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खतरनाक है सीनियर डॉक्टर की अनुपस्थिति में प्रसव

वेबसाइट 'टेलीग्राफ डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक शोधकर्ताओं ने करीब 20 साल के दौरान 10 लाख शिशु जन्मों का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन बच्चों का सोमवार से शुक्रवार तक काम के सामान्य घंटों नौ से पांच के अलावा किसी और समय जन्म हुआ उनमें से 70 प्रतिशत बच्चों की मौत हो गई।
इन बच्चों की मौत का मुख्य कारण ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा न मिलना था। काम के सामान्य घंटों के अलावा अन्य समय में वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी कम होती है और इस वजह से बच्चों की परेशानी पहचानकर उनका तुरंत इलाज नहीं हो पाता है।
शोध में यह भी पाया गया है कि सप्ताहांत में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के मरने की आशंका ज्यादा होती है। काम के सामान्य घंटों के अलावा अन्य समय में जन्म लेने वाले प्रति चार शिशुओं में से एक की ऑक्सीजन की कमी के चलते मृत्यु हो जाती है।
शोधकर्ता गॉर्डन स्मिथ के मुताबिक अस्पतालों में काम के निर्धारित घंटों के अतिरिक्त समय में शिशुओं को जन्म देने वाली महिलाओं के लिए प्रसव के दौरान चिकित्सकीय देखभाल बढ़ाकर शिशुओं की मौत की संख्या कम की जा सकती है।



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