प्रसव के बाद ऑफिस का काम

प्रसव के बाद डॉक्‍टर हमेशा महिलाओं को एक या दो हफ्तों के लिये आराम करने को बोलते हैं। अगर नई मां के स्‍वास्‍थ्‍य में जल्‍द सुधार देखने को मिलने लगे तभी डॉक्‍टर उसे दुबारा काम पर जाने की सलाह देते हैं। अगर आपके मन में भी इस बात को ले कर शंका है तो पढिये हमारा यह लेख और जानिये कि प्रसव के बाद ऑफिस का काम करने और ना करने के क्‍या फायदे और क्‍या नुकसान हैं।

Working After Delivery

तुरंत डिलवरी के बाद काम करने के फायदे और नुकसान

मटर्निटी लीव जररुरी है- डिलवरी के बाद नई मां को अपने बच्‍चे के साथ रखना बहुत जरुरी होता है। ब्रेस्‍टफीडिंग और यह दोनों ही बहुत जरुरी बाते हैं जिसे महिला कभी भी अनदेखा नहीं कर सकती। महिलाओं को ऑफिस से 2-3 महीने की मटर्निटी लीव मिलती है जिससे वह खुद का स्‍वास्‍थ्‍य ठीक कर के वापस काम पर लौट सके। यदि आप घर से भी काम करती हैं तो भी वह आपके लिये बिल्‍कुल भी बुरा नहीं होगा।

6 महीने का ब्रेक- स्त्रीरोग विशेषज्ञ की माने तो महिलाओं को प्रसव के बाद 6 महीने का रेस्‍ट करना जरुरी होता है। अगर डिलवरी ऑपरेशन से हुइ है तो सही होने में कुछ दिनों का समय लगता है। अगर महिला अधिक काम काज करती है या फिर लापरवाही से चलती है तो उसके पेट में लगे टांके खुल सकते हैं।

तनाव- अगर आप प्रसव के बाद काम करना शुरु कर देंगी तो काम का प्रेशर आपको तनाव लेने पर मजबूर कर देगा। यह नई मां के शरीर पर बहुत ही भयंकर प्रभाव डालता है क्‍योंकि प्रसव के बाद महिला का शरीर कमजोर पड़ चुका होता है। इस दौरान महिला को अच्‍छे से खाना चाहिये और बिना वर्क लोड लिये हुए काम करना चाहिये।

स्‍तनपान- शिशु को दुध पिलाने के लिये आपको अपने घर पर ही रहना चाहिये और घर बैठे ही ऑफिस का काम करना चाहिये। फॉर्मूला शिशु को जल्‍द हजम नहीं होता इसलिये उसे मां का ही दूध पिलाएं। अगर आप बच्‍चे को दूध नहीं पिलाएंगी तो ब्रेस्‍ट कैंसर होने का खतरा बढ जाएगा।

लंबे समय तक कार्य ना करें- यदि आप डिलवरी के तुरंत बाद काम करती हैं तो ज्‍यादा घंटो तक काम ना करने की कोशिश करें। आपके शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य होने की जरुरत है तो ऐसे में जब तक 4-6 महीने ना हो जाएं तब तक लंबे समय तक कार्य ना करें।

Story first published: Monday, October 8, 2012, 15:08 [IST]
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