संस्कार के अलावा इन चीज़ों की भी होनी चाहिए बच्चों को जानकारी

दुनियाभर में भारतीयों को उनके संस्‍कार, प्रेम और पारिवारिक मूल्‍यों के लिए जाना जाता है। हालांकि, आपको कभी ना कभी ये बात भी समझ आ ही जाती है कि ज़िंदगी में अकेले संस्‍कार ही काफी नहीं होते हैं।

आज हम आपको उन चीज़ों के बारे में बताने जा रहे हैं जो भारतीय माता-पिता को बचपन से ही अपने बच्‍चों को सिखाना चाहिए। उन्‍हें ये चीज़ें सिखाकर आप उन्‍हें ज़िंदगी में आने वाली परेशानियों के लिए तैयार कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि असल में माता-पिता को अपने बच्‍चों को क्‍या सीख देनी चाहिए।

टैक्‍स भरना सिखाएं

टैक्‍स भरना सिखाएं

उन्‍हें टैक्‍स फाइल करना सिखाएं ताकि वो आखिरी समय पर परेशान ना हों और हर साल 21 जुलाई से पहले ही अपना काम पूरा कर लें। पैरेंट्स और स्‍कूल दोनों ही बच्‍चों को टैक्‍स भरने के बारे में नहीं बताते हैं। अमूमन लोग सीए के पास जाकर टैक्‍स भरवाते हैं।

रसोई का काम सभी को करना चाहिए

रसोई का काम सभी को करना चाहिए

माता-पिता होने के नाते आपको अपने बच्‍चे को ये सिखाना चाहिए कि रसोई और घर का काम लड़के और लड़कियों दोनों को ही मिलकर करना चाहिए। कई परिवारों में बच्‍चों को घर के काम करना नहीं सिखाया जाता है क्‍योंकि इसे उनके विकास के लिए ज़रूरी नहीं समझा जाता है। उन्‍हें घर का काम सिखाकर आत्‍मनिर्भर बनाने की कोशिश करें।

यौन शिक्षा है ज़रूरी

यौन शिक्षा है ज़रूरी

बच्‍चों को सेक्‍स के बारे में सिखाना बहुत ज़रूरी होता है। आमतौर पर बच्‍चे पोर्न देखकर या अपने दोस्‍तों से इन चीज़ों के बारे में जानते हैं। ये उन्‍हें नुकसान पहुंचाता है क्‍योंकि वो इससे सेक्‍स को लेकर सहमति, गर्भनिरोधक और महत्वपूर्ण पहलुओं की मूल नैतिकता को नहीं जान पाते हैं।

बचत करना सिखाएं

बचत करना सिखाएं

बच्‍चों को कम उम्र से ही बचत और निवेश करना ज़रूर सिखाएं। अलग-अलग तरह से निवेश और बचत सिखाकर आप उन्‍हें भविष्‍य के लिए तैयार कर सकते हैं।

आत्‍मसुरक्षा सिखाएं

आत्‍मसुरक्षा सिखाएं

अपने बच्‍चे को छोटे कपड़े या रात को देर से आने पर टोकने की बजाय आत्‍मसुरक्षा की ट्रेनिंग दिलवाए। खुद को सुरक्षित रखने का गुर सीखने के बाद उनके आत्‍मविश्‍वास में भी बढ़ोत्तरी होगी।

अपनी बात को सही ढंग से पेश करना सिखाएं

अपनी बात को सही ढंग से पेश करना सिखाएं

आमतौर पर बच्‍चों को बड़ों की पीठ पीछे बात करने के लिए मना किया जाता है क्‍योंकि से संस्‍कारों के विरूद्ध माना जाता है। इसकी बजाय बच्‍चे को अपनी बात को खुलकर रखना सिखाएं। उन्‍हें बड़ों से प्‍यार और नम्रता से जवाब देना सिखाएं।

Story first published: Friday, August 31, 2018, 16:30 [IST]
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