Latest Updates
-
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर
मोटापा बच्चों को दिमागी रूप से बनाता है कमजोर! जानें बचाव का तरीका

मोटापा एक ऐसी बीमारी है जिससे लोगों को हार्ट से संबंधित समस्याएं, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। सिर्फ बड़ें ही नहीं बच्चों में भी लगातार बढ़ रहे मोटापे की समस्या उनके हेल्थ पर गलत असर डाल रही है। मोटापा बच्चों के मेंटल हेल्थ पर भी गलत प्रभाव डाल रही है। हाल ही में यूनाइटेड स्टेट्स में MRI टेस्ट के एक डाटा का उपयोग करके बच्चों के दिमाग के विकास और हेल्थ पर एक रिसर्च किया गया। जिसमें इस बात का खुलासा हुआ कि जो बच्चे मोटापे से ग्रास्त हैं उनका दिमाग अन्य बच्चों की तुलना में कमजोर पाया गया है।
सर्वे में यह बात भी सामने आई हैं, कि मोटापे का सीधा संबंध बैड ब्रेन हेल्थ से है। 9 से 10 साल के बच्चों पर की गई इस रिसर्च में कुल 11,878 बच्चों के डाटा की जांच की गई। जिसमें स्ट्रक्चरल MRI और रेस्टिंग स्टेट फंक्शनल MRI को एनालाइज किया गया। ताकि मोटापे के कारण ब्लड फ्लो में आने वाले बदलावों से ब्रेन की एक्टिविटी का पता लगाया जा सके।
शोधकर्ताओं ने सर्वे में पाया कि जिन बच्चों का वेट और BMI z-स्कोर ज्यादा है। उनके दिमाग में एनाटॉमिकल अब्नोर्मलिटीज हैं। शोध में कॉर्पस कैलोसम के सफेद पदार्थ में गिरावट भी पाई गई, जो बच्चे के दिमाग के दोनों हिस्सों के बीच की मुख्य लिंक का काम करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बचपन में इस तरह की कमियों के अल्टरेशनंस का इतने साफ तौर पर दिखना काफी हैरान करने वाला है। सर्वे के मुताबिक मोटापे का सीधा कनेक्शन आपके दिमाग के उन हिस्सों से है। जो कॉग्निटिव कंट्रोल, मोटिवेशन, डिसीजन मेकिंग में मदद करता हैं।
इस शोध के मुताबिक वजन और बढ़े हुए BMI का संबंध उन नकारात्मक प्रभावों से भी है, जो आपके मेंटल और फिजिकल दोनों हेल्थ पर पड़ता है। मोटापे से ग्रासित बच्चों के दिमाग का विकास बहुत धीरे होने लगता है।
बच्चों को मोटापे से बचाने के टिप्स
1. हेल्दी फूड डाइट में करें शामिल
कम उम्र से ही बच्चों की डाइट में हेल्दी फूड शामिल करना चाहिए। ऐसा करने से हेल्दी खाना खाने की उनकी आदत बन जाएगी। इसके लिए आपको भी उनके सामने हेल्दी फूड का सेवन करना होगा। आप बच्चे के लंच बॉक्स से लेकर उनके डिनर में हेल्दी और न्यूट्रिशन से भरपूर फूड्स शामिल करें। कम फेट की चीजों को अपने बच्चे की डाइट में जरूर शामिल करें।
2. बच्चे को पिलाएं ज्यादा पानी
बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए उन्हें भरपूर पानी पिलाएं। छोटे से लेकर बड़ों के लिए पानी बहुत जरूरी हैं, ऐसे में रोजाना 8 से 10 गिलास पानी खुद भी पीएं और बच्चों को भी पिलाएं। अगर बच्चा कही बाहर जा रहा है, या खेलने के लिए अपने दोस्तों के साथ जा रहा है, तो पानी की बोतल उनको जरूर दें। इससे बच्चों को पानी पीने की आदत लग जाएगी। और उन्हें बाहर की चीजें खाने की क्रेविंग भी नहीं होगी।
3. बच्चे में भरपूर नींद लेने की डालें आदत
बच्चों के हेल्थ के लिए पर्याप्त नींंद भी जरूरी होती है। नींद पूरी ना होने पर भूख लगने वाले हार्मोंस में बदलाव होने लगता है, जिसके कारण भूख बढ़ जाती है। इतना ही नहीं बच्चों में आलस भी बढ़ जाता है। जिसकी वजह से बच्चे कोई भी एक्टिविटी करना पसंद नहीं करते हैं। जिसके कारण उनमें मोटापे बढ़ने लगता है। इसलिए बच्चों को समय से सुलाने की कोशिश करें।



Click it and Unblock the Notifications
