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सब्जियों को किस प्रकार बनाएं बच्चों की पसंद
छोटे बच्चे, खाने में हरी सब्जियों को देखते ही नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। बच्चों को खाने में सब्जियों का सेवन बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है।
अगर आप किसी बच्चे के अभिभावक हैं तो आपको ऐसी समस्या से हर दिन दो-चार होना पड़ता होगा। लेकिन यदि बच्चे को इनका सेवन नहीं करवाया गया तो उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाएगी और उनका विकास सही तरीके से नहीं हो पाएगा।
इसके लिए बोल्डस्काई आपको कुछ ऐसे टिप्स देगा कि आपका बच्चा, फटाक से सब्जियों का सेवन करने लगेगा। आइए जानते हैं बच्चों के मनपंसद खाने में सब्जियों को शामिल करने के टिप्स:

1. शुरूआत से ही दें:
बच्चे को बचपन से ही सब्जियों का सूप या स्टॉक देना शुरू कर दें ताकि वह उससे परिचित हो जाएं और उनमें उसका जायका विकसित हो जाएं। बच्चे को छ: महीने की अवस्था से ही भारी खाद्य दिया जाना चाहिए, तो आप सब्जी का स्टॉक का लाइट सूप बनाकर पिला सकते हैं। बेस्वाद सी लगने वाली सब्जियों को भी बच्चे जब कम उम्र से खाते हैं तो उन्हें आदत पड़ जाती है।

2. रोचक दिखने वाला बनाएं:
बच्चों के लिए सब्जियों से बने फूड को ऐसे तैयार करें कि वो रोचक दिखें और उसे खाने में उन्हें मज़ा आये। आप किसी कार्टून की आंख को सैंडविच या फिर स्माइली को बना सकते हैं इसके लिए कैचअप का यूज सबसे अच्छा रहता है।

3. सही समय पर मजेदार भोजन:
बच्चों को भोजन के दौरान सही मैनर्स और प्रतिबद्धता सिखाना भी जरूरी होता है। किस भोजन को किस प्रकार खाना खहिए, साथ ही ठीक समय पर भोजन करने की आदत डलवानी चाहिए। ऐसा करने से बच्चे को सही पोषण मिलेगा और उसमें एक सकारात्मक व्यवहार उत्पन्न होगा। बच्चे को भोजन बनाते समय आप साथ में रख सकती हैं और उसे बता सकती हैं कि हर सामग्री से उसकी बॉडी कितनी स्ट्रांग हो जाएगी और वह जल्दी से सबसे बड़ा हो जाएगा। आप फन फूड ट्रिक का इस्तेमाल भी कर सकती हैं इससे बच्चे फटाक से खा लेंगे।

4. विविधता प्रदान करें:
अगर कद्दू लाभदायक है तो हर दिन बच्चे को कद्दू ही न खिलाएं। उसे विविध प्रकार की सब्जियां और भोजन बनाकर दें। अगर एक सब्जी को वह एक प्रकार से न खाएं तो उसे रूप में बनाकर दें। जैसे- मिक्स वेज न खाएं तो सांभर में डालकर सारी सब्जियों को दें। ऐसे उनके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल जाएंगे।

5. हार न मानें:
कई मां तुरंत हार मान जाती हैं और फिर बच्चे की पसंद का ही भोजन बनाने लगती हैं। ऐसा न करें। बच्चे को हमेशा वह खाने के लिए प्रेरित करें और उसे उसका जायका व लाभ बताएं। दूसरे बच्चों को खाता हुआ दिखाएं। इससे उनमें भी जिज्ञासा होगी और वो खाना चाहेंगे, ऐसे में एक बार भी टेस्ट जबान पर लग गया तो आपकी समस्या अपने आप हल हो जाएगी।

6. याद रखें, कुछ भी असंभव नहीं है:
बच्चों को समझाना मुश्किल होता है लेकिन असंभव नहीं। आप धैर्य रखें, उन्हें समझाएं कि किस प्रकार आप उनका ख्याल रखती हैं और उन्हें स्वस्थ देखना चाहती हैं। इस प्रकार, बच्चे प्यार से आसानी से मान जाते हैं।



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