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आपके अफेयर का आपके बच्चे पर कैसे पड़ता है असर
यदि शादी के बाद भी आपका किसी से अफेयर चल रहा है तो उसका अपने बच्चों पर पड़ने वाला प्रभाव जरूर ध्यान रखें। बच्चों पर और उनकी जिंदगी इसका गलत प्रभाव पड़ता है।
आपका अफेयर बच्चों को कैसे प्रभावित कर सकता है? आप जो कर रहे हैं यह आपके बच्चो को चोट पहुंचा सकता है और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
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जब आपका चक्कर कहीं और चलता रहता है तो मजे-मजे में आप अपने बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव महसूस नहीं करते हैं। आप इस कदर खो जाते हैं कि आप भूल जाते हैं कि आपके बच्चों को आपकी जरूरत है।
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हालांकि आप सोचते हैं कि आप स्थिति को संभाल लेंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं है। बच्चों की जिंदगी पर इसके गंभीर परिणाम होते हैं। आपके विवाहोत्तर संबंध किस प्रकार बच्चों पर प्रभाव डालते हैं। आइये देखते हैं...

भावनात्मक दूरी
सबसे पहले तो आपके बच्चों को इस बात की भनक लग जाती है कि मम्मी और पापा के बीच कुछ गलत चल रहा है। चूंकि वे नहीं जानते कि अफेयर क्या होता है, वे घर में नकारात्मकता महसूस करेंगे। इससे उन्हें बहुत आघात पहुंचता है।

निराशा से उनका स्वाभाव आक्रामक हो जाता है
जब बच्चा अपनी और अपने पैरेंट्स की जिंदगी से निराश हो जाता है तो वह आक्रामक हो जाता है। और वो जैसे-जैसे बढ़ते हैं उनका स्वाभाव ऐसा ही हो जाता है। जब माता-पिता में से किसी का भी बाहर चक्कर रहता है तो बच्चे पर ध्यान ज्यादा नहीं रहता है। ऐसा उपेक्षित बच्चा अपने आपको उपेक्षा का शिकार और ठगा सा महसूस करता है। इससे उनके मन में असुरक्षा घर कर जाती है।

स्कूल के साथी बच्चे उन्हें चुभने वाला मज़ाक करते हैं
आपके अफेयर के बारे में आपके बच्चे की कक्षा के बच्चों को यदि पता होता है तो वे आपके बच्चे से भद्दा मज़ाक करते हैं जो बच्चे को चुभता है। इससे बच्चे हीनभावना का शिकार हो जाते हैं।

अच्छे नंबर नहीं आना
रिसर्च से पता चला है ऐसे बच्चे सही तरह पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। इससे उनकी किशोरावस्था भी खराब हो जाती है।

अकेलापन
चूंकि आस पास के बच्चे आपके बच्चे का मज़ाक उड़ाते हैं ऐसे में आपका बच्चा उनके साथ नहीं खेलता है। उसमें अकेलापन घर कर जाता है जिससे उसकी ग्रोथ पर असर पड़ता है।

तनावग्रस्त
बच्चे के सही विकास के लिए घरेलू सदभाव बेहद जरूरी है। यदि घर में ऐसा नहीं है तो बच्चा निराशा और तनाव का शिकार हो जाता है।

कठोर व्यवहार
ऐसे बच्चे कठोर व्यवहार करना शुरू कर देते हैं और किसी का भी आदर नहीं करते हैं।



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