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इन बातों से बचाएं बच्चों को यौन शोषण का शिकार होने से
बाल शोषण के बारे में अगर छोटी उम्र से अवेयर करना शुरू करें तो हम उनको इस अपराध का शिकार बनने से रोक सकते हैं। अभिभावकों के लिए ऐसे टिप्स लेकर आए हैं जिनके जरिए बच्चें अवेयर हो सकते हैं।
बाल शाेषण और दुर्व्यवहार के बारे में आएं दिन सुनते रहते हैं। ये अपराध का वो घिनोना रुप है जिसका शिकार मासूम और छोटे बच्चें होते हैं। हम बच्चों को बाल शोषण और चाइल्ड अब्यूजमेंट के बारे में अगर छोटी उम्र से सिखाना शुरू करें तो हम उनको इस अपराध का शिकार बनने से रोक सकते हैं। बच्चों को जितनी छोटी उम्र में किसी बात के बारे में सिखाया जाएं वो बाते उनके दिमाग में घर कर जाती है। इसलिए अगर छोटी उम्र से बच्चों अच्छे गलत के लिए अवेयर किया जाएं तो वो जल्दी अपने अच्छे बुरे की परख कर सकते हैं। ये मां बाप की जिम्मेदारी है कि वो अपने बच्चों को सही और गलत में फर्क करना सिखाएं। क्योंकि आप 24 घंटे बच्चों को अपनी निगरानी में नहीं रख सकते है।
एक उम्र बाद इंसान अपने साथ हो रही गलत हरकत को समझ पाता है लेकिन बच्चे जिन्हें कुछ भी समझ नहीं है... उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है, क्या हो रहा है... वे इसे ना तो समझ पाते है और ना ही किसी से कह पाते हैं। बस भीतरी तौर पर अवसाद ग्रस्त होते जाते हैं।
यहां माता-पिता की भी गलती होती है, वे अपने बच्चे की परेशानी की वजह समझने की जगह उसे परेशान करने लगते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी भूल बन जाती है जो उनकी संतान को मानसिक रूप से उनसे दूर कर देती है। चलिए आज हम ऐसे ही अभिभावकों के लिए ऐसे टिप्स लेकर आए हैं जो हर हाल में अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं। अगर आप वाकई चाहते हैं कि आपका बच्चा ऐसी किसी भी समस्या का सामना ना करे तो आपको कुछ बातें अवश्य ध्यान रखनी होंगी।

कम्यूनिकेशन गैप न हो
आपका और आपके बच्चे के बीच संवाद किसी भी रूप में कम नहीं होना चाहिए। आप भले ही वर्किंग लेडी हों, लेकिन आपकी प्राथमिकता आपकी संतान है। माता-पिता और बच्चे के बीच संवाद ना होना आने वाले संकट की पहली आहट है।

उनमें खुद को लेकर विश्वास जगाएं
अगर आप हर बात पर अपने बच्चे को डांटेंगे या डराएंगे तो वो कभी आपके साथ खुल नहीं पाएगा। आपको अपने बच्चे के मन में यह विश्वास पैदा करना होगा कि आप उसकी हर बात समझते हैं और उसके दोस्त हैं। इसके बाद ही वह आपसे अपनी हर बात शेयर कर पाएंगे।

गुड और बैड टच में अंतर
बच्चे को स्पर्श यानि की टच की परिभाषा समझाएं। गुड टच और बैड टच में क्या अंतर होता है, यह हर बच्चे को पता होना चाहिए।

बच्चों के हरकतों पर रखें नजर
आपको अपने बच्चे के व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। अगर आपका बच्चा कुछ हटकर हरकतें करता है, एकदम से शांत रहने लगा है, अचानक जिद्दी हो गया है या सिर्फ अपने तक ही सीमित रहता है, तो यह दर्शाता है कि वह आपसे कुछ छिपा रहा है और अपनी समस्या आपके सामने नहीं आने देना चाहता।

बनाइएं उसे दोस्त
अगर आपका बच्चा आपसे अपनी बात नहीं कह पाएगा तो दूसरा व्यक्ति बड़ी ही आसानी से उसे बहका सकता है। जिसके परिणामस्वरूप वह बाल शोषण का शिकार हो सकता है। आंकड़ों की मानें तो माता-पिता की यही गलती बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरा साबित होती है।

निजी शारीरिक अंगों की जानकारी दे
बच्चों को उनके यौनांगों और निजी शारीरिक अंगों के विषय से संबंधित जानकारी अवश्य दें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।

लिंगभेद के बारे में समझाएं
लड़कियों को उनके मासिक धर्म से संबंधित उचित जानकारी प्रदान करें और साथ ही लड़के और लड़की दोनों को, लिंग भेद के विषय में समझाएं। लड़कों को लड़कियों का सम्मान करना अवश्य सिखाएं।

अनजान लोगों से सावधान रहना सी
आपको अपने बच्चे को उन स्थितियों से भी परिचित करवाना चाहिए जो यौन अपराध का कारण बन सकती हैं। मसलन अंधेरे में जाने से बचना चाहिए, एकांत में किसी के साथ नहीं जाना चाहिए, किसी भी व्यक्ति से चॉकलेट या गिफ्ट नहीं लेना चाहिए और माता-पिता या भाई-बहन के अलावा अकेले किसी के भी साथ कहीं बाहर नहीं जाना चाहिए।

बच्चों को सर्तक रहना सीखाइएं
सबसे बड़ी बात जो आपको अपने बच्चे को समझानी चाहिए कि खतरा केवल बाहर के लोगों से ही नहीं है, घर के भीतर भी आप खतरे के दायरे में ही रहते हैं। इसलिए बच्चों को किसी पर भी विश्वास करने से पहले सोचना चाहिए और हर समय सतर्क रहना चाहिए।



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