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भाई-बहनों के बीच प्यार बढ़ाने के लिए किन बातों को रखें ध्यान में
सारी दुनिया में भाई-बहनों के बीच झगड़ा और प्यार चलता रहता है। इसमें बीच में माता-पिता या अभिभावक भी नहीं पड़ते हैं क्योंकि उन्हें मालूम होता है कि अभी ये लड़ रहे हैं और 20 मिनट बाद एकसाथ ही खेलेंगे।
छोटी-छोटी बातों पर घर अखाड़ा नज़र आने लगता है। लेकिन कई बार उम्र बढ़ने के साथ बहुत अलगाव और मनमुटाव हो जाता है। अगर आप अपने भाई-बहन के साथ हमेशा मधुर सम्बंध बनाएं रखना चाहते हैं तो बस उनसे प्यार से पेश आएं।
लेकिन अगर माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों के बीच हमेशा ये नोंक-झोंक और प्यार भरी लड़ाई बनी रहे और वो इतना ही प्यार हर वक्त करें तो उन्हें बोल्डस्काई के इस आर्टिकल में बताई जा रही बातों को ध्यान में रखना होगा:

1. धैर्य :
बच्चों को धैर्य रखना सिखाएं और उनके सामने आप भी अपना धैर्य कभी न खोएं। इससे उनके मन में एक अच्छा उदाहरण सेट होगा कि उनके माता-पिता ने भी कभी अपना आपा नहीं खोया। किसी भी रिश्ते को मधुर बनाएं रखने के लिए धैर्य रखना बेहद आवश्यक होता है।

2. पॉजिटिव पैरेंटिंग :
हम सभी जानते हैं कि बच्चे अपने बड़ों से ही सीखते हैं और इसीलिए बड़ों को संभलकर चलना होता है। बच्चे की देखभाल पूरी सकारात्मकता से करें। उसे कभी ऐसा एहसास न कराएं कि वो बेकार ही पैदा हुआ, दूसरा वाला बच्चा ही ठीक था। इससे उसे दूसरे बच्चे के प्रति घृणा होने लगेगी।

3. कॉम्पटीशन करवाएं :
घर में बच्चों और बड़ों के बीच कॉम्पटीशन करवाएं। इससे बच्चे आपस में एक हो जाएंगे और वो साथ मिलकर प्लान करेंगे और उनके बीच प्यार पड़ेगा। साथ ही उनमें टीम वर्क करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

4. टैट्लिंग रोकने की कोशिश
: बड़े बच्चे अक्सर छोटे बच्चों के लिए ज्यादा केयरिंग हो जाते हैं और उन्हें हद से ज्यादा रोकने लगते हैं ऐसे में उनके बीच झगड़ा हो जाता है। अगर ऐसा होता है तो बच्चे को बताएं कि आप खतरा होने पर मम्मी पापा को आवाज लगा दें और बाकी का वो देख लेंगे। आपको इतनी ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।

5. गेम:
मिट्टी में खेलना, क्ले से खिलौने बनाना आदि ऐसे गेम जिनमें बच्चे गंदे हो जाते हैं उसे खेलने के लिए बच्चों को प्रेरित करें। इससे उन्हें एक-दूसरे के साथ बहुत मजा आएगा।

6. एक परिवार की तरह खेलें :
अपने परिवार के लिए समय निकालें और बच्चों के साथ एंजाय करें। इससे बच्चों में फैमिली फीलिंग आएगी और उन्हें एक-दूसरे के साथ मजा आएगा और ये दिन ही उनकी लाइफ में मेमोरी डे होंगे।

7. आंतरिक गौरव का मान:
अपने बच्चों को विश्वास दिलाएं वो हमेशा उतना ही अच्छा काम करेंगे, जितना अच्छा काम उन्होंने इस बार किया है। उन्हें जताएं कि साथ में और आपसी सहयोग से वो ये काम ज्यादा अच्छे से कर पाते हैं, इससे उनमें एक साथ काम करने की ललक और बढ़ेगी।



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