Parenting Tips: अपनी बेटी से भूलकर भी न कहें ये बातें, आत्मविश्वास हो सकता है कमजोर

किसी के लिए भी पेरेंटिंग एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होता है। एक बार लाइफ में पेरेंटिंग की जिम्मेदारी मिलने के बाद कोई भी इससे भाग नहीं सकता है, लाइफटाइम ये चीज आपके साथ रहती है। ऐसे में कम उम्र में ही अपने बच्चे का बेस स्ट्रॉन्ग करना हर माता-पिता की जिम्मेदारी होती है।

एक बेहतर पेरेंटिंग में अपने बच्चे को जेंडर समानता सिखाना बहुत जरूरी होता है। खासकर एक गर्ल चाइल्ड के लिए, जिसका सावधानी और धैर्य के साथ पालन-पोषण करना चाहिए। ऐसे में अपनी बढ़ती बच्ची से आप ऐसी बातें बोलने से बचें, जिससे उनका आत्मविश्वास कम हो। आइए आपको बताते हैं वो कौन सी बातें है जिसे हर पेरेंट्स अपनी बेटी से नहीं कहना चाहिए।

Parenting Tips

1. "सभ्य लड़कियां देर रात तक बाहर नहीं रहती"

अपनी बेटी को कभी ये मत कहें कि लड़कियां देर रात तक घर के बाहर नहीं रहती है। भले ही इसके पीछे आपकी केयर छिपी हो, लेकिन आपका ऐसा कहना आपके बेटी के मन में लड़की-लड़का वाला भेदभाव उत्पन्न हो सकता है। आप उसे देर रात तक घर से बाहर रहने के खतरों के बारे में बताएं। न सिर्फ अपनी बेटी बल्कि अपने बेटे को भी देर रात तक घर के बाहर रहने पर रोक लगाएं।

2. "यह लड़कियों का काम नहीं है"

अपनी बेटी के सामने लिंग के आधार पर काम को न बांटे। हर व्यक्ति को अपनी पसंद के करियर को आगे बढ़ाने का मौका मिलना चाहिए। ऐसे में आप अपनी बेटी को यह सीख दें कि लड़की या लड़के के काम बंटे नहीं हैं। उन्हें जो करना है अपने दिल से करें। उन्हें जेंडर समानता को समझाने की कोशिश करें।

3. "लड़कियां जोर से नहीं हंसती"

हमारे समाज में पुरुषों के ठहके लगाकर हंसने पर किसी तरह की पबंदी नहीं है, लेकिन वहीं अगर लड़की खुलकर हंसने की कोशिश करती हैं, तो सबसे पहले उनके पेरेंट्स ही उन्हें खुलकर हंसने से रोकते हैं। लेकिन आप ऐसा न करें। अपनी बेटी को एक्सप्रेसिव होने दें और दिल खोलकर अपनी खुशी जाहिर करने दें।

4. "यह तुमसे नहीं हो पाएगा"

हम अक्सर लड़की और लड़के के कामों को बांट देते हैं। लड़कियों को अक्सर यह सुनने को मिलता है कि यह काम तुमसे नहीं हो पाएगा। ऐसे में आप अपनी बेटी को यह कभी न कहें कि तुमसे यह नहीं हो पाएगा। इस बात को कहने से आप खुद अपनी बेटी की उम्मीदों को कुचलने का काम करते हैं।

5. "तुम लड़के की तरह दिखती हो"

कई लड़कियों को मेकअप करना या शॉर्ट ड्रेसेस पहनना पसंद नहीं होता है। ऐसी लड़कियों को समाज में टोप बॉय के नाम से जाना जाता है। अगर आपकी बेटी भी टॉप बॉय की तरह रहती है तो आप उसे उसकी पसंद के कपड़े पहनने दें, छोटे बाल रखने दें। उसे उसकी जिंदगी उसके अनुसार ही जीने दें।

6. "लड़कियों को चुप रहना चाहिए"

हर भारतीय माता-पिता अपनी बेटियों को यह सीख देते हैं, कि उन्हें चुप रहना चाहिए जो किसी भी लड़की को जेंडर इक्वेलिटी का फर्क बताने के लिए काफी है। बल्कि आपको हमेशा अपनी बेटी से अपने मन की बात खुलकर कहने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

7. "यू आर टू यंग फॉर दैट"

हमारे समाज में एक लड़की खुद के लिए कोई भी निर्णय लेने के लिए बहुत छोटी होती है। भले ही शादी के लिए उसकी उम्र निकल रही हो। ऐसे में आप अपनी बेटी को कभी यह एहसास न होने दें कि आप उन्हें कम समझदार समझते हैं। अपनी समस्याएं उन्हें बताएं, उनसे अपनी बातें शेयर करें। घर की समस्याओं या किसी फैसले को लेने के लिए उनकी राय भी जरूर लें। ऐसा करने से उनका आत्मसम्मान बढ़ेगा।

8. "तुम मोटी हो रही हो"

हमारे समाज में लड़कियों के लिए एक मॉडल की छवि वाला फिगर लोगों के सामने है। उनके अनुसार सुंदर लड़की वहीं है जो अपने फिगर को मेंटेन करके रखें। लेकिन आप ऐसा न करें। अपनी बेटी को उसके हिसाब से अपनी लाइफ जीने दें। अपना मन का खाना खाने दें। उनके फिगर को लेकर कभी भी गलत कमेंट न करें, जिससे उनका कॉन्फिडेंश डाउन हो।

( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )

Story first published: Tuesday, March 21, 2023, 17:00 [IST]
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