शतावरी - स्‍तनपान कराने वाले मां के लिए रामबाण

जो महिलाएं शताबरी कैप्‍सूल लेती हैं उनके शरीर में प्राेलैक्टिन हारमोन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ये वही हारमोन है जो माताओं में स्‍तनपान की प्रक्रिया को सामान्‍य बना देता है।

By Staff

जैसाकि हम सभी जानते हैं नवजात शिशुओं के लिए स्‍तनपान करना कितना आवश्‍यक होता है। हाल ही में डब्‍ल्‍यूएचओ ने माताओं को अनुशंसित किया है कि वो अपनी संतानों को शुरूआती 6 महीनों तक स्‍तनपान अवश्‍य करवाएं। हालांकि कई मांओं को इसमें काफी दिक्‍कत आती है क्‍योंकि उन्‍हें दूध बनता ही नहीं है।

ऐसे में वो काफी ट्रीटमेंट भी लेती हैं लेकिन कुछेक को ही आराम मिलता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप एक प्रकार की हर्ब का इस्‍तेमाल करें। जी हां ये हर्ब बहुत अच्‍छी होती है जिसके सेवन से महिला के स्‍तनों में दुग्‍ध की मात्रा बढ़ जाती है।

इस हर्ब का नाम शताबरी है जिसमें स्‍टेरॉयड सेपोनिन्‍स होता है जो दुध के उत्‍पादन को बढ़ा देता है। इसके निम्‍नलिखित गुण होते हैं:

 Shatavari – a wonder herb for breastfeeding mothers

यह भ्रूण के पोषण की पूर्ति करता है और गर्भपात होने से रोकता है। इसके अलावा, इसे लेने के दौरान आपको अपनी खुराक और पानी पीने में भी वृद्धि करनी होगी।

एक ईरानी जर्नल में प्रकाशित हुआ है कि यह हर्ब, नई माताओं में लैक्टिंग प्रक्रिया को बहुत बढ़ा देती है। इसके लिए एक प्रयोग भी हुआ और 60 मिग्रा. हर्ब को 70 महिलाओं को देकर परीक्षण भी किया गया। जिसके बाद उनके स्‍तनों में बनने वाले दूध की जांच की गई। इस दौरान तीस दिनों में तीन कैप्‍सूल दिए गए।

जो महिलाएं शताबरी कैप्‍सूल लेती हैं उनके शरीर में प्राेलैक्टिन हारमोन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ये वही हारमोन है जो माताओं में स्‍तनपान की प्रक्रिया को सामान्‍य बना देता है।

इस हर्ब का सेवन करने के बाद, मां और बच्‍चे दोनों के ही शरीर का वजन थोड़ा बढ़ जाता है। इस हर्ब के सेवन से जब मां को दूूध बनने लगता है तो उसके और बच्‍चे के बीच एक अलग सा बंधन हो जाता है।

साथ ही रिसर्च में यह भी बताया गया है कि ये दवाईयां पूरी तरह से सुरक्षित और नॉन टॉक्सिक हैं। इसके सेवन से मां और बच्‍चे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आयुर्वेद में इसे लेने की सलाह दी जाती है।

Story first published: Friday, June 30, 2017, 16:00 [IST]
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