों का ध्यान रखें।
- अपने शिशु के पालने को इंटरनेट राउटर से दूर रखें।
- सोने से पहले मोबाइल, टेबलेट और लैपटॉप को बंद कर दें, वरना इनसे रेडियो तरंगे निकलती रहेगी।
- जैसे ही काम खत्म हो जाएं वैसे तुरंत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बंद कर दें वरना इनसे इलेक्ट्रॉनिक तरंगे उत्सर्जित होती रहेगी और रुम का टेम्परेचर भी बढ़ेगा।
- अलार्म घड़ी के रूप में मोबाइल या टैबलेट का उपयोग करना बंद करें। इसके बजाय नियमित बेड साइड घड़ी का उपयोग करें।
- लैपटॉप या अन्य डिवाइस का उपयोग करते समय अपने और बच्चे के बीच कुछ दूरी रखें।
- अपने बच्चे के रेडियो तरंगों के संपर्क को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप बेडरूम में लैपटॉप या टैबलेट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इससे आपको फायदा भी हो सकता है।



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