बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद है ड्राई फ्रूट्स, लेकिन सही उम्र से देना करें शुरू

जैसे-जैसे शिशु की उम्र बढ़ती है, उसके खान-पान में भी बदलाव आता है। सिर्फ मां के दूध पर निर्भर रहने वाला शिशु धीरे-धीरे सॉलिड फूड लेना शुरू कर देते हैं। ऐसे में मां के लिए यह तय कर पाना काफी मुश्किल होता है कि वह सॉलिड फूड के रूप में उसे क्या दें और क्या नहीं। ड्राई फ्रूट्स को अपने पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है।

चूंकि शिशुओं का पेट छोटा होता है और पाचन तंत्र नाजुक होता है, इसलिए वे ज्यादा नहीं खाते हैं, और इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें जो भी भोजन दिया जाए वह पौष्टिक और उनके लिए सुरक्षित हो। सूखे मेवे या ड्राई फ्रूट्स में पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। लेकिन इन्हें अपने बच्चे के आहार में शामिल करने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले तो इसे सही उम्र में शुरू करना चाहिए और जब आप उन्हें ड्राई फ्रूट्स तो कुछ छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखें। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बता रहे हैं-

Know When You Can Give Dry Fruits To Babies in Hindi

क्या ड्राई फ्रूट्स शिशुओं के लिए सुरक्षित हैं?

ड्राई फ्रूट्स में मौजूद पोषक तत्व सेहत के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं, लेकिन जब शिशु को ड्राई फ्रूट्स देने की बात हो तो इसे उनके लिए पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। ड्राई फ्रूट्स को आप दूध या पानी में भिगोकर दे सकते हैं। भिगोने के बाद आप ड्राई फ्रूट्स को मैश करके और प्यूरी बनाकर दें। ध्यान रखें कि आप किसी भी ड्राई फ्रूट्स को छीलकर ही दें, ताकि शिशु को केई समस्या ना हो। आप ड्राई फ्रूट्स का चयन करते हुए भी सावधानी करें। ऐसे ड्राई फ्रूट्स का चयन ना करें, जो चीनी के साथ कोट किए गए हों। दरअसल, ऐसे ड्राई फ्रूट्स कैविटी का कारण बन सकते हैं।

बच्चों को ड्राई फ्रूट्स कब से देना शुरू करें

शिशु के स्वास्थ्य के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना काफी अच्छा माना जाता है। अगर आप भी अपने शिशु की डाइट में ड्राई फ्रूट्स को शामिल करना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि आप 7 से 9 महीने की उम्र के बीच इसे शुरू कर सकते हैं। इस समय तक आप शिशु को फिंगर फूड्स और अन्य सॉफ्ट फूड्स से परिचित करा चुकी होंगी। हालांकि, ड्राई फ्रूट्स देते समय इस बात का विशेष रूप से ख्याल रखें कि वे पाचन तंत्र पर भारी होते हैं, इसलिए यह सबसे अच्छा है कि आप पहले कुछ लाइट सॉलिड फूड्स देना शुरू कर दें। लेकिन किसी भी नए भोजन की तरह ड्राई फ्रूट्स को उनकी डाइट में शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टर से बात अवश्य करें।

इस बात का रखें ध्यान

यह संभव है कि शिशु को ड्राई फ्रूट्स के कारण एलर्जी की समस्या हो। इसलिए, इस बात का ध्यान रखें कि आप बच्चे को ड्राई फ्रूट्स देने के बाद 3 दिन तक अवश्य देखें कि उसे कोई एलर्जी तो नहीं हो रही है। यदि आपको विशेष रूप से ड्राई फ्रूट्स देने के बाद उसमें एलर्जी के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत ड्राई फ्रूट्स देना बंद कर दें।

शिशु को ड्राई फ्रूट्स देने के फायदे

अगर शिशु की डाइट में ड्राई फ्रूट्स को शामिल किया जाता है तो इससे कई उसे कई फायदे मिल सकते हैं। मसलन-
• ड्राई फ्रूट्स आयरन का एक समृद्ध स्रोत हैं, इसलिए, वे रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ावा देते हैं। हीमोग्लोबिन का स्तर शिशुओं में एनीमिया के खतरे को रोकता है।
• ड्राई फ्रूट्स शिशु के लिए ऊर्जा का स्त्रोत भी है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, जिंक, आयरन और अन्य मिनरल्स होते हैं, जो उन्हें ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखते हैं।
• शिशुओं को अक्सर कब्ज की समस्या होती है। लेकिन ड्राई फ्रूट्स में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है जो मल त्याग में मदद करेगा और कब्ज को रोकने में मदद करेगा।
• ड्राई फ्रूट्स में बहुत सारे प्रोबायोटिक्स या अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो शिशु के पाचन तंत्र को स्वस्थ रख सकते हैं।
• ड्राई फ्रूट्स में विटामिन ए और कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। विटामिन ए आपके बच्चे की आई हेल्थ को बनाए रखता है, जबकि कैल्शियम उसकी हड्डियों के विकास और रखरखाव में सहायता कर सकता है।
• ड्राई फ्रूट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो शिशुओं के मस्तिष्क के विकास में मदद कर सकता है।

Story first published: Sunday, June 18, 2023, 9:00 [IST]
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