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पैरेंट्स के लिए बच्चों को पॉटी कराने के टिप्स
आज के दौर में डायपर बच्चों के लिए कम और पैरेंट्स के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया है,क्योंकि हर माता-पिता को इससे बच्चों की शू-शू और पॉटी की टेंशन नहीं रहती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायपर का इस्तेमाल भी एक हद तक ही सही होता है। क्योंकि ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों को इंफेक्शन की समस्या भी हो सकती हैं।
इसलिए हो सके तो जल्द से जल्द अपने बच्चों को टॉयलट में पॉटी करने का प्रशिक्षण दें जिससे आप और बच्चा दोनों इस समस्या से निजात पा सकें तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं जो आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें आप इस्तेमाल करके अपने बच्चे की आदतों में सुधार ला सकते हैं।

धैर्य रखें
बच्चों को पॉटी सीट पर बैठाने की आदत डालने के लिए हर पैरेंट्स को काफी मशक्कत करनी पड़ती है क्योंकि अधिकतर बच्चे उसमें बैठने से डरते हैं लेकिन आपको इस समय खुद भी धैर्य रखना है और अपने बच्चे को भी धैर्यता के साथ समझाते हुए उसे पॉटी सीट पर बैठने के लिए कहना है, जिससे वो धीरे-धीरे आपकी बात को समझ जाए।

संकेतों पर दें ध्यान
अगर आपका बच्चा पॉटी करते समय कोई संकेत नहीं देता है और वो डायपर या जमीन पर कहीं भी पॉटी कर देता है तो आपके लिए ये जरूरी हो जाता है कि आप अपने बच्चे को सिखाएं की वो पॉटी आने पर आपको बताएं, हालांकि बच्चा अगर काफी छोटा है तो आपको ही उसके संकेतों को समझते हुए उसे समय-समय पर सू-सू पॉटी करानी होगी।

बच्चों को प्रेरित करना
बड़े हो रहे बच्चों को कहीं ना कहीं डायपर से परेशानी होती है इसलिए जब आपका बच्चा पॉटी सीट का उपयोग खुद करने लगे तो आप उसके इस कदम की सराहना करें और उसे बताएं कि उसने अच्छा काम किया है।

टॉयलेट को बनाएं आकर्षक
आपने बच्चे को टॉयलेट तक ले जाने के लिए आप ये भी कर सकते हैं कि आप अपने बाथरूम को स्टिकर और सितारों से सजाएं जिससे आकर्षित होकर बच्चा जितनी बार टायलेट जाए वहां वो पॉटी सीट का ही इस्तेमाल करे।

सुरक्षा का रखें ध्यान
कई बार पैरेंट्स पॉटी सीट को वॉशरूम में नल के नीचे रख देते हैं जिससे बच्चे को चोट लगने की संभावना रहती है, इसलिए आप इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप जब भी और जहां भी अपने बच्चे को पॉटी कराने के लिए सीट रखें तो वह खुले स्थान में होना चाहिए।

बच्चे को डांटे या डराये नहीं
बच्चों को पॉटी का प्रशिक्षण देते समय उन्हें आपके प्यार और नम्रता की जरुरत होती है क्योंकि कुछ बच्चे जब पॉटी सीट पर नहीं बैठते तो उनके पैरेंट्स उन्हें डांटते और धमकाते हैं लेकिन उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे डर जाते हैं और आगे से वो पॉटी सीट पर बैठने के लिए तैयार नहीं होते इसलिए बेहतर यही होगी की आप बच्चों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्यार से समझाएं

अपने बच्चे को बाहर जाने से पहले शौचालय का उपयोग करें
जब आपका बच्चा डायपर का प्रयोग करना बंद कर देता है तो आपके लिए बाहर जाने से पहले बच्चे को सू-सू, पॉटी कराना और भी जरूरी हो जाता है, हालांकि इस प्रक्रिया से आप थोड़ा राहत जरुर महसूस कर सकती है, लेकिन फिर भी आप बाहर जाते समय बच्चे के एक्स्ट्रा कपड़े भी बैग में रख लें जिससे जरुरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सकें।



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