प्रसव के बाद कैसे पहने साड़ी?

प्रसव के बाद किसी भी महिला को साड़ी पहननी ही पड़ जाती है। चाहे घर पर कोई तीज-त्‍योहार पड़े या फिर कोई भी पार्टी, हमारी भारतीय परमपरा और संस्‍कृति में साड़ी का बहुत मोल है। इसलिए साड़ी पहनना तो हम छोड़ ही नहीं सकते। अगर आप की नई-नई डिलीवरी हुई है और आपको साड़ी पहननी पड़ रही है, तो घबराइये नहीं। आज हम आपको कुछ आसान से तरीके बताएंगे, जिससे साड़ी को बड़ी ही सावधानी के साथ पहना जा सकता है।

साड़ी पहनने के लिए खास टिप्‍स-

1. कभी भी पेटीकोट को कस कर न बांधे। भले ही आपका सामान्‍य प्रसव हुआ हो या फिर सी सेक्‍शन, आपको अपने का ध्‍यान रखना बहुत जरुरी है। आपके पेट और पूडू की मासपेशियां कई भंयकर दौर से गुजर चुकी हैं इसललिए उन पर कस कर दबाव न डालें। पेटीकोट को ढीला बांधे और आराम महसूस करें।

2. अगर आप का सीजेरियन हुआ है, तो साडी को टांके के ऊपर से बांधे। अगर आप भारी साड़ी बांधेगी तो साड़ी का भार नीचे की ओर सरकेगा और आपके टांके निकल सकते हैं।

3. हमेशा एक हल्‍की साड़ी पहने, जो कि कॉटन की हो। कॉटन की साड़ी को अपनी कमर पर हल्‍का बाधें। इससे पैर पर भी बिल्‍कुल भार नहीं पड़ता और चलने-फिरने, उठने-बैठने में भी आसानी होती है।

5. भारी और मोटे बॉर्डर वाली साड़ी को नजरअंदाज करें। अगर साड़ी जरी बॉर्डर की है तो आप उसे बांधते वक्‍त अपने पेट को चोट पहुंचा सकती हैं। साड़ी के बॉर्डर तारों से बने होते हैं, जो पेट पर पड़े टांको को खरोच पहुंचा सकते हैं। यह नुक्‍सानदायक और दर्द भरा हो सकता है, इसलिए हमेशा प्‍लेन साड़ी का ही चुनाव करें।

6. आप जिस तरह से अपनी साड़ी को बांधती हैं, वह भी शरीर पर असर डालता है। ऐसी बहुत सी स्‍टाइल हैं, जो आपकी कमर पर कम वजन डाल सकती है। अगर आप बंगाली स्‍टाइल में साड़ी बांधे तो वेस्‍ट पर लोड कम हो जाएगा। इसमें प्‍लेट्स नहीं पड़ती और दो पल्‍लू होते हैं, जिससे कंधे पर भार आता है, न की कमर पर।

Story first published: Monday, April 23, 2012, 12:59 [IST]
Desktop Bottom Promotion